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Solan News: बजट के अभाव में एचआरटीसी की तीन बसें वर्कशॉप में खड़ी
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मरम्मत पर छह लाख रुपये खर्च होने का अनुमान, काम अटका
वर्कशॉप में धूल फांक रही बसें, अन्य पार्ट खराब होने का डर
बैटरी बदलने पर खर्च होंगे करीब पांच लाख रुपये, लोकल रूट पर सेवा प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सोलन डिपो में बजट के अभाव में खराब बसों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। डिपो की ओर से खराब बसों को ठीक करवाने के लिए करीब छह लाख रुपये के सामान की मांग भेजी थी, लेकिन अब तक बजट जारी नहीं हुआ है। ऐसे में एक इलेक्ट्रिक बस समेत तीन बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। इनके खराब पार्ट्स उपलब्ध न होने से मरम्मत का काम अटका हुआ है।
डिपो में अन्य बसों की मरम्मत के लिए भी पर्याप्त बजट नहीं मिल रहा है। इस कारण बसों में मामूली खराबी आने पर भी उन्हें ठीक करवाने में परेशानी हो रही है। वर्कशॉप में लंबे समय से खड़ी बसें धूल फांक रही हैं। वहीं, इनके अन्य पार्ट्स भी खराब होने की आशंका है।
डिपो में खड़ी इलेक्ट्रिक बस की बैटरी दो से तीन माह से खराब है। इसे बदलने पर करीब पांच लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह बस सोलन के लोकल रूट पर चलती थी, जबकि अन्य खराब बसों को ग्रामीण रूटों पर चलाया जाता था। इनके बंद रहने से संबंधित रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हैं।
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बजट मिलने पर होगी मरम्मत
बसों के खराब पार्ट्स और मरम्मत के लिए निगम को बजट की मांग भेजी गई है। बजट उपलब्ध न होने के कारण मरम्मत कार्य में परेशानी आ रही है। निगम से राशि मिलने के बाद ही बसों को ठीक करवाया जा सकेगा।
-तरसेम सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी सोलन डिपो
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वर्कशॉप में धूल फांक रही बसें, अन्य पार्ट खराब होने का डर
बैटरी बदलने पर खर्च होंगे करीब पांच लाख रुपये, लोकल रूट पर सेवा प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सोलन डिपो में बजट के अभाव में खराब बसों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। डिपो की ओर से खराब बसों को ठीक करवाने के लिए करीब छह लाख रुपये के सामान की मांग भेजी थी, लेकिन अब तक बजट जारी नहीं हुआ है। ऐसे में एक इलेक्ट्रिक बस समेत तीन बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। इनके खराब पार्ट्स उपलब्ध न होने से मरम्मत का काम अटका हुआ है।
डिपो में अन्य बसों की मरम्मत के लिए भी पर्याप्त बजट नहीं मिल रहा है। इस कारण बसों में मामूली खराबी आने पर भी उन्हें ठीक करवाने में परेशानी हो रही है। वर्कशॉप में लंबे समय से खड़ी बसें धूल फांक रही हैं। वहीं, इनके अन्य पार्ट्स भी खराब होने की आशंका है।
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डिपो में खड़ी इलेक्ट्रिक बस की बैटरी दो से तीन माह से खराब है। इसे बदलने पर करीब पांच लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह बस सोलन के लोकल रूट पर चलती थी, जबकि अन्य खराब बसों को ग्रामीण रूटों पर चलाया जाता था। इनके बंद रहने से संबंधित रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हैं।
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बजट मिलने पर होगी मरम्मत
बसों के खराब पार्ट्स और मरम्मत के लिए निगम को बजट की मांग भेजी गई है। बजट उपलब्ध न होने के कारण मरम्मत कार्य में परेशानी आ रही है। निगम से राशि मिलने के बाद ही बसों को ठीक करवाया जा सकेगा।
-तरसेम सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी सोलन डिपो