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पापा मुझे क्यों नहीं दिया गया लैपटॉप...?
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:32 PM IST
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पापा मुझे क्यों नहीं दिया गया लैपटॉप
46 फीसदी अंक लेने पर लैपटॉप, 86 पर ठेंगा
स्कूलों में भी सवर्ण जाति के विद्यार्थियों से भेदभाव
पूर्व जिप सदस्य अविनाश मैनन ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
मैहतपुर (ऊना)। जिला परिषद के पूर्व सदस्य एवं मैहतपुर ट्रक यूनियन के मौजूदा अध्यक्ष अविनाश मैनन ने बुधवार को खुलासा करते हुए कहा कि सवर्ण जाति की इस कद्र अनदेखी हो रही है कि सवर्णों के बच्चे जो 86 फीसदी अंक लेकर आते हैं, उन्हें सरकार ठेंगा दिखा रही है और दूसरे वर्ग के बच्चों को महज 46 फीसदी अंक लेने पर ही सरकारें लैपटॉप बांट रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अनदेखी से समाज को किस दिशा में सियासी पार्टियां लेकर जा रही हैं, यह देखकर पीड़ा होती है। जिप के पूर्व सदस्य ने बड़ी साफगोई से कहा कि वह भी एक सियासी पार्टी से जुड़े हुए हैं, लेकिन उनकी पार्टी के भी बड़े नेताओं को उन्होंने कभी सवर्णों के लिए किसी योजना पर बात करते नहीं सुना और न ही कोई योजना सवर्णों के लिए लागू हुई देखी गई है। उन्होंने कहा कि सवर्णों के योग्य बच्चे घर आकर बड़ी मासूमियत से सवाल पूछते हैं कि पापा मुझे लैपटॉप क्यों नहीं मिला? मेरे अंक तो दूसरे सहपाठी से ज्यादा आए हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावक भी सरकारी नीतियों पर मूक बनकर रह जाते हैं। मैनन से सवाल उठाया कि जिस वर्ग के उत्थान के लिए सरकारें पिछले 70 सालों से लगी हुई हैं, आखिर उनका उत्थान कब तक होगा, यह समझ नहीं आ रहा। परशुराम जयंती कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद मैनन ने सवर्णों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि जिस प्रकार आज परशुराम जयंती को ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज ने मिलकर मनाया है, उसी प्रकार 16 जून को महाराणा प्रताप जयंती भी सब वर्गों को मिलकर धूमधाम से मनानी चाहिए।
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46 फीसदी अंक लेने पर लैपटॉप, 86 पर ठेंगा
स्कूलों में भी सवर्ण जाति के विद्यार्थियों से भेदभाव
पूर्व जिप सदस्य अविनाश मैनन ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
मैहतपुर (ऊना)। जिला परिषद के पूर्व सदस्य एवं मैहतपुर ट्रक यूनियन के मौजूदा अध्यक्ष अविनाश मैनन ने बुधवार को खुलासा करते हुए कहा कि सवर्ण जाति की इस कद्र अनदेखी हो रही है कि सवर्णों के बच्चे जो 86 फीसदी अंक लेकर आते हैं, उन्हें सरकार ठेंगा दिखा रही है और दूसरे वर्ग के बच्चों को महज 46 फीसदी अंक लेने पर ही सरकारें लैपटॉप बांट रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अनदेखी से समाज को किस दिशा में सियासी पार्टियां लेकर जा रही हैं, यह देखकर पीड़ा होती है। जिप के पूर्व सदस्य ने बड़ी साफगोई से कहा कि वह भी एक सियासी पार्टी से जुड़े हुए हैं, लेकिन उनकी पार्टी के भी बड़े नेताओं को उन्होंने कभी सवर्णों के लिए किसी योजना पर बात करते नहीं सुना और न ही कोई योजना सवर्णों के लिए लागू हुई देखी गई है। उन्होंने कहा कि सवर्णों के योग्य बच्चे घर आकर बड़ी मासूमियत से सवाल पूछते हैं कि पापा मुझे लैपटॉप क्यों नहीं मिला? मेरे अंक तो दूसरे सहपाठी से ज्यादा आए हैं। ऐसे बच्चों के अभिभावक भी सरकारी नीतियों पर मूक बनकर रह जाते हैं। मैनन से सवाल उठाया कि जिस वर्ग के उत्थान के लिए सरकारें पिछले 70 सालों से लगी हुई हैं, आखिर उनका उत्थान कब तक होगा, यह समझ नहीं आ रहा। परशुराम जयंती कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद मैनन ने सवर्णों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि जिस प्रकार आज परशुराम जयंती को ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज ने मिलकर मनाया है, उसी प्रकार 16 जून को महाराणा प्रताप जयंती भी सब वर्गों को मिलकर धूमधाम से मनानी चाहिए।