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Solan News: सरकार ने नहीं रोके डॉक्टरों के तबादले अस्पताल से दो विशेषज्ञ चिकित्सक रिलीव
Thu, 17 Sep 2026 12:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:05 AM IST
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डिजिटल पर न चलाएं...................
मंत्री के आश्वासन पर प्रशासन ने किया एक माह इंतजार, नहीं आया कोई भी जवाब
मेडिसिन और हड्डी रोग विशेषज्ञ का भी हुआ है तबादला, हो सकते हैं जल्द रिलीव
स्त्री रोग ओपीडी 150 महिलाएं देखने के लिए मात्र एक विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। एक माह के इंतजार के बाद आखिरकार अस्पताल प्रशासन को दो विशेषज्ञों को कार्यमुक्त करना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल के आश्वासन के बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया तो प्रशासन ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष मित्तल और बायोकेमिस्ट्री विशेषज्ञ डॉ. मीना मित्तल को कार्यमुक्त कर दिया है। हालांकि अभी तक दोनों विशेषज्ञों ने जॉइन नहीं किया है। मगर कार्यमुक्त होने के बाद यह दोबारा से क्षेत्रीय अस्पताल में सेवाएं नहीं दे पाएंगे। साथ ही दोनों ने अस्पताल आना भी बंद कर दिया है। वहीं अब मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनुज गुप्ता और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा के तबादले रोकने के आदेश अगर नहीं आते हैं तो जल्द ही प्रशासन को उन्हें भी कार्यमुक्त करना पड़ सकता है।
बीते 14 अगस्त को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से चार विशेषज्ञ डॉक्टरों के तबादलों का आदेश आए थे। जिसके बाद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया था। वहीं लोगों के दबाव में आकर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आश्वासन दिया था कि सभी के तबादलों को रोका जाएगा। अब एक माह के इंतजार के बाद भी जब तबादले रोकने के कोई भी आदेश जारी नहीं हुए, तो प्रशासन को मजबूरी में दो विशेषज्ञ डॉक्टरों को अस्पताल से कार्यमुक्त करना पड़ा है।
ऐसे में अब अस्पताल में स्त्री रोग ओपीडी, ऑपरेशन और आपातकाल स्थिति में प्रसव की जिम्मेदारी एक ही विशेषज्ञ के सहारे छोड़ दी गई है। वर्तमान समय से करीब दो माह पहले क्षेत्रीय अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद थे। इनमें से एक ने जहां नौकरी छोड़ अपना क्लीनिक शुरू किया, तो एक को सरकार ने मेडिकल कॉलेज के लिए स्थानांतरित कर दिया। अस्पताल में स्त्री रोग ओपीडी में रोजाना आने वाली 100 से 150 महिलाओं की जिम्मेदारी एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के कंधों पर आ गई है। साथ ही अब मरीजों को भी एक डॉक्टर रह जाने के कारण घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
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इनसेट
एक और विशेषज्ञ का भी अटका है तबादला
अस्पताल में हाल ही में हुए एक और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का तबादला भी अब अटका पड़ा है। तबादले के अभी प्रशासन की ओर से उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है। यदि उन्हें भी कार्यमुक्त कर दिया गया, तो आर्थो ओपीडी में कोई भी डॉक्टर नहीं रहेगा। ऐसे में अस्पताल में हड्डी रोग ओपीडी पूरी तरह से बंद हो सकती है।
कोट
प्रशासन को दो विशेषज्ञ डॉक्टरों डॉ. मनीष मित्तल व डॉ. मीना मित्तल को अस्पताल से कार्यमुक्त करना पड़ा है। प्रशासन की ओर से डॉक्टरों के तबादले रोकने के आदेशों का इंतजार किया जा रहा है। हड्डी रोग और मेडिसिन विशेषज्ञ को प्रशासन की ओर से अभी कार्यमुक्त नहीं किया गया है। अस्पताल में लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी हो रही है। जिससे कई बार मरीज भी परेशान होते हैं। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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मंत्री के आश्वासन पर प्रशासन ने किया एक माह इंतजार, नहीं आया कोई भी जवाब
मेडिसिन और हड्डी रोग विशेषज्ञ का भी हुआ है तबादला, हो सकते हैं जल्द रिलीव
स्त्री रोग ओपीडी 150 महिलाएं देखने के लिए मात्र एक विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। एक माह के इंतजार के बाद आखिरकार अस्पताल प्रशासन को दो विशेषज्ञों को कार्यमुक्त करना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल के आश्वासन के बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया तो प्रशासन ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष मित्तल और बायोकेमिस्ट्री विशेषज्ञ डॉ. मीना मित्तल को कार्यमुक्त कर दिया है। हालांकि अभी तक दोनों विशेषज्ञों ने जॉइन नहीं किया है। मगर कार्यमुक्त होने के बाद यह दोबारा से क्षेत्रीय अस्पताल में सेवाएं नहीं दे पाएंगे। साथ ही दोनों ने अस्पताल आना भी बंद कर दिया है। वहीं अब मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनुज गुप्ता और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा के तबादले रोकने के आदेश अगर नहीं आते हैं तो जल्द ही प्रशासन को उन्हें भी कार्यमुक्त करना पड़ सकता है।
बीते 14 अगस्त को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से चार विशेषज्ञ डॉक्टरों के तबादलों का आदेश आए थे। जिसके बाद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया था। वहीं लोगों के दबाव में आकर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आश्वासन दिया था कि सभी के तबादलों को रोका जाएगा। अब एक माह के इंतजार के बाद भी जब तबादले रोकने के कोई भी आदेश जारी नहीं हुए, तो प्रशासन को मजबूरी में दो विशेषज्ञ डॉक्टरों को अस्पताल से कार्यमुक्त करना पड़ा है।
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ऐसे में अब अस्पताल में स्त्री रोग ओपीडी, ऑपरेशन और आपातकाल स्थिति में प्रसव की जिम्मेदारी एक ही विशेषज्ञ के सहारे छोड़ दी गई है। वर्तमान समय से करीब दो माह पहले क्षेत्रीय अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद थे। इनमें से एक ने जहां नौकरी छोड़ अपना क्लीनिक शुरू किया, तो एक को सरकार ने मेडिकल कॉलेज के लिए स्थानांतरित कर दिया। अस्पताल में स्त्री रोग ओपीडी में रोजाना आने वाली 100 से 150 महिलाओं की जिम्मेदारी एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के कंधों पर आ गई है। साथ ही अब मरीजों को भी एक डॉक्टर रह जाने के कारण घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
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एक और विशेषज्ञ का भी अटका है तबादला
अस्पताल में हाल ही में हुए एक और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का तबादला भी अब अटका पड़ा है। तबादले के अभी प्रशासन की ओर से उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है। यदि उन्हें भी कार्यमुक्त कर दिया गया, तो आर्थो ओपीडी में कोई भी डॉक्टर नहीं रहेगा। ऐसे में अस्पताल में हड्डी रोग ओपीडी पूरी तरह से बंद हो सकती है।
कोट
प्रशासन को दो विशेषज्ञ डॉक्टरों डॉ. मनीष मित्तल व डॉ. मीना मित्तल को अस्पताल से कार्यमुक्त करना पड़ा है। प्रशासन की ओर से डॉक्टरों के तबादले रोकने के आदेशों का इंतजार किया जा रहा है। हड्डी रोग और मेडिसिन विशेषज्ञ को प्रशासन की ओर से अभी कार्यमुक्त नहीं किया गया है। अस्पताल में लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी हो रही है। जिससे कई बार मरीज भी परेशान होते हैं। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन