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Solan News: मटर की बिजाई का समय निकला, गेहूं को भी हो रही देरी
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सूखे के चलते घर पर ही रह गया खरीदा बीज, किसान परेशान
जिले की 75 प्रतिशत मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में रुका बिजाई कार्य
1,643 हेक्टेयर पर मटर और 22 हजार हेक्टेयर पर होती गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में तीन माह से चल रहे सूखे के कारण किसान-बागवान परेशान हैं। बारिश न होने के कारण 75 प्रतिशत मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बिजाई का कार्य रुक गया है।
लंबे समय से सूखे के चलते बाजार और कृषि विभाग से खरीदा बीज घर पर ही रह गया है। सूखे के चलते किसान इसकी बिजाई नहीं कर पाए हैं। अब लहसुन पर भी सूखे का खतरा मंडराने लगा है। इन दिनों लहसुन जमीन से बाहर ही निकला है।
दो दिन पहले जिले में मौसम खराब हो गया था। इससे बारिश की संभावना जताई जा रही है। अब फिर से मौसम साफ हो गया है। इससे किसान परेशान हैं। जिले के 1643 हेक्टेयर पर मटर की बिजाई होती है, लेकिन अब अधिकतर क्षेत्रों में मटर की बिजाई का समय निकल गया है। अब गेहूं के लिए भी देरी होने लगी है। 22 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की बिजाई की जाती है। गेहूं की अगेती और पिछेती किस्मों का बीज किसानों ने कृषि खंडों से खरीद भी कर लिया है। गेहूं की फसल सोलन जिला की मुख्य रबी फसल है। करीब 25 हजार 400 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जाती है। इसमें से 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की ही फसल बुआई की जाती है। इसके अलावा जिला के किसान जौ, जई, सरसों, तारामीरा, चना, सब्जियों में मटर, गोभी, प्याज, लहसुन की फसलें भी उगाते हैं। जिला के मैदानी क्षेत्रों बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ व आसपास के मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल बहुतायात में होती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में किसान अपने उपयोग के लिए ही फसलें उगाते हैं। इसमें सभी किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
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उप निदेशक कृषि विभाग जिला सोलन डॉ. देव राज कश्यप ने बताया कि बारिश न होने के कारण गेहूं, बरसीम, मटर, आलू, प्याज, चना सहित अन्य फसलों की बिजाई कार्य रुक गया है। इसमें मटर के लिए देरी हो गई है। जबकि गेहूं पर भी संकट छा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले भर से नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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जिले की 75 प्रतिशत मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में रुका बिजाई कार्य
1,643 हेक्टेयर पर मटर और 22 हजार हेक्टेयर पर होती गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में तीन माह से चल रहे सूखे के कारण किसान-बागवान परेशान हैं। बारिश न होने के कारण 75 प्रतिशत मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बिजाई का कार्य रुक गया है।
लंबे समय से सूखे के चलते बाजार और कृषि विभाग से खरीदा बीज घर पर ही रह गया है। सूखे के चलते किसान इसकी बिजाई नहीं कर पाए हैं। अब लहसुन पर भी सूखे का खतरा मंडराने लगा है। इन दिनों लहसुन जमीन से बाहर ही निकला है।
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दो दिन पहले जिले में मौसम खराब हो गया था। इससे बारिश की संभावना जताई जा रही है। अब फिर से मौसम साफ हो गया है। इससे किसान परेशान हैं। जिले के 1643 हेक्टेयर पर मटर की बिजाई होती है, लेकिन अब अधिकतर क्षेत्रों में मटर की बिजाई का समय निकल गया है। अब गेहूं के लिए भी देरी होने लगी है। 22 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की बिजाई की जाती है। गेहूं की अगेती और पिछेती किस्मों का बीज किसानों ने कृषि खंडों से खरीद भी कर लिया है। गेहूं की फसल सोलन जिला की मुख्य रबी फसल है। करीब 25 हजार 400 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जाती है। इसमें से 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की ही फसल बुआई की जाती है। इसके अलावा जिला के किसान जौ, जई, सरसों, तारामीरा, चना, सब्जियों में मटर, गोभी, प्याज, लहसुन की फसलें भी उगाते हैं। जिला के मैदानी क्षेत्रों बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ व आसपास के मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल बहुतायात में होती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में किसान अपने उपयोग के लिए ही फसलें उगाते हैं। इसमें सभी किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
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उप निदेशक कृषि विभाग जिला सोलन डॉ. देव राज कश्यप ने बताया कि बारिश न होने के कारण गेहूं, बरसीम, मटर, आलू, प्याज, चना सहित अन्य फसलों की बिजाई कार्य रुक गया है। इसमें मटर के लिए देरी हो गई है। जबकि गेहूं पर भी संकट छा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले भर से नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।