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Solan News: विलुप्त हुई कनाहल खड्ड पर नहर बनाकर दिया वास्तविक स्वरूप
Sat, 16 Dec 2023 11:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 16 Dec 2023 11:06 PM IST
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डीएफओ यशुदीप सिंह के प्रयासों से बच गई किसानों की जमीन
हर साल बारिश में पानी आने से ढह जाती थी आसपास की भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ की मझौली पंचायत के कनाहल खड्ड पर वन विभाग की ओर से बनाई नहर से जहां लोगों की जमीन कटाव से बच गई है वहीं इस नहर से लोग सिंचाई सुविधा भी ले रहे हैं। लेकिन यह नहर हिमाचल तक ही सीमित रह गई है, इसे पंजाब में नहीं बनाया गया। अगर यह सरसा खड्ड में मिल जाती है तो हिमाचल में जो प्रयास हुए है उसके दोनों राज्यों के किसानों को सही मायने में फायदा होता।
मझौली पंचायत के किसानों की जमीन हर वर्ष बाढ़ के पानी से बह जाती थी। दो साल पहले तत्कालीन डीएफओ यशुदीप सिंह ने गूगल मैप की सहायता से इस बाढ़ के कारणों का पता लगाया तो देखा गया कि वर्ष 1980 में यहां पर एक नहर थी जिसके माध्यम से जंगल का पानी निकल कर सरसा खड्ड में मिलता था, लेकिन समय के साथ-साथ लोगों ने इस नहर पर अतिक्रमण कर लिया और अपने खेत बना लिया। बरसात का पानी निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा तो पानी हर वर्ष किसानों के खेत और उनकी फसलों को नष्ट करता था।
डीएफओ यशुदीप सिंह ने इस नहर को वास्तविक रूप देने के लिए प्रस्ताव तैयार कर इस पर काम किया। लोगों की जमीन के बीच से जहां पहले यह खड्ड बहता था वहां पर 2 किमी नहर तैयार की। जिस पर 15 लाख रुपये खर्चा आया। नहर तैयार होने के बाद बरसात का पानी इसके माध्यम से हिमाचल से बाहर निकल जाता है। इस दौरान भी वन विभाग के डीएफओ ने पंजाब के अधिकारियों से बात कर इसे पंजाब में इसी तर्ज पर बना कर सरसा खड़्ड में मिलाने की सलाह दी थी लेकिन पंजाब में कोई भी किसान अपने खेत से नहर निकालने को तैयार नहीं हुआ। जिससे यह दो राज्यों के बीच का मामला होने से पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो पाया। लेकिन हिमाचल के किसानों को चैनलाइजेशन के होने से काफी फायदा हुआ है। इस बार बरसात में किसी भी किसान की जमीन को नुकसान नहीं पहुंचा है।
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इनसेट
यशुदीप सिंह को मिला जल प्रहरी का सम्मान
नालागढ़(सोलन)। हिमाचल के युवा वन अधिकारी और नालागढ़ के पूर्व उप अरण्यपाल यशुदीप सिंह को भारत सरकार की ओर से जल प्रहरी सम्मान से नवाजा गया है। वीरवार को भारत के 32 जल योद्धाओं को सम्मानित करने के लिए जल प्रहरी सम्मान समारोह 2023 का चौथा संस्करण नई दिल्ली में आयोजित किया गया। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से यूएनओपीएस, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय जल मिशन, सीईईडब्ल्यू, जर्मन जीआईजेड और एनआईयूए को नॉलेज पार्टनर के रूप में आयोजित किया गया था। यह सम्मान केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के हाथों मिला। स्थानीय लोगों ने इसके लिए डीएफओ को बधाई दी है।
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हर साल बारिश में पानी आने से ढह जाती थी आसपास की भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ की मझौली पंचायत के कनाहल खड्ड पर वन विभाग की ओर से बनाई नहर से जहां लोगों की जमीन कटाव से बच गई है वहीं इस नहर से लोग सिंचाई सुविधा भी ले रहे हैं। लेकिन यह नहर हिमाचल तक ही सीमित रह गई है, इसे पंजाब में नहीं बनाया गया। अगर यह सरसा खड्ड में मिल जाती है तो हिमाचल में जो प्रयास हुए है उसके दोनों राज्यों के किसानों को सही मायने में फायदा होता।
मझौली पंचायत के किसानों की जमीन हर वर्ष बाढ़ के पानी से बह जाती थी। दो साल पहले तत्कालीन डीएफओ यशुदीप सिंह ने गूगल मैप की सहायता से इस बाढ़ के कारणों का पता लगाया तो देखा गया कि वर्ष 1980 में यहां पर एक नहर थी जिसके माध्यम से जंगल का पानी निकल कर सरसा खड्ड में मिलता था, लेकिन समय के साथ-साथ लोगों ने इस नहर पर अतिक्रमण कर लिया और अपने खेत बना लिया। बरसात का पानी निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा तो पानी हर वर्ष किसानों के खेत और उनकी फसलों को नष्ट करता था।
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डीएफओ यशुदीप सिंह ने इस नहर को वास्तविक रूप देने के लिए प्रस्ताव तैयार कर इस पर काम किया। लोगों की जमीन के बीच से जहां पहले यह खड्ड बहता था वहां पर 2 किमी नहर तैयार की। जिस पर 15 लाख रुपये खर्चा आया। नहर तैयार होने के बाद बरसात का पानी इसके माध्यम से हिमाचल से बाहर निकल जाता है। इस दौरान भी वन विभाग के डीएफओ ने पंजाब के अधिकारियों से बात कर इसे पंजाब में इसी तर्ज पर बना कर सरसा खड़्ड में मिलाने की सलाह दी थी लेकिन पंजाब में कोई भी किसान अपने खेत से नहर निकालने को तैयार नहीं हुआ। जिससे यह दो राज्यों के बीच का मामला होने से पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो पाया। लेकिन हिमाचल के किसानों को चैनलाइजेशन के होने से काफी फायदा हुआ है। इस बार बरसात में किसी भी किसान की जमीन को नुकसान नहीं पहुंचा है।
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यशुदीप सिंह को मिला जल प्रहरी का सम्मान
नालागढ़(सोलन)। हिमाचल के युवा वन अधिकारी और नालागढ़ के पूर्व उप अरण्यपाल यशुदीप सिंह को भारत सरकार की ओर से जल प्रहरी सम्मान से नवाजा गया है। वीरवार को भारत के 32 जल योद्धाओं को सम्मानित करने के लिए जल प्रहरी सम्मान समारोह 2023 का चौथा संस्करण नई दिल्ली में आयोजित किया गया। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से यूएनओपीएस, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय जल मिशन, सीईईडब्ल्यू, जर्मन जीआईजेड और एनआईयूए को नॉलेज पार्टनर के रूप में आयोजित किया गया था। यह सम्मान केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के हाथों मिला। स्थानीय लोगों ने इसके लिए डीएफओ को बधाई दी है।