फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Urea crisis in Solan district, farmers facing hardships

जिले में यूरिया खाद का संकट, किसान-बागवान परेशान

Mon, 11 Jul 2022 11:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 11:48 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सोलन। जिले में यूरिया खाद का संकट बरकरार है। इससे किसानों-बागवानों को अपनी फसलें खराब होने की चिंता सताने लगी है। हिमफैड के पास भी खाद की उचित सप्लाई नहीं आ रही है। जिले में एक महीने के अंदर 297 मीट्रिक टन की आवश्यकता पर सिर्फ 20 मीट्रिक टन खाद की सप्लाई ही मिल रही है।
कई जिला केंद्रों पर खाद का स्टॉक ही खत्म हो गया है। किसान रोजाना खाद डिपुओं के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल रही है। हालांकि हिमफेड के पास नैनो यूरिया है लेकिन इस खाद के बारे में किसानों में जागरूकता नहीं है।
विज्ञापन

इस कारण इसकी मांग बहुत कम है। हिमफेड का दावा है कि यह खाद भी यूरिया की तरह फलों और सब्जियों को पोषक तत्व देगी। तरल होने से इस खाद को आसानी से ट्रांसपोर्ट भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार मानसून की बारिश के बीच टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी समेत अन्य फसलों के लिए यूरिया खाद अति आवश्यक है लेकिन इस बार अधिकतर किसानों को खाद न मिलने से फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
किसानों की मानें तो खाद न मिलने से टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य फसलें खराब होने लगी हैं। जिले में खुले अधिकतर खाद वितरण केंद्रों में खाद नहीं मिल रही हैं। कुछ केंद्रों में खाद का वितरण किया जा रहा है तो वहां किसानों की मांग के अनुसार नहीं मिल रही है।

हिमफेड क्षेत्रीय प्रबंधक सोलन हरीश शर्मा ने बताया कि यूरिया खाद की कमी चल रही है। दो दिन में खाद की सप्लाई पहुुंचने की उम्मीद है। किसान नैनो यूरिया का भी प्रयोग कर सकते हैं जो किसानों को सरकारी दाम में दी जा रही है। आधा लीटर की पैकिंग से दो बीघा खेतों को खाद मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed