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Solan News: हिमाचल को पंजाब से जोड़ने वाले दभोटा पुल का कार्य बंद
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पंजाब सरकार का लोनिवि कर रहा पुल की मरम्मत का कार्य
पुल के पिलर तोड़ने के बाद नहीं शुरू हुआ उसे बनाने का कार्य
हिमाचल सरकार पहले ही जमा करवा चुकी है 1.45 करोड़ रुपये
वाहन चालक जान जोखिम में डालकर खड्ड से कर रहे आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-भरतगढ़ मार्ग पर दभोटा पुल की मरम्मत का कार्य पिछले एक माह से बंद पड़ा है। इससे 9 माह में इस पुल के तैयार होने से पंजाब राज्य के लोनिवि के दावे खोखले साबित होते दिख रहे हैं। 26 नवंबर को इस पुल की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ था। पंजाब के रोपड़ जिले के लोनिवि ने इस पुल की मरम्मत का कार्य शुरू किया। लेकिन विभाग ने पुल के चार पिलर को तोड़ने के बाद कार्य बंद कर दिया है। पिछले एक माह से यहां पर न तो मरम्मत का कार्य हो रहा है न ही कोई अधिकारी यहां पर काम कराने के लिए आया है।
8 जुलाई को दभोटा पुल के चार पिलर क्षतिग्रस्त होने से इस पुल पर से यातायात बंद कर दिया था। यह पुल हिमाचल व पंजाब सरकार ने संयुक्त रूप से वर्ष 1999 में बनाया गया था। अब दोनों राज्यों की सरकारों ने अपना अपना योगदान देने के बाद मरम्मत का काम शुरू कराया। 26 नवंबर को नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बाबा ने पुल की मरम्मत का कार्य शुरू कराया। पुल की मरम्मत पर करीब 2.92 रुपये खर्च होने हैं। पुल की कुल लंबाई 146 मीटर है। लेकिन 41.7 मीटर हिस्सा डैमेज हो गया है। 17.5 मीटर हिस्सा पंजाब व 24.1 मीटर हिस्सा हिमाचल का है।
पुल के मरम्मत करने के लिए दोनों राज्य सरकार के मुख्य सचिव की बैठक चंडीगढ़ में हुई और इस पुल के निर्माण के लिए 50-50 फीसदी पैसा जमा करने का फैसला हुआ। हिमाचल सरकार ने मई माह में 1.45 करोड़ रुपये जमा करवा दिए थे। पंजाब सरकार ने इस कार्य के लिए टेंडर लगाया और इसे मरम्मत करने का कार्य कुमार एंड कंपनी होशियारपुर को दिया गया। कंपनी इस पुल को 9 माह के भीतर तैयार करने टारगेट दिया था लेकिन हैरानी की बात है कि पिछले एक माह पुल की मरम्मत का कार्य बंद पड़ा है।
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दभोटा निवासी सुरमुख सिंह ने बताया कि पुल का खराब हिस्सा तोड़ने के बाद यहां पर पिलर के गड्ढे व अन्य कार्य के लिए कोई भी मशीन मौके नहीं आई है। पिछले 40 दिन से काम बंद पड़ा है। अगर यही हालत रही तो अगली बरसात तक यह काम पूरा नहीं होगा। यहां के लोगों को पंजाब जाने में काफी दिक्कत आती है। ग्रामीणों में अपने प्रयासों से यहां पर रास्ते का निर्माण किया है और सरकार की ओर से इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए है। बरसात में वाहन चालक खड्ड से हो कर आ रहे है। वाहन चालक किसी तरह से अपने वाहन खड्ड से निकाल रहे है।
उधर, वहीं नालागढ़ के लोनिवि के अधिशासी अभियंता परवसर सिंह ने कहा कि पुल की मरम्मत का कार्य पंजाब के लोनिवि कर रहा है। यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। इसकी जल्द ही छानबीन की जाएगी।
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पुल के पिलर तोड़ने के बाद नहीं शुरू हुआ उसे बनाने का कार्य
हिमाचल सरकार पहले ही जमा करवा चुकी है 1.45 करोड़ रुपये
वाहन चालक जान जोखिम में डालकर खड्ड से कर रहे आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-भरतगढ़ मार्ग पर दभोटा पुल की मरम्मत का कार्य पिछले एक माह से बंद पड़ा है। इससे 9 माह में इस पुल के तैयार होने से पंजाब राज्य के लोनिवि के दावे खोखले साबित होते दिख रहे हैं। 26 नवंबर को इस पुल की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ था। पंजाब के रोपड़ जिले के लोनिवि ने इस पुल की मरम्मत का कार्य शुरू किया। लेकिन विभाग ने पुल के चार पिलर को तोड़ने के बाद कार्य बंद कर दिया है। पिछले एक माह से यहां पर न तो मरम्मत का कार्य हो रहा है न ही कोई अधिकारी यहां पर काम कराने के लिए आया है।
8 जुलाई को दभोटा पुल के चार पिलर क्षतिग्रस्त होने से इस पुल पर से यातायात बंद कर दिया था। यह पुल हिमाचल व पंजाब सरकार ने संयुक्त रूप से वर्ष 1999 में बनाया गया था। अब दोनों राज्यों की सरकारों ने अपना अपना योगदान देने के बाद मरम्मत का काम शुरू कराया। 26 नवंबर को नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बाबा ने पुल की मरम्मत का कार्य शुरू कराया। पुल की मरम्मत पर करीब 2.92 रुपये खर्च होने हैं। पुल की कुल लंबाई 146 मीटर है। लेकिन 41.7 मीटर हिस्सा डैमेज हो गया है। 17.5 मीटर हिस्सा पंजाब व 24.1 मीटर हिस्सा हिमाचल का है।
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पुल के मरम्मत करने के लिए दोनों राज्य सरकार के मुख्य सचिव की बैठक चंडीगढ़ में हुई और इस पुल के निर्माण के लिए 50-50 फीसदी पैसा जमा करने का फैसला हुआ। हिमाचल सरकार ने मई माह में 1.45 करोड़ रुपये जमा करवा दिए थे। पंजाब सरकार ने इस कार्य के लिए टेंडर लगाया और इसे मरम्मत करने का कार्य कुमार एंड कंपनी होशियारपुर को दिया गया। कंपनी इस पुल को 9 माह के भीतर तैयार करने टारगेट दिया था लेकिन हैरानी की बात है कि पिछले एक माह पुल की मरम्मत का कार्य बंद पड़ा है।
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दभोटा निवासी सुरमुख सिंह ने बताया कि पुल का खराब हिस्सा तोड़ने के बाद यहां पर पिलर के गड्ढे व अन्य कार्य के लिए कोई भी मशीन मौके नहीं आई है। पिछले 40 दिन से काम बंद पड़ा है। अगर यही हालत रही तो अगली बरसात तक यह काम पूरा नहीं होगा। यहां के लोगों को पंजाब जाने में काफी दिक्कत आती है। ग्रामीणों में अपने प्रयासों से यहां पर रास्ते का निर्माण किया है और सरकार की ओर से इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए है। बरसात में वाहन चालक खड्ड से हो कर आ रहे है। वाहन चालक किसी तरह से अपने वाहन खड्ड से निकाल रहे है।
उधर, वहीं नालागढ़ के लोनिवि के अधिशासी अभियंता परवसर सिंह ने कहा कि पुल की मरम्मत का कार्य पंजाब के लोनिवि कर रहा है। यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। इसकी जल्द ही छानबीन की जाएगी।