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सिक्कों की खनक में जान का सौदा

Fri, 27 Oct 2017 11:10 PM IST
Updated Fri, 27 Oct 2017 11:10 PM IST
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सिक्कों की खनक में जान का सौदा
- फोटो : अमर उजाला
रविंद्र कुमार
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ऊना।
चंद सिक्कों की खनक के आगे इंसान की जान की कोई अहमियत नहीं। जिला में सरकारी और निजी बसों में ओवरलोडिंग कर हादसों को दिए जा रहे न्योते को देखकर ऐसा कहना गलत नहीं होगा। सरेआम बसों में यात्रियों की ओवरलोडिंग हो रही है। यात्रियों को बसों में ठूस-ठूस कर भरा जा रहा है। आलम यह है कि बसों में तिल धरने की जगह नहीं होती। कुछ रूट पर इतनी बुरी हालत है कि यात्री बसों की खिड़कियों पर लटक कर अपना सफर कर रहे हैं। सवाल यह है कि ऐसे में होने वाली अप्रिय घटनाओं की जिम्मेवारी किसकी होगी।

ऊना से संतोषगढ़ वाया रामपुर, जनकौर से होकर जाने वाले बसों में यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के चलते नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। अमर उजाला टीम ने जब सुबह पुराना बस स्टैंड के समीप निरीक्षण किया तो देखा कि एचआरटीसी बसों के परिचालक खुद ही यात्रियों को बसों के अंदर धकेल रहे थे। संतोषगढ़ जाने के लिए एक बस रुकी। बस में पहले से खचाखच भरी थी। इसके बावजूद परिचालक बस के आगे खड़ा होकर यात्रियों को आवाज दे रहा है। तभी दर्जनों यात्रियों ने बस में चढ़ना शुरू कर दिया।
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बस परिचालक ने भी उनको दरवाजे पर लटकने से मना नहीं किया। आलम यह था कि यात्री बसों के दरवाजों पर लटक कर जा रहे थे। हालांकि एचआरटीसी की लो फ्लोर बसों में ऑटोमेटिक दरवाजे लगाए गए हैं। सवारियां भरने के बाद ये दरवाजे बंद होने के बाद ही बसों को आगे चलने के निर्देश हैं। लेकिन, यहां पर इसके विपरीत देखने को मिला। बसों के दरवाजों पर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने भी लटकने में कोई कसर नहीं छोड़ी। महिलाएं भी दरवाजों पर लटकती नजर आईं। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं दिखा।
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पुलिस कर्मी भी मौके पर मूक दर्शकों की तरह सब नजारा देखते रहे। बस में सवार एक यात्री ने बताया कि ऊना-संतोषगढ़ वाया रामपुर-जनकौर के लिए कम बस सेवा है। इससे उनको मजबूरन एक ही बस में चढ़ना पड़ता है। स्थानीय बस अड्डे में जब हमारी टीम लगभग साढ़े तीन बजे के करीब पहुंची तो एक अन्य निजी बस धमांदरी जाने के लिए तैयार खड़ी थी जिसमें यात्री और स्कूली छात्र खिड़कियों में लटके थे। लोगों की सुरक्षा के लिए यातायात नियम तो अवश्य बनाए गए हैं लेकिन पैसों के लिए सरेआम नियमों का गला घोंटा जा रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी
एसपी संजीव गांधी का कहना है कि ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों और परिचालकों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूल लगने और छुट्टी के समय प्रमुख स्कूलों के पास पुलिस कर्मी तैनात किए जाएंगे। यदि कोई नियमों की अवहेलना करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


क्या कहते हैं आरएम
आरएम ऊना संजीव वशिष्ठ ने कहा कि इस मामले को लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। चालकों-परिचालकों को इस बारे में उचित दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

बस अड्डे का करेंगे निरीक्षण : लठ्ठ
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण सदस्य दीपक लठ्ठ का कहना है कि आम यात्रियों की जान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा है तो बस अड्डे का नियमित निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट सरकार को दी जाएगी।
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