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Dharamshala: 'चीनी राष्ट्रपति की हालिया तिब्बत यात्रा दिखावटी और वास्तविकता से परे'

Thu, 11 Sep 2025 03:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 11 Sep 2025 03:00 AM IST
सार

तिब्बती संसद के अध्यक्ष ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया तिब्बत यात्रा को दिखावटी करार देते हुए कहा कि यह एक सुनियोजित प्रचार अभियान था, जो वास्तविकता से परे है और केवल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफादारी और एकता की झूठी छवि प्रस्तुत करने के लिए किया गया था।

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Tibetan Parliament Chinese President recent visit to Tibet a sham and out of touch with reality
मैक्लोडगंज में डेनमार्क से आए यूरोपीय युवा प्रतिनिधिमंडल के साथ निवार्सित तिब्बती संसद की उपसभापति। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

कांगड़ा के धर्मशाला में निर्वासित तिब्बती संसद के 17वें कार्यकाल के दसवें सत्र की शुरुआत बुधवार सुबह 9:30 बजे सभापति खेनपो सोनम तेनपेल के उद्घोषणा के साथ हुई। यह सत्र 10 से 18 सितंबर तक होगा। सत्र में स्पीकर खेनपो सोनम तेनपेल, तिब्बती प्रधानमंत्री एवं सिक्योंग पेंपा सेरिंग, उपाध्यक्ष डोलमा सेरिंग तेखांग, मंत्रिमंडल के सदस्य और अन्य सांसद उपस्थित रहे।

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अध्यक्ष ने अपने संबोधन में 15वें तिब्बती धार्मिक सम्मेलन में दिए गए दलाई लामा के उस वक्तव्य को रेखांकित किया जिसमें उन्होंने दलाई लामा संस्था की निरंतरता की पुष्टि की थी। उन्होंने इस सम्मेलन में पारित उस प्रस्ताव का भी उल्लेख किया जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि दलाई लामा के अगले अवतार की मान्यता केवल गदेन फोडरंग ट्रस्ट की ओर से की जाएगी, न कि चीन द्वारा।

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उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, लिथुआनिया, एस्टोनिया और आइसलैंड की ओर से जारी संयुक्त बयान की भी चर्चा की, जिसमें दलाई लामा के पुनर्जन्म के मामले में बाहरी हस्तक्षेप को खारिज किया गया है और तिब्बती बौद्ध समुदाय के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन किया गया है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के राजदूत द्वारा दलाई लामा के पुनर्जन्म के मुद्दे पर चीन की दखलअंदाजी को लेकर की गई टिप्पणी का भी उन्होंने हवाला दिया। अध्यक्ष ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया तिब्बत यात्रा को दिखावटी करार देते हुए कहा कि यह एक सुनियोजित प्रचार अभियान था, जो वास्तविकता से परे है और केवल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफादारी और एकता की झूठी छवि प्रस्तुत करने के लिए किया गया था।

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अध्यक्षों का एक पैनल और एक अस्थायी समिति का गठन किया
सत्र के दौरान तिब्बती संसद की नियमावली के अनुसार अध्यक्षों का एक पैनल और एक अस्थायी समिति का गठन किया गया। धर्म और संस्कृति विभाग की 2024-25 की वार्षिक संक्षिप्त रिपोर्ट सिक्योंग पेंपा सेरिंग ने प्रस्तुत की। उन्होंने विभाग की विभिन्न परियोजनाओं और कार्यक्रमों पर विस्तृत जानकारी दी, जिनमें मठों और ननरियों को पुस्तकों का वितरण, भिक्षुओं और भिक्षुणियों के लिए छात्रवृत्तियां, नोरबुलिंगा संस्थान की गतिविधियां और तिब्बती प्रदर्शन कला संस्थान की गतिविधियां शामिल थीं।

सांसदों ने विभाग के कार्यों की खासकर 15वें तिब्बती धार्मिक सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए सराहना की। इसके बाद गृह विभाग की 2024-25 की संक्षिप्त रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इस रिपोर्ट की समीक्षा वीरवार को सत्र में की जाएगी। आज के सत्र में यूरोपीय युवा प्रतिनिधिमंडल के डेनिश प्रतिभागी पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने दलाई लामा की 90वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित दीर्घायु प्रार्थना और दुनिया भर में मनाए गए करुणा वर्ष के कार्यक्रमों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने दलाई लामा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए सदन में लाए जाने वाले प्रस्ताव की भी घोषणा की।
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