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बोर्डिंग स्कूलों में गुरुकुल शिक्षा पद्धति प्रचलित
ब्यूरो, सोलन
Updated Thu, 20 Oct 2016 10:13 PM IST
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पाइनग्रोव स्कूल की पत्रिका का विमोचन करते जेपी नड्डा।
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति गुरुकुल का दौर फिर से प्रचलित होने लगा है। बोर्डिंग की ब्रांडिंग करते हुए उन्होंने कहा कि अब इसे माडर्न गुरुकुल कहा जा सकता है।
बोर्डिंग स्कूल में बढ़े और घर के माहौल में बढ़े बच्चों की सोच, क्षमता और आत्मविश्वास में जमीन आसमान का अंतर होता है। नड्डा पाइनग्रोव स्कूल के समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि माडर्न गुरुकुल में बच्चे आई से वी, सेल्फ से सृष्टि और आरसेल्फ से वासुदेव कुटुंबकम सीखते हैं। मैने खुद बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई करके जो सीखा है, मैं चाहता था की मेरे बच्चे भी वैसे ही माहौल में पढ़ें। इसलिए मैंने अपने दोनों बेटों को बोर्डिंग में शिक्षा दीक्षा दी है।
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उन्होंने कहा कि वह इस फंक्शन में बतौर चीफ गेस्ट नहीं बल्कि एक एसोसिएट मेंबर और पेरेंट्स के नाते आए हैं। वह सोलन के धर्मपुर में पाइनग्रोव स्कूल की 25वीं सिल्वर जुबली के जश्न में बोल रहे थे। इस दौरान उनकी पत्नी मल्लिका नड्डा, स्कूल के हेडमास्टर कैप्टन एजे सिंह और उनकी धर्मपत्नी समीक्षा सिंह मौजूद रहे। इस दौरान स्कूल की 25वीं ग्लोरियस सालगिरह के प्रतिक डाकटिकट का अनावरण किया गया। पाइनग्रोव स्कूल मोबाइल एप्प की लॉचिंग भी हुई। खास बात यह रही कि 25 वर्षों के दौरान कंधे से कंधा मिलाकर स्कूल के साथ चलने वाले न केवल शिक्षकों और अभिभावकों को सम्मानित किया बल्कि हर उस छोटे से छोटे कर्मचारियों को सम्मान किया जिन्होंने इस स्कूल को 25 साल तक करने में मदद की है। स्टूडेंट्स ने मंच संचालन करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी जिसने सबका मन मोह लिया।
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जितनी बेहतर अंग्रेजी उससे कहीं बेहतर हिंदी
कान्वेंट स्कूलों में अकसर अंग्रेजी में दक्षता देखने को मिलती है। लेकिन इस फंक्शन में जितना अंग्रेजी को महत्व दिया गया उतना ही हिंदी को भी। स्टूडेंट्स की हिंदी में खूब पकड़ दिखी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज धार्मिक स्वराजंलि से किया। इसके बाद जय हो..गीत बैंड ने जैज परफोरम किया। स्कूल की हिस्ट्री और विकास को दर्शाती एक फिल्म भी प्रदर्शित की। इसके बाद नन्हें मुन्नों की नाट्य प्रस्तुति नन्हें ख्वाब को सराहना मिली। इसमें कनिका ठाकुर, गौरी बाबर और तनवीर आहलुवालिया ने प्रस्तुति की।
यह किए गए सम्मानित
स्कूल की रिपोर्ट रिया वत्स, आध्या शर्मा, देवाशीश सैजल, अंशु, ध्रेया शर्मा और कृष्णा बजाज ने पढ़ी। समारोह में रेणु देवन, नीरजा बत्ता, सुखजिंद्र जगपाल, रंजन कुमार झा, राबर्ट एच गिलमर, डॉ. जैनी वुडरड, जुडी ब्लू के अलावा अभिभावकों में सरदार इकबाल, आर्या संधु, राकेश सयाल, जगजीत सिंह, इंदिरा शर्मा, प्रदीप ममगीन, सरदार स्वरूप सिंह को सम्मानित किया गया। कर्मचारियों में मनसा राम, ओमवती, कमला देवी, शकुंतला देवी, श्याम लाल, संजीव सिंह, निवेश बहादुर, राम दुलारे, रमेश दत्त, संत राम, रोमिता देवी, राधा राम, जारा देवी, देवराज, मोहन सिंह, सुमन देवी, करतार सिंह, चतर सिंह, सुरेश भट्ट, वीरेंद्रा, सुखदेव, जगदीश, मीना जैकब, किरण कुमार और राजेंद्र सिंह को सम्मानित किया गया।