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हरि भजनों के जयघोष से गूंजा रामलीला मैदान
Updated Fri, 11 May 2018 10:45 PM IST
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- फोटो : amar ujala.
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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना।
रामलीला ग्राउंड में श्री बाबा रुद्रानंद सेवा समिति के तत्वावधान में आध्यात्मिक सम्मेलन के पहले दिन रुद्रानंद आश्रम के अधिष्ठाता सुग्रीवानंद महाराज ने ध्यान से नारायण को पाने की विधि बताई। उन्होंने कहा कि हमें अपने को सुधारने के लिए परमेश्वर की शरण में जाना है। इसके लिए जरूरत ध्यान लगाने की है।
उन्होंने कहा कि परमेश्वर यानी परमतत्व सभी के दिल में छिपा रहता है। जिससे दिल में चेतन पैदा होता है। जब जीव ने दिल से निकल कर जाना है, तभी चेतन बाहर चली जाती है। उन्होंने कहा कि जिस शक्ति को मनुष्य मान रहे हैं। नारायण उसकी इच्छा पूरी करने के लिए उसी रूप में खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को साधना करते इतना समय हो जाता है, वो चाहता है कि उसका जन्म मरण न हो। उन्होंने कहा कि जन्म-मरण के लिए हमें उस परमतत्व की शरण में जाना पड़ेगा। गीता में उल्लेख है कि जो मनुष्य जिस शक्ति की आराधना करता है और उसमें पूरी आस्था रखता है। जब मनुष्य की उसके प्रति इच्छाएं बढ़ जाती हैं, तो परमेश्वर वहां प्रकट हो जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि जो अवतार होता है, वो भी परमेश्वर होता है। जो अव्यक्त है, वो भी परमेश्वर है। लेकिन किसी ने आज तक परमेश्वर का स्वरूप नहीं देखा है। हमें अपने को सुधारने के लिए परमेश्वर की शरण में जाना है। इसके लिए जरूरत ध्यान लगाने की है। सुग्रीवानंद महाराज ने कहा कि साधना के लिए मनुष्य के शरीर में पांच स्थान हैं। इनसे से हमें किसी एक जगह का ध्यान करना होगा। पहला नाभि से ध्यान के समय परमेश्वर का स्वरूप स्थिर किया जा सकता है। दूसरा दिल है, जहां भी परमेश्वर रहते हैं। तीसरा नाक के ऊपर का हिस्सा, जो दिखाई ना दे। चौथा भृकुटि और पांचवां तालू है, जिससे ध्यान किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान अमरनाथ शर्मा की मंडली ने हरि भजनों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबोया। इस दौरान अखंड धूने की जय के जयकारे गूंजते रहे।
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सुबह झंडा चढ़ाने के रस्म अदा की गई। इसमें एसडीएम विनय मोदी और डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक वर्मा ने हिस्सा लिया। प्रवचनों के उपरांत श्रद्धालुओं ने लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर सुग्रीवानंद महाराज के शिष्य हेमानंद, तिलकराज शास्त्री, सुरेंद्र शास्त्री, प्रो. शिव कुमार शर्मा, अरुण शर्मा, सोमनाथ सर्राफ, अजय जगोता, अनिल वशिष्ठ, सोमनाथ कौशल, अमृतलाल भारद्वाज, हरिओम गुप्ता, साहिल सेखड़ी, जेपी शर्मा, धर्मपाल शर्मा, गुरदास राम सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।