फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   The condition of the rain shelters is poor, they do not have a roof in the sun and water drips during the rain.

Solan News: वर्षा शालिकाओं की हालत खराब, धूप में छत नसीब नहीं, बारिश में टपकता है पानी

Thu, 05 Mar 2026 10:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
The condition of the rain shelters is poor, they do not have a roof in the sun and water drips during the rain.
बाईपास में बने वर्षा शालिका की खस्ताहाल। संवाद
शहर के पुराने बस अड्डे और बाईपास पर लोगों को खुले में करना पड़ रहा बसों का इंतजार
विज्ञापन

सफाई न होने से लोगों का दुर्गंध से बुरा हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
शहर के पुराने बस अड्डे और बाईपास पर बनाई गई वर्षा शालिकाएं रखरखाव के अभाव में बदहाली के आंसू रो रही हैं। आलम यह है कि सफाई न होने और शालिकाओं के बस स्टॉप से दूर होने के कारण यात्रियों को इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा। विशेषकर सर्कुलर रोड पर बस स्टॉप होने के बावजूद वर्षा शालिका की सुविधा न होने से लोगों को चिलचिलाती धूप और बारिश में बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। पुराने बस अड्डे के पास बनी वर्षा शालिका बस स्टॉप से काफी दूर है। यात्री बसों के छूटने के डर से वर्षा शालिका में बैठने के बजाय धूप में ही खड़े रहते हैं। वर्षा शालिका के भीतर गंदगी का साम्राज्य है और वहां से उठने वाली दुर्गंध के कारण बैठना मुमकिन नहीं है। छत की चादरें जगह-जगह से चटक गई हैं, जिससे बारिश का पानी अंदर टपकता रहता है। यात्री बसों और ऑटो के इंतजार में खुले आसमान के नीचे खड़े रहने को मजबूर हैं। बाईपास स्थित वर्षा शालिका की स्थिति और भी दयनीय है। यहां न तो कोई बोर्ड लगा है और न ही बसें यहां रुकती हैं। यात्रियों को शालिका से करीब 50 मीटर दूर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। रखरखाव न होने से लोहे के ढांचे में जंग लग चुका है और छत की चादरों में छेद हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने निर्माण के बाद इसकी सुध तक नहीं ली।
सर्कुलर रोड पर यात्री सबसे ज्यादा परेशान
राजगढ़ और सिरमौर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी सर्कुलर रोड पर झेलनी पड़ रही है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग बसों का इंतजार करते हैं, लेकिन बैठने के लिए न तो बेंच है और न ही सिर छुपाने के लिए छत। लोगों का कहना है कि लंबे रूट की बसें होने के कारण उन्हें काफी देर तक खुले में खड़ा रहना पड़ता है। छोटे रूट की बसों के चक्कर में कई बार यह इंतजार घंटों में तब्दील हो जाता है।
विज्ञापन

स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के प्रमुख बस स्टॉपों पर नई वर्षा शालिकाएं बनाई जाएं। साथ ही पुराने शालिकाओं की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित और उपयोगी बनाया जाए। यात्रियों का कहना है कि बस सेवा को सुविधाजनक बनाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।

बाईपास में बने वर्षा शालिका की खस्ताहाल। संवाद

बाईपास में बने वर्षा शालिका की खस्ताहाल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed