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बचत भवन में आपदा प्रबंधन पर शिविर
Updated Fri, 13 Oct 2017 05:41 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। स्थानीय बचत भवन ऊना में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के उपलक्ष्य में आपदा प्रबंधन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप निदेशक उच्च शिक्षा भूप सिंह ने किया। कार्यशाला में जिला के विभिन्न स्कूलों से आएं अध्यापकों , प्रधानाचार्यों एवं शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना से समन्वयक अपूर्वा मारीय ने विभिन्न आपदाओं एवं उनसे बचने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी । उन्होंने कहा कि आपदाओं के प्रति जागरूकता लाने में शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की अहम भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि किसी आपातकालीन स्थिति में संपर्क किए जा सकने वाले व्यक्तियों के नाम, फोन नंबर व पते की जानकारी परिवार के प्रत्येक सदस्य को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी आपदा या आपातकालीन स्थिति में आप और आपका परिवार कुछ दिनों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं। ऐसे में पहले से ही अपने परिवार की आपदा आपूर्ति किट बनाकर अनिवार्य वस्तुओं को संभालकर रखना जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है। इनमें से अधिकतर वस्तुएं प्रतिदिन उपयोग की जाती हैं परंतु आपातकालीन स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तलाशना बहुत कठिन होता है। इसके अतिरिक्त भी उन्होंने अन्य सावधानियों बारे विस्तार से जागरूक किया। कार्यशाला में होमगार्ड के सहायक कमांडेंट धीरज शर्मा, कंपनी कमांडर अवतार सिंह, हवलदार देवा कुमारी ने आपदा के दौरान अपनाए जाने वाले खोज एवं बचाव के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में अग्निशमन केंद्र ऊना के अधिकारी रोशन सिंह ने भी आपदा के दौरान अग्निशमन यंत्रों के रखरखाव व उपयोग करने बारे आवश्यक जानकारियां मुहैया करवाईं।
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ऊना। स्थानीय बचत भवन ऊना में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के उपलक्ष्य में आपदा प्रबंधन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप निदेशक उच्च शिक्षा भूप सिंह ने किया। कार्यशाला में जिला के विभिन्न स्कूलों से आएं अध्यापकों , प्रधानाचार्यों एवं शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना से समन्वयक अपूर्वा मारीय ने विभिन्न आपदाओं एवं उनसे बचने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी । उन्होंने कहा कि आपदाओं के प्रति जागरूकता लाने में शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की अहम भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि किसी आपातकालीन स्थिति में संपर्क किए जा सकने वाले व्यक्तियों के नाम, फोन नंबर व पते की जानकारी परिवार के प्रत्येक सदस्य को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी आपदा या आपातकालीन स्थिति में आप और आपका परिवार कुछ दिनों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं। ऐसे में पहले से ही अपने परिवार की आपदा आपूर्ति किट बनाकर अनिवार्य वस्तुओं को संभालकर रखना जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है। इनमें से अधिकतर वस्तुएं प्रतिदिन उपयोग की जाती हैं परंतु आपातकालीन स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तलाशना बहुत कठिन होता है। इसके अतिरिक्त भी उन्होंने अन्य सावधानियों बारे विस्तार से जागरूक किया। कार्यशाला में होमगार्ड के सहायक कमांडेंट धीरज शर्मा, कंपनी कमांडर अवतार सिंह, हवलदार देवा कुमारी ने आपदा के दौरान अपनाए जाने वाले खोज एवं बचाव के विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में अग्निशमन केंद्र ऊना के अधिकारी रोशन सिंह ने भी आपदा के दौरान अग्निशमन यंत्रों के रखरखाव व उपयोग करने बारे आवश्यक जानकारियां मुहैया करवाईं।