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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Stray cattle in Himachal to be fitted with radium collars; decision taken at the Gau Seva Aayog meeting.

हिमाचल: बेसहारा गोवंश को पहनाए जाएंगे रेडियम कॉलर, गोसेवा आयोग की बैठक में हुआ फैसला

Wed, 22 Jul 2026 07:57 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 22 Jul 2026 07:57 PM IST
सार

 बेसहारा गोवंश के गले में रेडियम कॉलर लगेंगे। इससे रात को गोवंश का पता चल सकेगा और हादसों पर रोक लगेगी। इसकी शुरुआत सोलन जिले के बीबीएन क्षेत्र से होगी। 

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Stray cattle in Himachal to be fitted with radium collars; decision taken at the Gau Seva Aayog meeting.
गोवंश(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल में बेसहारा गोवंश के गले में रेडियम कॉलर लगेंगे। इससे रात को गोवंश का पता चल सकेगा और हादसों पर रोक लगेगी। इसकी शुरुआत सोलन जिले के बीबीएन क्षेत्र से होगी। हिमाचल प्रदेश गोसेवा आयोग की बुधवार को शिमला में उपाध्यक्ष धर्मपाल चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गोशालाओं के सुदृढ़ीकरण से लेकर बेसहारा गोवंश की सुरक्षा तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेशभर की उन गोशालाओं और गोसदनों की पहचान करने के निर्देश दिए गए, जिन्हें उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके लिए पशुपालन विभाग के संबंधित उपनिदेशकों को विस्तृत सूची तैयार कर आयोग को सौंपने को कहा गया। बैठक में सोलन जिले के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में बेसहारा गोवंश के गले में रेडियम कॉलर लगाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का भी फैसला लिया गया। इस अभियान में पशुपालन विभाग, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और बीडीओ सहित संबंधित विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जिला उपायुक्त स्तर पर बजट की व्यवस्था करने को भी कहा गया।

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आयोग ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए निजी सचिव और चालक की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही आयोग के उपाध्यक्ष के लिए सरकारी आवास आवंटित करने का मामला संबंधित विभाग के साथ उठाकर जल्द निपटाने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में आयोग के नए कार्यालय भवन के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से संशोधित नक्शा तैयार कर जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शिमला में आयोग के लिए नए कार्यालय परिसर की पहचान कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया। आयोग ने अन्य विभागों में प्रतिनियुक्त आउटसोर्स कर्मचारियों को वापस गोसेवा आयोग में तैनात करने का भी फैसला लिया।

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गोशालाओं के संचालन के लिए जारी हुए 2.59 करोड़ रुपये
वहीं, पशुपालन विभाग से प्रतिनियुक्त अधीक्षक ग्रेड-एक की स्थायी तैनाती का मामला भी तत्काल प्रभाव से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपनिदेशक डॉ. आशा किरण, सहायक निदेशक डॉ. हितेंद्र कुमार वर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास रांटा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक से पहले हिमाचल प्रदेश गोसेवा आयोग ने गोपाल योजना के तहत गोशालाओं, गोसदनों और गो अभयारण्यों के संचालन के लिए 2 करोड़ 59 लाख 70 हजार 400 रुपये की राशि विभिन्न जिलों को जारी की। यह सहायता प्रति गोवंश 1200 रुपये प्रतिमाह की दर से दी गई है। राशि बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना और किन्नौर जिलों के संबंधित अधिकारियों के खातों में आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से हस्तांतरित करने के निर्देश जारी किए गए।

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