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जोनल अस्पताल में बिना डॉक्टर के हो रहा है मरीजों का डायलिसिस
ब्यूरो, सोलन
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:14 AM IST
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जोनल अस्पताल में सोमवार को अवकाश के दिन डॉक्टर न होने पर नर्सों ने ही मरीजों के डायलिसि कर दिए। नियमों को ताक पर रखकर डाक्टर की जगह नर्स और अन्य स्टाफ ही मरीजों का डायलिसिस करने में लगे रहे। नियमों के तहत बिना चिकित्सक के डायलिसिस करना गैर कानूनी है।
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इससे रोगी की जान को खतरा हो सकता है। वहीं जब कुछ मरीज सस्ते सरकारी रेट में डायलिसिस करवाने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुंचे तो उन्हें डॉक्टर के अस्पताल से बाहर होने की सूचना अस्पताल स्टाफ से मिली। लेकिन ड्यूटी पर तैनात नर्सों ने मरीजों का डायलिसिस बिना डॉक्टर की उपस्थिति के ही शुरू कर दिया। हालांकि जानकारी के अभाव में रोगी इसके लिए रजामंदी दे देते हैं।
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अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चिकित्सक किसी इमरजेंसी काल के चलते अस्पताल से बाहर थे। इससे पहले भी बिना डाक्टर के डायलिसिस के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद संबंधित कंपनी को नोटिस भी जारी किया जा चुका है। लेकिन सख्त कार्रवाई ना होने के चलते एक बार फिर रोगियों के जान से खेलने का जोखिम शुरू कर दिया है।
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डॉक्टर की जरूरत नहीं, हम ही कर देंगे डायलिसिस: नर्स
सोमवार दोपहर जब डायलिसिस रूम में ड्यूटी पर तैनात नर्स से डॉक्टर के बारे में पूछा तो नर्स ने बताया कि डॉक्टर अस्पताल से बाहर हैं। लेकिन डायलिसिस के लिए डॉक्टर की जरूरत नहीं, हम ही कर देंगे। यह सुनते ही कुछ मरीज डायलिसिस के लिए राजी भी हो जाते हैं। डायलिसिस करवाने वाले मरीजों का कहना है कि वह दूर आए होते हैं जिसके चलते बार-बार अस्पताल आने में दिक्कत होती है। इसलिए नर्सों से ही डायलिसिस करवा दिया।
मिली है मामले की डानकारी: एमएस
अस्पताल के एमएस महेश गुप्ता ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला आया है। लेकिन अवकाश होने के चलते मंगलवार को ही इस मामले की जांच की जाएगी। बिना डाक्टर के डायलिसिस नहीं किया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इससे पहले कितने ऐसे मामले प्रकाश में आ चुके है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
मामले की नही है जानकारी: सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरके दरोच ने कहा कि वह किसी कार्य से सोलन से बाहर हैं। इसके चलते उन्हें इस मामले की जानकारी नही हैं। अस्पताल में डायलिसिस का काम एनआरएचएम के तहत आउटसोर्स किया है। स्टाफ आदि व्यवस्था सारी संबंधित कंपनी की है। सोलन अस्पताल का कार्य सिर्फ सुपरविजन का है।
इससे पहले भी चार बार कंपनी को सोलन अस्पताल की तरफ से बिना चिकित्सक से रोगियों का डायलिसिस करने का नोटिस जारी हो चुका है। एमओयू में बिना चिकित्सक के डायलिसिस न करने का नियम है। एक बार एनआरएचएम निदेशक के माध्यम से भी नोटिस है। सोमवार के मामले में अगर किसी प्रकार की चूक सामने आती है तो एमओयू के तय सख्त कार्रवाई होगी। बिना डॉक्टर के डायलिसिस कक्ष को बंद किया जाएगा।