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क्षेत्रीय अस्पताल में पर्ची बनवाना टेढ़ी खीर, घंटों कतारों में लग रहे मरीज
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:34 PM IST
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रविंद्र कुमार
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ऊना।
दिन बुधवार। समय सुबह 10.35 बजे। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में ठंड में कंपकंपाते मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं। उपचार के लिए पर्ची बनवाने को मरीज ओपीडी के बाहर लंबी-लंबी कतारों में लगे हैं। लोहड़ी के बाद अस्पताल में रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। भारी संख्या में लोग पर्ची बनवाने के लिए कतारों में माथा-पच्ची कर रहे हैं। कई मरीजों में पर्ची बनवाने को लेकर तू-तू मैं-मैं भी हुई।
होमगार्ड जवान ने किसी तरह लोगों को शांत करवाकर कतारों में लगवाया। बुधवार को मरीज के साथ अस्पताल पहुंची ऊना निवासी रवि, ज्योति, पूजा, रेखा आदि ने कहा कि भारी भीड़ होने से पर्ची बनवाने के लिए लगभग एक घंटे से लाइन में लगे हुए हैं लेकिन उनकी बारी अभी तक नहीं आई। लोगों ने कहा कि पहले एक घंटे तक पर्ची बनाने लाइनों में लगते हैं। इसके बाद ओपीडी में डॉक्टरों के पास कतार में लगना पड़ता है। पूरा दिन अस्पताल के चक्कर काटने में ही बीत जाता है। लोगों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है।
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अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए उनको तारीख पर तारीख दी जा रही है। बुधवार को घर से खाली पेट अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पहुंचे रोगियों को सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक अपने नंबर के इंतजार में खड़े रहना पड़ रहा। गर्भवती महिलाओं को भी भारी परेशानियों का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ा। कमरे के बाहर रोगी चिकित्सक के आने का इंतजार करने में लगे थे कि चिकित्सक आए और उनका चेकअप हो सके। जब चिकित्सक कमरे में आया तो ओपीडी नंबर वाइज मरीजों को चेक करने का कोई सिस्टम देखने को नहीं मिला।
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डॉक्टर से चेकअप करवाने के लिए मरीजों को फिर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार होना पड़ा। चिकित्सक के कमरे के बाहर लगाई ओपीडी नंबर मशीनें भी शोपीस बनी हैं। शायद चिकित्सक भी इन्हें चलाना मुनासिफ नहीं समझते। अगर ओपीडी मशीनों में ओपीडी नंबरिंग चलाई जाए तो मरीजों को भी अपना चेकअप करवाने के लिए माथा पच्ची न करनी पड़े। ऊना अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञों के कमरों में ताले लटकते दिखाई दिए। मरीज अपने बच्चों का इलाज करने के लिए भटक रहे थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास उपचार के लिए पहुंची महिलाएं भी चिकित्सक के आने का इंतजार करने में डटी रही।
शिशु रोग विशेषज्ञों के दोनों कमरों पर ताला
ऊना अस्पताल में मौजूदा समय में दो शिशु रोग चिकित्सक तैनात हैं। अस्पताल में तैनात डॉ. विपिन शर्मा का तबादला हो गया है जबकि डॉ. रवि मेडिकल लीव पर चल रहे हैं। इसके चलते अस्पताल में रोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को दोनों कमरों के बाहर ताले लटके रहे और लोग बच्चों को लेकर डॉक्टरों के आने का इंतजार करते रहे।
क्या कहते हैं सीएमओ
सीएमओ ऊना डॉ. प्रकाश दड़ोच ने कहा कि अस्पताल में रोगियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाता है। ओपीडी मशीनों को चिकित्सकों की सुविधा के लिए लगाया गया है। इस मामले में एमएस ही ज्यादा बता सकते हैं। मामला अमर उजाला की तरफ से ध्यान में लाया गया है। इस मामले को लेकर शीघ्र उचित कार्रवाई की जाएगी।