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Solan News: जोहड़जी में गूंजे गुरु भक्ति के सुर, पहाड़ी संगत की आमद शुरू
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मेले से पंजाब की संगत लौटी
एक सप्ताह तक स्थानीय लोग गुरुद्वारे में चढ़ाएंगे मन्नत
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। बद्दी उपमंडल के अंतर्गत जोहड़जी साहिब से पंजाब की संगत वापसी कर चुकी है। मंगलवार से पहाड़ी क्षेत्र के श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचने लगे हैं। मेले के पहले सप्ताह में मैदानी क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा स्थल पर पहुंचकर आस्था के साथ शीश नवाया। श्रद्धालुओं ने झंडा चढ़ाने की रस्म निभाई और पावन जोहड़जी की परिक्रमा की।
रात्रि के समय पंजाब से आए कलाकारों ने शबद-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई और गुरु भक्ति में लीन रहे। जोहड़जी में गुरु नानक देव जी से जुड़ा धार्मिक मेला हर तीसरे वर्ष आयोजित किया जाता है। इस बार दो अप्रैल से इसका शुभारंभ हुआ है। दो सप्ताह तक चलने वाले मेले में पहले सप्ताह में मैदानी संगत और दूसरे सप्ताह में पहाड़ी संगत भाग लेती है।
मेले का मुख्य आकर्षण पावन जोहड़जी की परिक्रमा, झंडा चढ़ाने की परंपरा और दैनिक आरती है। मान्यता है कि श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर बैंड-बाजे के साथ जोहड़जी की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद पीपल के वृक्ष के पास स्थित चौकी पर झंडा चढ़ाते हैं। सुबह और शाम को घंटियों की गूंज के बीच आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
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मेले में अटूट लंगर की व्यवस्था की गई है। शाम के समय लंगर में खिचड़ी परोसी जाती है, वहीं अब विभिन्न प्रकार के व्यंजन और फल भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गुरुद्वारा कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं को पीले रंग के सिरोपे भेंट किए जाते हैं, जिन्हें वे श्रद्धापूर्वक धारण करते हैं।
मेला स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी कसौली गोपाल ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लगातार सेवाएं दे रही है। जोहड़जी क्षेत्र के सेवादार जिया लाल, राम लाल ठाकुर, राम चंद ठाकुर और समाजसेवी रमेश रघुवंशी ने बताया कि पिछले कई वर्षों के बाद इस बार मेले में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।
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एक सप्ताह तक स्थानीय लोग गुरुद्वारे में चढ़ाएंगे मन्नत
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। बद्दी उपमंडल के अंतर्गत जोहड़जी साहिब से पंजाब की संगत वापसी कर चुकी है। मंगलवार से पहाड़ी क्षेत्र के श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचने लगे हैं। मेले के पहले सप्ताह में मैदानी क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा स्थल पर पहुंचकर आस्था के साथ शीश नवाया। श्रद्धालुओं ने झंडा चढ़ाने की रस्म निभाई और पावन जोहड़जी की परिक्रमा की।
रात्रि के समय पंजाब से आए कलाकारों ने शबद-कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई और गुरु भक्ति में लीन रहे। जोहड़जी में गुरु नानक देव जी से जुड़ा धार्मिक मेला हर तीसरे वर्ष आयोजित किया जाता है। इस बार दो अप्रैल से इसका शुभारंभ हुआ है। दो सप्ताह तक चलने वाले मेले में पहले सप्ताह में मैदानी संगत और दूसरे सप्ताह में पहाड़ी संगत भाग लेती है।
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मेले का मुख्य आकर्षण पावन जोहड़जी की परिक्रमा, झंडा चढ़ाने की परंपरा और दैनिक आरती है। मान्यता है कि श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर बैंड-बाजे के साथ जोहड़जी की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद पीपल के वृक्ष के पास स्थित चौकी पर झंडा चढ़ाते हैं। सुबह और शाम को घंटियों की गूंज के बीच आरती का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
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मेले में अटूट लंगर की व्यवस्था की गई है। शाम के समय लंगर में खिचड़ी परोसी जाती है, वहीं अब विभिन्न प्रकार के व्यंजन और फल भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गुरुद्वारा कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं को पीले रंग के सिरोपे भेंट किए जाते हैं, जिन्हें वे श्रद्धापूर्वक धारण करते हैं।
मेला स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी कसौली गोपाल ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लगातार सेवाएं दे रही है। जोहड़जी क्षेत्र के सेवादार जिया लाल, राम लाल ठाकुर, राम चंद ठाकुर और समाजसेवी रमेश रघुवंशी ने बताया कि पिछले कई वर्षों के बाद इस बार मेले में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।