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Una News: कैलाशनगर में पंचायत में मिलीं सरकारी सीमेंट की 38 बोरियां
Sun, 02 Aug 2026 12:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:37 AM IST
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ग्राम पंचायत कैलाशनगर में बंद कमरे में मिली सरकारी सीमेंट की बोरियों का दृश्य। संवाद
घनारी (ऊना)। गगरेट विकास खंड की ग्राम पंचायत कैलाशनगर में सरकारी संपत्ति की बदहाली का ऐसा मामला सामने आया है जिसने पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंचायत भवन से सटे वर्षों से बंद पड़े एक कमरे का ताला खुलते ही सरकारी निगरानी व्यवस्था की पोल खुल गई। कमरे के भीतर सरकारी धन से खरीदी गई 38 सीमेंट की बोरियां पूरी तरह खराब होकर पत्थर बन चुकी थीं। वर्षों तक बंद कमरे में पड़ी रहने के कारण यह सामग्री अब किसी भी निर्माण कार्य के योग्य नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव में लंबे समय से इस कमरे में सरकारी सामान पड़े होने की चर्चाएं थीं। नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने जब पंचायत भवन की सफाई के दौरान कमरे का ताला खुलवाया तो भीतर सरकारी धन से खरीदी गई सामग्री धूल, नमी और लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी थी। पंचायत प्रधान ने बताया कि प्रथम दृष्टया सीमेंट की बोरियां काफी समय से कमरे में पड़ी थीं। इन्हें किस योजना के तहत खरीदा गया, किस निर्माण कार्य के लिए रखा गया और वर्षों तक उपयोग क्यों नहीं किया गया, इसका स्पष्ट जवाब संबंधित पंचायत सचिव और उस समय जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को देना चाहिए। संदीप, राजीव, हैप्पी, रिंकू आदि का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने समय समय पर स्टॉक का निरीक्षण किया होता तो आज सरकारी धन की यह बर्बादी देखने को नहीं मिलती। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर इन 38 सीमेंट की बोरियों की खरीद कब हुई, किस योजना के तहत हुई, उपयोग क्यों नहीं किया गया कारण सार्वजनिक किए जाएं।
बीडीओ गगरेट सुरिंद्र जेटली ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जानकारी प्राप्त करने के बाद आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
वहीं जिला पंचायत अधिकारी ऊना श्रवण कुमार ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। उन्होंने कहा कि खंड विकास अधिकारी को जांच के निर्देश देकर मामले की जांच की जाएगी।
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बीडीओ गगरेट सुरिंद्र जेटली ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जानकारी प्राप्त करने के बाद आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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वहीं जिला पंचायत अधिकारी ऊना श्रवण कुमार ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। उन्होंने कहा कि खंड विकास अधिकारी को जांच के निर्देश देकर मामले की जांच की जाएगी।
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