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Una News: जंगल की आग से मधुमिक्खयों के 50 डिब्बे जले
Mon, 20 May 2024 02:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 20 May 2024 02:40 AM IST
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बंगाणा क्षेत्र में आग से जले मधुमक्खी पालन के डिब्बे। संवाद
मधुमक्खी पालक ने व्यवसाय के लिए ले रखा है लोन, घटना में डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल के जंगलों में आग की घटनाओं ने लोगों को डरा रखा है। बंगाणा क्षेत्र के लगभग सारे जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। कहीं न कहीं कुछ लोग अपने हित के लिए इन सारी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इन घटनाओं में कई लोगों के घर तक जल गए और कई जीव-जंतु भी नष्ट हो गए।
उपमंडल बंगाणा के मलांगड़ पंचायत के अमरेहड़ा में रविवार शाम को करीब तीन बजे के बाद मधुमक्खी पालक की ओर से रखे मधुमिक्खयों के करीब 50 डिब्बे आग की भेंट चढ़ गए। इसमें करीब डेढ़ से दो लाख तक के नुकसान का अनुमान है।
मधुमक्खी पालक धूनी चंद ने बताया कि वे इस व्यवसाय को अपने स्तर पर करते हैं, लेकिन आग लगने की घटना से सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं। उन्होंने बताया कि एक साल पहले इस कार्य के लिए बैंक से ऋण भी लिया है, जो अभी भरने की उम्मीद थी। स्थानीय वार्ड सदस्य डॉ. अमर चंद शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि नुकसान का आकलन अभी मुश्किल है, लेकिन डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान हो सकता है। उन्होंने लोगों से जंगलों में आग न लगाने की अपील की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल के जंगलों में आग की घटनाओं ने लोगों को डरा रखा है। बंगाणा क्षेत्र के लगभग सारे जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। कहीं न कहीं कुछ लोग अपने हित के लिए इन सारी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इन घटनाओं में कई लोगों के घर तक जल गए और कई जीव-जंतु भी नष्ट हो गए।
उपमंडल बंगाणा के मलांगड़ पंचायत के अमरेहड़ा में रविवार शाम को करीब तीन बजे के बाद मधुमक्खी पालक की ओर से रखे मधुमिक्खयों के करीब 50 डिब्बे आग की भेंट चढ़ गए। इसमें करीब डेढ़ से दो लाख तक के नुकसान का अनुमान है।
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मधुमक्खी पालक धूनी चंद ने बताया कि वे इस व्यवसाय को अपने स्तर पर करते हैं, लेकिन आग लगने की घटना से सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं। उन्होंने बताया कि एक साल पहले इस कार्य के लिए बैंक से ऋण भी लिया है, जो अभी भरने की उम्मीद थी। स्थानीय वार्ड सदस्य डॉ. अमर चंद शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि नुकसान का आकलन अभी मुश्किल है, लेकिन डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान हो सकता है। उन्होंने लोगों से जंगलों में आग न लगाने की अपील की।

बंगाणा क्षेत्र में आग से जले मधुमक्खी पालन के डिब्बे। संवाद
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