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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में दोपहर बाद नहीं हुए अल्ट्रासाउंड
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मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के काटने पड़े चक्कर
300 से 600 रुपये खर्च कर करवाने पड़े टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में बुधवार को दोपहर एक बजे तक ही अल्ट्रासाउंड जांच हो सकी। इसके बाद अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक तैनात हैं। उनके अवकाश पर होने के कारण डॉ. विवेक को अल्ट्रासाउंड जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बुधवार को उनकी आपातकालीन कक्ष में रात्रि ड्यूटी होने के कारण उन्हें दोपहर तक घर जाना पड़ा। इसके चलते दोपहर एक बजे के बाद अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पाई।
ऐसे में देर से अस्पताल पहुंचे मरीजों को जांच करवाने के लिए निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रुख करना पड़ा। क्षेत्रीय अस्पताल में जहां अल्ट्रासाउंड जांच 130 रुपये में की जाती है और गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है, वहीं निजी क्लीनिकों में मरीजों को 300 से 600 रुपये तक खर्च करने पड़े। इससे गरीब मरीजों को अधिक दिक्कत झेलनी पड़ी।
अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप जैन ने बताया कि लोगों को सुविधा देने के लिए डॉ. विवेक को अल्ट्रासाउंड जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने दोपहर तक सभी मरीजों की जांच की। रात्रि ड्यूटी होने के कारण वे घर चले गए। इसके चलते दोपहर एक बजे के बाद जांच नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि वीरवार से मरीजों की जांच सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।
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300 से 600 रुपये खर्च कर करवाने पड़े टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में बुधवार को दोपहर एक बजे तक ही अल्ट्रासाउंड जांच हो सकी। इसके बाद अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक तैनात हैं। उनके अवकाश पर होने के कारण डॉ. विवेक को अल्ट्रासाउंड जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बुधवार को उनकी आपातकालीन कक्ष में रात्रि ड्यूटी होने के कारण उन्हें दोपहर तक घर जाना पड़ा। इसके चलते दोपहर एक बजे के बाद अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो पाई।
ऐसे में देर से अस्पताल पहुंचे मरीजों को जांच करवाने के लिए निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रुख करना पड़ा। क्षेत्रीय अस्पताल में जहां अल्ट्रासाउंड जांच 130 रुपये में की जाती है और गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है, वहीं निजी क्लीनिकों में मरीजों को 300 से 600 रुपये तक खर्च करने पड़े। इससे गरीब मरीजों को अधिक दिक्कत झेलनी पड़ी।
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अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप जैन ने बताया कि लोगों को सुविधा देने के लिए डॉ. विवेक को अल्ट्रासाउंड जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने दोपहर तक सभी मरीजों की जांच की। रात्रि ड्यूटी होने के कारण वे घर चले गए। इसके चलते दोपहर एक बजे के बाद जांच नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि वीरवार से मरीजों की जांच सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।
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