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परवाणू अस्पताल में अब टोकन पर मिलेगा इलाज
ब्यूरो, परवाणू, सोलन
Updated Fri, 28 Oct 2016 09:08 PM IST
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ईएसआई अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए रोगियों को अब ओपीडी में अपनी बारी के लिए टोकन लेना होगा।
- फोटो : demo pic
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ईएसआई अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए रोगियों को अब ओपीडी में अपनी बारी के लिए टोकन लेना होगा। अस्पताल में जल्द ही यह व्यवस्था शुरू हो होगी। दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बनाने के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया जा रहा है।
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इस बदलाव का मकसद ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगने के बाद भी व्यवस्था बनाए रखने और कोई भी मरीज अपना इलाज करवाने के लिए एक-दूसरे के साथ न उलझे की व्यवस्था करना है। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल में टेस्ट के लिए कार्ड भी जारी होंगे। इससे मरीजों को अपना कोई भी टेस्ट करवाने में परेशानी नहीं होगी। यह फैसले अस्पताल में सहायक आयुक्त शिल्पी बेक्टा की अध्यक्षता में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिए गए। चोरी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए सुरक्षा कड़ी करने, रसोई घर आपातकालीन और अन्य स्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पोस्टमार्टम के दौरान कर्मचारी को रुपये देने, 2 कार्डियक मॉनिटर खरीदने, दो पोर्टेबल आक्सीजन सिलेंडर लेने, लेबोरेटरी को आधुनिकीकरण करने, फोटो थैरेपी को डबल करने और अन्य मुद्दों पर प्रस्ताव पास किए गए।
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रोजाना 700 से अधिक ओपीडी
ईएसआई अस्पताल परवाणू में रोजाना करीब 700 से अधिक मरीजों की ओपीडी लगती है। यहां पर कुछेक ओपीडी में तो मरीजों की भीड़ इतनी अधिक होती है कि अस्पताल के कर्मचारी को भी लोग ओपीडी में घुसने नहीं देते। कई झगड़ों के मामले भी समाने आ चुके हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अस्पताल के चिकित्सा अधिक्षक डॉ. विनोद कपिल ने अस्पताल के ओपीडी में टोकन सिस्टम शुरू करने का प्रस्ताव बैठक में मौजूद सदस्यों के सामने रखा, इस पर सभी सदस्यों ने सहमति जाहिर की और प्रस्ताव को पास किया।
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इससे यह होगा फायदा
अस्पताल में टोकन सिस्टम शुरू होने से मरीजों को कतारों में लगकर अपनी बारी के लिए झगड़ना नहीं पड़ेगा और टोकन के अनुसार ही मरीज का इलाज किया जाएगा। दूसरी ओर बैठक में अस्पताल में शुरू किए कार्ड टेस्ट की सुविधा के बारे में भी सदस्यों को अवगत करवाया। मौजूदा समय में अस्पताल में रोजाना करीब 250 मरीजों के भिन्न -भिन्न टेस्ट करवाए जा रहे हैं लेकिन इन टेस्टों में से कुछेक टेस्टों को कन्फर्मेंशन के लिए बाहर भेजना पड़ता है। इससे उनके रिपोर्ट आने में समय लग जाता है। अस्पताल में कार्ड टेस्ट के लिए नॉन ईएसआई मरीजों को अस्पताल की ओर से तय किया शुल्क चुकाना पड़ेगा और कार्ड टेस्ट करवाने वाले मरीजों को रिपोर्ट भी पहले की अपेक्षा जल्दी मिल सकेगी।
यह टेस्ट होंगे फ्री
अस्पताल में इन दिनों डेंगू के लिए निशुल्क एलाईजा टेस्ट, चिकनगुनिया के निशुल्क एलाइजा टेस्ट के द्वारा आईजीएमसी शिमला से, मलेरिया के लिए निशुल्क सलाइड टेस्ट परवाणू अस्पताल में ही उपलब्ध हैं। स्क्रब टायफस के लिए निशुल्क सलाइड टेस्ट के लिए शिमला भेजा जाता है, जिनकी रिपोर्ट आने में ही काफी समय लग जाता है। ऐसे में मरीज इनमें से कोई भी टेस्ट कार्ड टेस्ट के माध्यम से अस्पताल में ही करवा सकते हैं और इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से बाकायदा मरीजों से कौन सा टेस्ट करवाना है इस बारे में भी पूछा जा रहा है। इसके अलावा बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
यह है कार्ड टेस्ट के रेट :
टेस्ट शुल्क
डेंगू 300 रुपये
स्क्रब टाईफस 200 रुपये
चिकनगुनिया 180 रुपये
हेपेटाइटिस ए और ई 160 रुपये
टायफाइड 50 रुपये
मलेरिया 40 रुपये