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Solan News: बीबीएन में हवा से मक्की की फसल तबाह
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नालागढ़ के ढांग निहली में हवा में जमीन पर बिछी मक्की की फसल। संवाद
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
पहले सुंडी ने फसल को पहुंचाया था नुकसान
किसानों ने सरकार व प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बीबीएन में भारी बारिश के बाद तेज हवा ने मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। बुधवार रात चली तेज हवा ने हजारों हेक्टेयर पर मक्की की फसल को जमीन पर बिछ गई। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। इससे और वे काफी मायूस हैं।
बीबीएन क्षेत्र में लगभग पांच हजार हेक्टेयर भूमि पर मक्की की खेती होती है। लगातार बारिश से जहां मक्की की जड़ें कमजोर हो चुकी थीं, वहीं तेज हवा ने फसल को पूरी तरह से खेतों में गिरा दिया। ढांग निहली के किसान सतविंद्र सिंह, साध राम, सदा राम, मझौली के सुच्चा सिंह और दभोटा के सुरमुख सिंह ने बताया कि बीती रात बारिश के बाद जमीन पूरी तरह से गीली हो गई थी और तेज हवाओं ने मक्की की फसल को उखाड़कर बर्बाद कर दिया।
किसानों ने कहा कि पहले डीडी फिर सुंडी और अब मौसम की मार से मक्की की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। उन्होंने हाइब्रिड बीज में भारी निवेश किया था, लेकिन अब सभी उम्मीदें टूट चुकी हैं।
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अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महासचिव, अधिवक्ता कामरेड नरेश घई ने कहा कि बीबीएन क्षेत्र में आंधी-तूफान और बरसात के कारण किसानों की छमाही फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसान सभा नालागढ़ ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर फसलों के नुकसान का आकलन किया जाए। किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
टूटे पौधों को हटा दें
तेज हवा से मक्की की फसल गिरी है। जिन पौधों के तने पूरी तरह टूट चुके हैं, उन्हें खेत से हटा देना चाहिए। बाकी पौधों को जड़ों में मिट्टी भरकर सीधा किया जा सकता है। मौसम साफ होने पर फसलें धीरे-धीरे अपने आप भी उठ सकती हैं।
-डॉ. संदीप गौतम, विषय वाद विशेषज्ञ, कृषि विभाग
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पहले सुंडी ने फसल को पहुंचाया था नुकसान
किसानों ने सरकार व प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बीबीएन में भारी बारिश के बाद तेज हवा ने मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। बुधवार रात चली तेज हवा ने हजारों हेक्टेयर पर मक्की की फसल को जमीन पर बिछ गई। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। इससे और वे काफी मायूस हैं।
बीबीएन क्षेत्र में लगभग पांच हजार हेक्टेयर भूमि पर मक्की की खेती होती है। लगातार बारिश से जहां मक्की की जड़ें कमजोर हो चुकी थीं, वहीं तेज हवा ने फसल को पूरी तरह से खेतों में गिरा दिया। ढांग निहली के किसान सतविंद्र सिंह, साध राम, सदा राम, मझौली के सुच्चा सिंह और दभोटा के सुरमुख सिंह ने बताया कि बीती रात बारिश के बाद जमीन पूरी तरह से गीली हो गई थी और तेज हवाओं ने मक्की की फसल को उखाड़कर बर्बाद कर दिया।
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किसानों ने कहा कि पहले डीडी फिर सुंडी और अब मौसम की मार से मक्की की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। उन्होंने हाइब्रिड बीज में भारी निवेश किया था, लेकिन अब सभी उम्मीदें टूट चुकी हैं।
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अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महासचिव, अधिवक्ता कामरेड नरेश घई ने कहा कि बीबीएन क्षेत्र में आंधी-तूफान और बरसात के कारण किसानों की छमाही फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसान सभा नालागढ़ ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर फसलों के नुकसान का आकलन किया जाए। किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
टूटे पौधों को हटा दें
तेज हवा से मक्की की फसल गिरी है। जिन पौधों के तने पूरी तरह टूट चुके हैं, उन्हें खेत से हटा देना चाहिए। बाकी पौधों को जड़ों में मिट्टी भरकर सीधा किया जा सकता है। मौसम साफ होने पर फसलें धीरे-धीरे अपने आप भी उठ सकती हैं।
-डॉ. संदीप गौतम, विषय वाद विशेषज्ञ, कृषि विभाग