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स्क्रब टायफस से दो मौतों के बाद अस्पतालों में दवाएं और टेस्ट फ्री
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:01 AM IST
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जिला के ग्रामीण कस्बों में स्क्रब टायफस का प्रकोप बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने पंद्रह नए मामले ट्रेस किए हैं। सरकारी आंकड़ों में सबसे अधिक मामले कुनिहार क्षेत्र से हैं। बुधवार को आईजीएमसी में सोलन के कंडाघाट और धर्मपुर की दो महिलाओं की मौत होने के बाद हालात चिंताजनक बन गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों के बाद अर्ल्ट जारी कर संबंधित बीएमओ से मामले की रिपोर्ट तलब की है। लोगों की सुविधा के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में स्क्रब टायफस के लक्षण वाले रोगियों को दी जाने वाली दवाएं डोक्सिसाइकलीन और एजिथ्रोमाइसन फ्री मुहैया करवाई जा रही है। सोलन और अर्की अस्पताल में स्क्रब टाइफस के टेस्ट फ्री कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्र कुनिहार के सरकार अस्पताल में स्क्रब टायफस के टेस्ट फ्री करने के निर्देश दिए हैं।
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यह है स्क्रब टायफस
स्क्रब टायफस बुखार खतरनाक जीवाणु रिकेटशिया यानि संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है। यह झाड़ियों, खेतों, घास और घर में रहने वाले चूहों तथा पिस्सू में होता है। यह जीवाणु चमड़ी के जरिये शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार को पैदा करता है। इसमें मरीज की मौत भी हो सकती है।
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ऐसे फैलता है स्क्रब टायफस
यह बीमारी बरसात के मौसम में अधिक तेजी से फैलती है। डॉक्टरों का कहना है कि जब लोग बरसात में काम करने के लिए घर से बाहर जाते हैं तब रास्ते में, जंगलों में या खेतों में काम करते समय पिस्सू नाम के इस जीवाणु के काटने से स्क्रब टायफस वायरस शरीर में चला जाता है। 48 से 72 घंटों के अंदर अपना असर दिखाना शुरू कर देता है। स्क्रब टायफस वायरस शरीर में बुखार आने के संकेत देता है।
स्क्रब टायफस के लक्षण
- इस रोग में मरीज को 104 से 105 तक बुखार आता है।
- दूसरा लक्षण है कंपकंपी और जोड़ों में दर्द होना।
- तीसरा लक्षण है शरीर का टूटना।
- शरीर में ऐंठन और अकड़न आना
-पांचवां लक्षण है बाजू, हाथ और गर्दन में गिल्टियां होना।
बीमारी से बचने के उपाय
घर के आसपास के इलाके को साफ रखें।
शरीर को स्वच्छ रखें और हमेशा साफ तथा पूरे कपड़े पहनें।
घास और खरपतवार को घर के आसपास न उगने दें।
कीटनाशक दवाओं का छिड़काव घर के आसपास जरूर करें।
जंगल के रास्ते और खेतों में काम करते समय अपने हाथ पैरों को अच्छे से ढक कर रखें।
बीएमओ को विशेष निर्देश जारी : सीएमओ
सीएम डॉ. आरके दरोच ने कहा कि सभी बीएमओ को स्क्रब टायफस समेत सभी सीजनल बीमारियों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि निजी लैब के बजाय सरकारी अस्पतालों में ही टेस्ट करवाएं। वह अधिक विश्वसनीय है। सरकारी अस्पतालों में दवाएं फ्री कर दी हैं।
सोलन और अर्की अस्पताल में टेस्ट मुफ्त कर दिए हैं। स्क्रब टायफस से सबसे अधिक प्रभावित कुनिहार अस्पताल में भी फ्री टेस्ट की व्यवस्था करने के बीएमओ को निर्देश दिए हैं। सोलन जिला में स्क्रब टायफस से दो मौतों की रिपोर्ट संबंधित बीएमओ से मांगी है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।