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अब खेतों में फसल के साथ होगा मछली उत्पादन
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नौणी परिसर का तलाब जहां मछली का बीज डाला गया है। संवाद
- फोटो : SOLAN
ललित कश्यप
सोलन। कृषि-बागवानी के साथ मछली पालन से भी किसानों की आय बढ़ाने पर नौणी विवि की ओर से कार्य किया जा रहा है। खेतों के तालाब में मछली पालन का भी ट्रायल किया जा रहा है।
नौणी विवि ने हाल ही में चार उन्नत प्रजातियों की मछलियों के तीन हजार बीज खेतों के बीच बने तालाबों में डाले हैं। इन मछलियों को प्रदेश राज्य मत्स्य विभाग के नालागढ़ प्रजनन फार्म से खरीदा है। इनमें हंगेरियन कार्प, मृगल, जयंती रोहू और कटला शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार नौणी विवि में मछली पालन को व्यापक बनाने के साथ किसानों समेत बेरोजगार युवाओं को भी प्रशिक्षण प्रदान करेगा। जिससे मछली पालन क्षेत्र, उत्पादन और उत्पादकता उत्थान में मददगार होगा।
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वहीं किसान भी खेती के साथ मछली पालन से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेगा। इसके अलावा विवि छात्रों को भी मछली पालन के विषय में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक और प्रबंधकीय कर्मियों को भी वैज्ञानिक मछली पालन से परिचित करवाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है।
उधर, नौणी विवि के पीआरओ सुचेत अत्रि ने बताया कि विवि परिसर के मॉडल फार्म में जल भंडारण तालाबों में इन मछलियों का बीज डाला गया है।
वर्तमान में इनकी फीडिंग के साथ क्षेत्र के वातावरण में मछली की ग्रोथ को भी देखा जा रहा है। अभी यह कार्य ट्रायल पर किया जा रहा है। अच्छी ग्रोथ के बाद विवि के विशेषज्ञ मछलियों की ब्रीडिंग पर भी शोध शुरू करेंगे।
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सोलन। कृषि-बागवानी के साथ मछली पालन से भी किसानों की आय बढ़ाने पर नौणी विवि की ओर से कार्य किया जा रहा है। खेतों के तालाब में मछली पालन का भी ट्रायल किया जा रहा है।
नौणी विवि ने हाल ही में चार उन्नत प्रजातियों की मछलियों के तीन हजार बीज खेतों के बीच बने तालाबों में डाले हैं। इन मछलियों को प्रदेश राज्य मत्स्य विभाग के नालागढ़ प्रजनन फार्म से खरीदा है। इनमें हंगेरियन कार्प, मृगल, जयंती रोहू और कटला शामिल हैं।
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जानकारी के अनुसार नौणी विवि में मछली पालन को व्यापक बनाने के साथ किसानों समेत बेरोजगार युवाओं को भी प्रशिक्षण प्रदान करेगा। जिससे मछली पालन क्षेत्र, उत्पादन और उत्पादकता उत्थान में मददगार होगा।
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वहीं किसान भी खेती के साथ मछली पालन से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेगा। इसके अलावा विवि छात्रों को भी मछली पालन के विषय में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक और प्रबंधकीय कर्मियों को भी वैज्ञानिक मछली पालन से परिचित करवाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है।
उधर, नौणी विवि के पीआरओ सुचेत अत्रि ने बताया कि विवि परिसर के मॉडल फार्म में जल भंडारण तालाबों में इन मछलियों का बीज डाला गया है।
वर्तमान में इनकी फीडिंग के साथ क्षेत्र के वातावरण में मछली की ग्रोथ को भी देखा जा रहा है। अभी यह कार्य ट्रायल पर किया जा रहा है। अच्छी ग्रोथ के बाद विवि के विशेषज्ञ मछलियों की ब्रीडिंग पर भी शोध शुरू करेंगे।