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Theog Water Supply Scam: निलंबित इंजीनियरों, ठेकेदारों से फिर होगी पूछताछ, गिरफ्तारियां भी होगी, जानें अपडेट
Wed, 05 Feb 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 05 Feb 2025 05:00 AM IST
सार
ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति गड़बड़झाला मामले में विजिलेंस ने नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। आने वाले समय में इसमें गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
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ठियोग पेयजल घोटाला।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति गड़बड़झाला मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद विजिलेंस ने नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस थाना पूर्व में की गई प्रारंभिक जांच के तथ्यों को खंगालने में जुटी है। सप्ताह के भीतर जल शक्ति विभाग के निलंबित इंजीनियरों और ठेकेदारों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि इस मामले में किस इंजीनियर ने ठेकेदारों के साथ मिलकर गड़बड़झाले को अंजाम दिया है, थाने में इसकी पड़ताल चल रही है। आने वाले समय में इसमें गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
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विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्य के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ था कि कुछ ठेकेदारों ने जहां से पानी उठाकर आगे आबंटन के आदेश दिए गए थे, वहां से पानी न ले जाकर नालों से पानी की सप्लाई कर दी। इससे पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। टेंडरों की शर्तों के मुताबिक काम नहीं हुआ है। कुछ ऐसे क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की सप्लाई दी गई जहां सड़क नहीं है।
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पेयजल आपूर्ति की रिपोर्ट तथ्यों के बिना जाने ही कार्यालय में बैठकर बना दी गई। इसके आधार प पैसे का भुगतान किया गया। वहीं प्रारंभिक जांच में हुई पूछताछ के दौरान कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों ने जो बयान विजिलेंस के समक्ष दिए हैं, वे भी आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। आरोप है कि पेयजल आपूर्ति करने वाले टैंकरों के जो नंबर दिए गए, उनमें मोटरसाइकिल एवं कारों के नंबर निकले हैं। यह पूरा मामला करीब 1.13 करोड़ से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
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