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बिना धोती-कुर्ता पहने पूजा करवाई तो होगी कार्रवाई
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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भरवाईं (ऊना)।
उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर में पुजारियों के लिए धोती कुर्ता ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया हैं। नियमों की अवहेलना पर बारीदार सभा कड़ी कार्रवाई करेगा। पुजारी बारीदार सभा के अध्यक्ष रविंद्र छिंदा ने कहा कि बारीदार सभा और मंदिर प्रशासन ने गर्भ गृह में जुराबें पहनकर जाने पर भी पूर्णतया रोक लगा दी। वहीं ड्रेस कोड भी अनिवार्य किया गया है।
चिंतपूर्णी मंदिर के गर्भ गृह में अब वही पुजारी श्रद्धालुओं की पुजा अर्चना करवाएंगे जो परंपरागत धोती-कुर्ता पहन कर आएंगे। इससे पहले कई पंडित नियमों की अनदेखी कर कुर्ता-पाजामा पहनकर श्रद्धालुओं से पूजा-अर्चना करवाते थे। इस पर बारीदार सभा ने कड़ा संज्ञान लिया है। बारीदार सभा के अध्यक्ष रविंद्र छिंदा ने गत रोज मंदिर के सभी पुजारियों के साथ बैठक की। बैठक में बारीदार सभा के अध्यक्ष रविंद्र छिंदा, उपाध्यक्ष विनोद कालिया सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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गर्भगृह में जुराबें पहनकर जाने पर लगाई पूर्णतया रोक
बारीदार सभा ने गर्भ ग्रह की पवित्रता को देखते हुए उसमें जुराबें पहनकर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। सभा के अध्यक्ष ने बताया कि सभी पुजारियों को हिदायत दे दी गई है कि जो नियमों की अवहेलना करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
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मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा ने बताया कि सभी पुजारियों को धोती-कुर्ता पहन कर पूजा-अर्चना करवाने के निर्देश दिए गए हैं।