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50 लाख लोन का झांसा देकर ट्रांस्पोर्टर से ठगे डेढ़ लाख रुपये
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Transporter cheated rupees 1.25 Lakh rupees on the name of 50 lakh
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के पटेड मियाणी गांव के एक व्यक्ति से हैकरों ने लोन देने के नाम पर एक लाख 25 हजार 998 रुपये ठग लिए। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पटेड मियाणी गांव के नरेश कुमार ने बताया कि वह ट्रांसपोर्ट का कार्य करता है। तीन अगस्त को उसे बजाज फाइनेंस कंपनी का हवाला देकर एक व्यक्ति ने फोन किया। व्यक्ति ने उसे बताया कि उसका 50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। इसका ब्याज चार फीसदी की दर से उसे चुकाना होगा।
जब शिकायतकर्ता ने इतनी कम ब्याज में लोन देने की बात पूछी तो शातिर ने बताया कि उन्होंने कोविड-19 दौर में प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में 5100 और मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में 1100 रुपये का फंड ट्रांसफर किया था। इसके चलते कुछ गिने चुने लोगों के ये लोन पास हुए हैं जिसमें उसे भी शामिल किया गया है।
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ट्रांस्पोर्टर शातिर के झांसे में आ गया और उसने 9598 रुपये कागजी कार्रवाई के लिए उसके खाते में डाल दिए। 30 मिनट का बाद उन्हें काल आया कि लोन पास हो गया है। इसके बाद इंश्योरेंस का खर्चा सहित अन्य दस्तावेजों को पूरा करने के लिए 49,999 रुपये और 75,999 रुपये गूगलपे करने के लिए कहा।
ट्रांस्पोर्टर ने यह राशि भी जमा कर दी लेकिन दो महीने बीतने के बाद लोन और जमा की गई राशि पीड़ित को नहीं मिली। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। डीएसपी नवदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार पटेड मियाणी गांव के नरेश कुमार ने बताया कि वह ट्रांसपोर्ट का कार्य करता है। तीन अगस्त को उसे बजाज फाइनेंस कंपनी का हवाला देकर एक व्यक्ति ने फोन किया। व्यक्ति ने उसे बताया कि उसका 50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। इसका ब्याज चार फीसदी की दर से उसे चुकाना होगा।
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जब शिकायतकर्ता ने इतनी कम ब्याज में लोन देने की बात पूछी तो शातिर ने बताया कि उन्होंने कोविड-19 दौर में प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में 5100 और मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में 1100 रुपये का फंड ट्रांसफर किया था। इसके चलते कुछ गिने चुने लोगों के ये लोन पास हुए हैं जिसमें उसे भी शामिल किया गया है।
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ट्रांस्पोर्टर शातिर के झांसे में आ गया और उसने 9598 रुपये कागजी कार्रवाई के लिए उसके खाते में डाल दिए। 30 मिनट का बाद उन्हें काल आया कि लोन पास हो गया है। इसके बाद इंश्योरेंस का खर्चा सहित अन्य दस्तावेजों को पूरा करने के लिए 49,999 रुपये और 75,999 रुपये गूगलपे करने के लिए कहा।
ट्रांस्पोर्टर ने यह राशि भी जमा कर दी लेकिन दो महीने बीतने के बाद लोन और जमा की गई राशि पीड़ित को नहीं मिली। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। डीएसपी नवदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।