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Municipal Corporation Solan : पानी के बिलों को लेकर नगर निगम सोलन की हाउस मीटिंग में जमकर हंगामा

Wed, 31 Aug 2022 01:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2022 01:00 AM IST
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Uproar in the house meeting of Municipal Corporation Solan on water bills
सोलन में चार माह बाद हुए निगम हाउस में हंगामा करते भाजपा और कांग्रेस पार्षद। संवाद - फोटो : SOLAN
सोलन। चार माह बाद आयोजित हुए नगर निगम सोलन की जनरल हाउस में पानी के बिलों को लेकर खूब हंगामा हुआ है। भाजपा पार्षदों ने शहर में आठ माह तक बिल रोकने पर सवाल उठाए तो कांग्रेस ने उन पर जबरन सरकार से बिलों पर मंजूरी न देने के आरोप जड़े। इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कार्यकारी आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। हाउस की अध्यक्षता उप महापौर राजीव कौड़ा ने की। जबकि कार्यकारी आयुक्त जफर इकबाल बैठक का संचालन किया। बैठक में सभी भाजपा और कांग्रेस पार्षद मौजूद रहे।
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मंगलवार को 11:00 बजे शुरू हुए हाउस में जैसे ही उपमहापौर ने अपना संबोधन पूरा किया तो भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस की कथनी और करनी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि पिछले आठ माह से पानी के बिलों को रोका गया था और अब एकाएक पानी के बिलों का बोझ सोलन की जनता पर लादा जा रहा है। कहा कि सोलन की जनता के साथ किए गए इस धोखे को लेकर मेयर और डिप्टी मेयर सहित कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए। मुद्दे पर सभी भाजपा पार्षद एकजुट हो गए। इस पर हाउस की अध्यक्षता कर रहे उपमहापौर राजीव कौड़ा भड़क गए।
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राजीव कौड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार यदि सच में जनता की भलाई चाहती तो नगर निगम की ओर से 100 रुपये प्रतिमाह के बिल के प्रस्ताव को मंजूर करती। इस प्रस्ताव को मंजूर न करने पर सोलन के भाजपा पार्षदों का भी बड़ा हाथ है। उन्होंने हवा में एक कागज लहराते हुए कहा कि सीएम यदि मंडी निगम को 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त ग्रांट दे सकते हैं। गांवों में पानी के बिल माफ कर सकते हैं तो सोलन से सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है। इसके लिए सीएम को सोलन की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उनके इतना कहते ही दोनों ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।
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अब तीन से चार किश्तो में देने होंगे पानी के बिल
भाजपा पार्षदों ने मांग उठाई कि घरेलू उपभोक्ताओं को चार-चार माह की दो किश्तों के बिल की बजाए दो-दो माह की तीन किश्तों के हिसाब से बिल देकर थोड़ी राहत प्रदान की जाए। इस मांग को सभी ने स्वीकार किया और इसे सदन की कार्रवाई में शामिल किया। जिसे हाउस ने मंजूरी दे दी।
तैयार भवनों में बदलाव पर उठाया सवाल
हाउस में नगर निगम की प्रॉपर्टी किराए में चढ़ने के बाद इसमें किए जा रहे हैं बदलाव को लेकर सवाल खड़े किए। आजाद पार्षद मनीष सोपाल ने कहा कि नगर निगम पर काबिज कांग्रेस के मेयर और डिप्टी मेयर हाउस में ऐसे मामलों में कार्रवाई की बात तो करते हैं लेकिन होता कुछ नहीं। उन्होंने चंबाघाट रोड पर स्थित नगर निगम यात्री भवन को तोड़कर नए निर्माण के मामलों को उजागर किया। इस पर कार्यकारी आयुक्त जफर इकबाल ने कहा कि इसके लिए तकनीकी स्टाफ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि इस तरह की शिकायत आती है तो उस पर सात दिन के अंदर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारी को सुझाव दें, निर्देश न दें पार्षद
भाजपा पार्षदों की तरफ से बार-बार एक ही मुद्दे पर सवाल उठाने और कार्रवाई किए जाने की मांग पर जफर इकबाल ने कहा कि पार्षद हाउस में अपने सुझाव रख सकते हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी को निर्देश नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों की मांग को हाउस में चर्चा के बाद पारित किया जाए जाएगा।

रिटेंशन पॉलिसी में छह को मंजूरी
बैठक में रिटेंशन पॉलिसी का भी मुद्दा उठा। इस पर कार्यकारी आयुक्त जफर इकबाल ने कहा कि पॉलिसी में 243 आवेदन आए थे। इसमें सिर्फ छह लोगों को ही एनओसी जारी की गई है। अन्य सभी मामलों में जांच की जाएगी। इसकी रिपोर्ट नगर निगम के अधिकारियों को 15 दिनों के अंदर देनी होगी। उसके बाद ही तय किया जाएगा कि अन्य आवेदनों पर किसे मंजूरी मिलेगी।
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