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Una News: 24 किसानों से खरीदा 200 क्विंटल प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं

Sun, 18 May 2025 12:35 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 18 May 2025 12:35 AM IST
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200 quintals of wheat prepared through natural farming were purchased from 24 farmers
ऊना जिला के रामपुर किसानों से गेंहू की फसल की खरीद प्रक्रिया में मौजूद किसान व अन्य।स्रोत विभाग
जिले के रामपुर और टकारला अनाज मंडी में शुरू हुई गेहूं खरीद प्रक्रिया
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राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को दे रही बढ़ावा : वीरेंद्र बग्गा

संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आर्थिकी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में शनिवार को ऊना जिला के रामपुर और टकारला अनाज मंडियों में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत नागरिक आपूर्ति निगम के सहयोग से शुरू की गई है। गेहूं खरीद प्रक्रिया के पहले दिन जिला ऊना के 24 किसानों से लगभग 200 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को उनकी फसल की रसीदें प्रदान की गई हैं तथा भुगतान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है और किसानों को इसके लाभों के प्रति जागरूक कर रही है। वर्तमान में जिला ऊना में लगभग 16 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं और लगभग 2 हज़ार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक विधि से खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के किसान 5 किस्मों के गेहूं का उत्पादन प्राकृतिक विधि से कर रहे हैं। यह खेती विधि न केवल पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है, बल्कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहती है। साथ ही खेती की लागत शून्य होने के चलते किसानों की आय में काफी मुनाफा होता है। आत्मा परियोजना ऊना के निदेशक डाॅक्टर वीरेंद्र बग्गा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, साथ ही दो रुपये प्रति किलोग्राम का भाड़ा भी दिया जा रहा है। इच्छुक किसान गेहूं को अच्छे से सुखाकर और साफ करके 25 मई तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रामपुर और टकारला स्थित गोदामों में विक्रय कर सकते हैं। हरोली क्षेत्र के गांव पंजावर के किसान अखिल राणा, हम्बोली की रमा कुमारी और टकारला के प्रकाश चंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना किसानों के लिए एक सकारात्मक पहल है। उन्हें उनकी उपज के उचित दाम मिल रहे हैं जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। वहीं, वनगढ़ की प्रगतिशील किसान कृष्णा देवी ने बताया कि पहले रासायनिक खाद से तैयार गेहूं केवल 25 रुपये प्रति किलोग्राम में विक्रय होती थी। अब प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं 60 रुपये प्रति किलोग्राम (भाड़ा सहित 62 रुपये) में बेची जा रही है। इससे किसानों को अच्छा-खासा मुनाफा हो रहा है। इस अवसर पर एपीएमसी के सचिव भूपेंद्र सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव वर्मा, उप परियोजना निदेशक संतोष कुमारी और शामिली गुप्ता उपस्थित रहे।
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