US Tariff: दवाओं पर 18% टैरिफ का असर हिमाचल पर नहीं, देश की 9 कंपनियां अमेरिका में पहले से हैं स्थापित
हिमाचल प्रदेश दवा उद्योग पर अमेरिका की ओर से लगाए गए 18 फीसदी टैरिफ का असर नहीं पड़ेगा। देश की 9 कंपनियां यूएसए में पहले से ही स्थापित हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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अमेरिका की ओर से भारत के दवा उद्योग पर लगाए गए 18 फीसदी टैरिफ का हिमाचल के उद्योगों पर असर नहीं पड़ा है। हिमाचल से एक द्योग ही अमेरिका को जेनेरिक दवा का निर्यात करते हैं। कुल सप्लाई की दो फीसदी दवा यहां से सप्लाई होती है। देश की 9 कंपनियां यूएसए में पहले से ही स्थापित हैं। भारत से केवल 40 फीसदी जेनेरिक दवाएं यूएसए को सप्लाई होती है। हैदराबाद की एक कंपनी से सबसे ज्यादा जेनेरिक दवा यूएसए को सप्लाई होती है। भारत पर इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडन और ट्रंप के पिछले कार्यकाल में दवा पर टैरिफ शून्य था।
ट्रंप के इस कार्यकाल में पहले 50 और 100 फीसदी टैरिफ की अफवाहें तो उड़ीं लेकिन फार्मा उद्योग पर इसे लागू नहीं किया गया। अब 18 फीसदी लागू होने की घोषणा हुई है। इससे हिमाचल की एक कंपनी यूनिकेम से यूएस को जेनेरिक दवाई जाती हैं, लेकिन यूनिकेम कंपनी के हिमाचल के अलावा अन्य राज्यों में भी प्लांट स्थापित हैं।
उद्योग संघ के प्रदेश अध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर ने बताया कि अमेरिका की ओर से पहले दवाओं पर कोई टैरिफ नहीं था। अमेरिका के राष्ट्रपति ने घोषणाएं तो की थीं लेकिन धरातल पर यह लागू नहीं हुईं। अब 18 फीसदी टैरिफ लागू करने की बात हो रही है। उधर, हिमाचल के दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि उनका कार्य दवा तैयार करना है। यहां से दवा कहां जा रही है। इसका उनके पास कोई रिकाॅर्ड नहीं है।