फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   The story narrated the characters of Goswami Tulsidas and Shatrughna.

Solan News: कथा में गोस्वामी तुलसीदास व शत्रुघन का चरित्र सुनाया

Sat, 18 Jul 2026 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Sat, 18 Jul 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
The story narrated the characters of Goswami Tulsidas and Shatrughna.
बद्दी के हरिपुर संडोली में श्री भक्तमाल कथा के दौरान स्थानीय लोग- संवाद।
खाटू श्याम मंदिर हरिपुर संडोंली में भक्तमाल कथा चौथा दिन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बद्दी के संडोली स्थित खाटू श्याम मंदिर में गुप्त नवरात्रों के उपलक्ष्य में आयोजित भक्तमाल कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास पंडित जगमोहन दत्त शास्त्री ने संत तुलसीदास जी व शत्रुघ्न का जीवन चरित्र सुनाया। उन्होंने बताया कि जीवन में जब तक परेशानियां नहीं आती तब तक कभी भी परमात्मा की प्राप्ति नहीं होती है। गोस्वामी तुलसीदास का चरित्र उनके महान ग्रंथ रामचरितमानस और उनके जीवन प्रसंगों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। वे अद्वितीय रामभक्त, महान लोकनायक, और आदर्शवादी कवि थे। उनका व्यक्तित्व सादगी, त्याग, और समन्वय की भावना का अनुपम उदाहरण था। तुलसीदास के मन में राम के प्रति अनन्य प्रेम था। उन्होंने स्वयं को चातक के समान माना, जो केवल राम-घनश्याम की ही रट लगाता है। उनके साहित्य में भक्ति का सबसे पावन और आदर्श रूप दिखाई देता है। उन्होंने अपने साहित्य रामचरितमानस के माध्यम से समाज में पिता-पुत्र, पति-पत्नी, और भाई-भाई के आदर्श संबंधों की स्थापना की।
उन्होंने बताया कि रामायण में शत्रुघ्न का चरित्र एक आदर्श, मौन और निस्वार्थ सेवक का है। जिन्होंने कभी यश या सत्ता की लालसा नहीं की, बल्कि अपने भाई भरत की सेवा और धर्म की रक्षा में जीवन समर्पित कर दिया। जिस प्रकार लक्ष्मण राम के साथ रहते थे, उसी प्रकार शत्रुघ्न आजीवन भरत के छाया बनकर रहे। यहां तक कि जब भरत अपने ननिहाल जा रहे थे, तब शत्रुघ्न भी उनके साथ गए। जब राम वनवास में थे और भरत नंदीग्राम में तपस्वी का जीवन बिता रहे थे, तब शत्रुघ्न ने ही अयोध्या का संपूर्ण राजकाज संभाला। शत्रुघ्न एक अत्यंत शक्तिशाली योद्धा थे। उन्होंने भगवान शिव के त्रिशूल की शक्ति रखने वाले भयंकर राक्षस लवणासुर का वध किया और मथुरा की स्थापना की।
विज्ञापन

कथावाचक शास्त्री जी ने बताया कि भगवान की प्राप्ति तभी होती है। जो व्यक्ति की सच्ची परमात्मा से मिलती है जीवन में कोई भी काम करो हर काम करने के पीछे सच्ची मेहनत होनी चाहिए और उसे मेहनत को इस तरीके से करना चाहिए कि परमात्मा भी आपको मिलने के लिए धरती पर अवतार लेकर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed