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Solan News: गिरि में गाद आने पर भूमिगत टैंक बने सहारा

Sun, 02 Jul 2023 05:28 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jul 2023 05:28 PM IST
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Underground tank became a support when silt came in Giri
गिरी पयजल योजना में बनाएण्गए नए भूमिगत टैंक। संवाद
-ग्राउंड रिपोर्ट-
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भूमिगत टैंकों से रोजाना लिफ्ट हो रहा लाखों लीटर पानी
बारिश में गादयुक्त पानी आने से होती है परेशानी
आदित्य सोफत
सोलन। बारिश में गिरि पेयजल योजना में गादयुक्त (सिल्ट) पानी आने के बाद जल शक्ति विभाग मंडल सोलन को पेयजल लिफ्ट करने की चिंता दूर हो गई है। योजना के तहत बनाए तीन भूमिगत टैंक बरसात में बड़ा सहारा बने हैं।
इन टैंकों में साफ पानी इकट्ठा हो रहा, जिसे जलशक्ति विभाग लिफ्ट कर रहा है। ऐसे में अब लोगों को पेयजल समस्या का सामना भी नहीं करना पड़ रहा। ऐसा पहले बार हुआ कि बरसात में भारी बारिश के बावजूद योजना में लिफ्टिंग प्रभावित नहीं हुई। पानी की सप्लाई नियमित चल रही है। इससे पहले बारिश होते ही गिरि योजना में गादयुक्त पानी आ जाता था और कई दिनों तक पानी की लिफ्टिंग नहीं हो पाती थी।
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गौरतलब है कि शहर के लोगों को पेयजल सप्लाई करने के लिए दो प्रमुख योजनाएं हैं। इनमें गिरि और अश्वनी शामिल हैं। गिरि योजना का पानी शहर के साथ बड़ोग, कुमारहट्टी और धर्मपुर तक पहुंचाया जाता है। इसके लिए 24 घंटे जल शक्ति विभाग की ओर से मोटर चलाकर पानी लिफ्ट किया जाता है। इससे रोजाना लाखों लीटर पानी की लिफ्टिंग होती है। बरसात के दौरान योजनाओं में गादयुक्त पानी आता है। इससे पानी की लिफ्टिंग रुक जाती है। बरसात में पानी न होने के कारण हाहाकार भी मचता है। इन दिनों अश्वनी पेयजल योजना में भी सिल्ट आने से बीच-बीच में मोटर को बंद करनी पड़ रही है। इसी तरह गिरि पेयजल योजना में भी होता था। लेकिन पहली बार जिले में गिरि पेयजल योजना से भूमिगत टैंक से बरसात में भी पानी की लिफ्टिंग सफलतापूर्वक हुई है। आने वाले दिनों में भी पानी में सिल्ट आती है तो लोगों को पेयजल किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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2021-22 में हुआ भूमिगत टैंकों का निर्माण
गिरि पेयजल योजना के तहत भूमिगत टैंकों का निर्माण वर्ष 2021-22 में किया गया। इसका निर्माण कार्य 2022 में पूरा हुआ। उस समय बरसात का मौसम निकल गया। इसके चलते इस बार विभाग ने पहले ही रणनीति तैयार की। बीते दिनों गाद के बाद इन्हीं टैंकों का प्रयोग पानी की लिफ्टिंग के लिए किया गया। यह टैंक कुआं रूप में बनाए गए हैं।

एक और टैंक बनाने की जरूरत
शहर में रोजाना पानी की जरूरत करीब 80 लाख लीटर होती है। तीन टैंकों से 50 लाख लीटर रोजाना पानी लिफ्ट होता है। इससे शहरवासियों को काफी राहत मिलती है। वहीं कई बार अन्य क्षेत्रों में भी पानी दिया जा रहा है। ऐसे में एक और भूमिगत टैंक के निर्माण से काफी राहत मिलेगी। पानी की किल्लत भी दूर हो सकेगी। दूसरी ओर अश्वनी में इस प्रकार के कुएं का निर्माण करना संभव नहीं है क्योंकि कई बार पीलिया के मामले भी आ चुके हैं।

गिरि पेयजल योजना में बारिशों के दौरान गादयुक्त पानी आने पर भूमिगत टैंकों से पानी लिफ्ट किया गया है। पहली भूमिगत टैंक का प्रयोग बरसात में किया जा रहा है। दसमें विभाग को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आ रही है। लोगों को बरसात में भी आसानी से पानी दिया जा रहा है। गिरि योजना में एक ओर टैंक बनाने के लिए योजना है। मंजूरी मिलने के बाद इसका प्रस्ताव बनाया जाएगा।
-ई. सुमित सूद, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग मंडल सोलन।
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