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लापरवाही से लैप्स हो सकते हैं 25 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला/संतोषगढ़
Updated Mon, 21 Nov 2016 10:14 PM IST
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल संतोषगढ़ में स्कूल प्रशासन की लापरवाही से स्कूल के विकास कार्यों के लिए भेजे गए 25लाख रुपये लैप्स हो सकते हैं। विभाग की ओर से भेजी गई राशि स्कूल के विकास कार्यों में खर्च न होने से स्कूल के विकास कार्य अधर में लटके हुए हैं।
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वहीं, स्कूल प्रशासन की दलील है कि विकास कार्य के लिए तीन साल में लेबर ही नहीं मिल सकी। उक्त स्कूल में साइंस लैब, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम तथा वोकेशनल लैब बनाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से लगभग 15 लाख 10 हजार रुपये की राशि जारी की गई थी। लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद स्कूल प्रबंधन विभाग की ओर से भेजी गई राशि को खर्च नहीं कर पाया है। स्कूल में लैबों का निर्माण न होने और भेजी गई राशि खर्च न होने से विभाग द्वारा जिले के अन्य स्कूलों के विकास कार्यों के लिए राशि कम आ रही है। मामले की पुष्टि देहलां डाइट के प्रधानाचार्य कमल दीप सिंह ने की है।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में संतोषगढ़ के बाल स्कूल में साइंस लैब बनाने के लिए सात लाख 10 हजार रुपये तथा आर्ट एंड क्रॉफ्ट रूम बनाने के लिए पांच लाख रुपये की राशि जारी की गई। इसके अलावा स्कूल में वोकेशनल लैब के लिए 10 लाख 36 हजार की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें 30 मार्च 2015 को स्कूल के लिए तीन लाख रुपये जारी किए गए हैं। कमल दीप सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा स्कूल को लैब बनाने के बारे में प्रपत्र भी प्रेषित किए गए। लेकिन स्कूल में आज दिन तक विकास कार्यों के लिए भेजी गई राशि की एक ईंट तक नहीं लगाई गई है। ऐसे में स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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इनसेट
स्कूल प्रशासन नहीं खर्च रहा राशि : बेबी
एसमसी प्रधान बेबी का कहना है कि लैब के निर्माण कार्य को लेकर स्कूल प्रधानाचार्य को भी कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन आज दिन तक स्कूल की सरकार की ओर भेजी गई राशि में से एक भी पैसा खर्च नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आटोमोबाइल के लिए भी विभाग द्वारा 10 लाख रुपये की राशि जारी की गई है, जिसे स्कूल प्रशासन खर्च नहीं कर पाया है। लैब के निर्माण से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
इनसेट
एनओसी मिलने पर ही होगा निर्माण : प्रिंसीपल
स्कूल प्रधानाचार्य इंद्रजीत ठाकुर का कहना है कि स्कूल में जगह कम होने के कारण लैब का निर्माण शुरू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल में लैब बनाने के लिए कुछेक पुराने कमरों को तोड़ा गया। प्रधानाचार्य ने कहा कि स्कूल लैब निर्माण के लिए एक पेड़ काटने के लिए नगर परिषद से एनओसी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि एनओसी मिलने के बाद ही लैब का निर्माण शुरू किया जाएगा। वहीं, उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के लिए लेबर की भी समस्या है।