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राजस्व कार्य में देरी से किसानों को नहीं मिल रहा कृषि योजनाओं का लाभ

Sun, 24 Nov 2019 10:39 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 10:39 PM IST
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Solan Janmanch
जनमंच कार्यक्रम में अधिकारियों से बातचीत करते मुख्यअतिथि मंत्री राजीव सैजल व उपस्थित अन्य पदाध? - फोटो : SOLAN
सोलन। भोजनगर स्कूल में आयोजित जनमंच में राजस्व रिकॉर्ड मुहैया करवाने में देरी का मुद्दा खूब गूंजा। राजस्व विभाग पर किसानों की जमीन का तकसीमी और अन्य रिकॉर्ड देने में देरी से कार्यों में देरी की शिकायत की गई। लोगों ने बताया कि जमीन की तकसीमी कार्य समय पर न होने से किसानों को सोलर फेंसिंग, टपक सिंचाई प्रणाली, लघु सिंचाई जैसी कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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योजना का लाभ लेने के लिए जमीन की तकसीम होना अनिवार्य है। इसके बाद उन्हें योजना दी जा सकती है लेकिन छह माह के समय को छह वर्ष भी लग रहे हैं। इसकी शिकायत जनमंच की अध्यक्षता कर रहे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल के समक्ष भी किसान ने रखी। इसमें मंत्री उक्त कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
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इस दौरान विद्युत, शिक्षा, पेयजल, बैंक समस्याओं पर भी चर्चा की गई। 172 शिकायतें और मांगें प्राप्त हुईं जिनमें से 22 मामले पूर्व जनमंच अवधि में प्राप्ति हुईं। 30 शिकायतों का मौके पर निपटारा किया गया जबकि अन्य मांगों को जल्द पूरा करने के निर्देश मंत्री ने दिए। इस मौके पर मंत्री ने कहा कि जनमंच के पीछे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सोच आम आदमी को उसके घरद्वार के समीप प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की उपस्थिति में राहत पहुंचाने की है। जनमंच में आम आदमी की शिकायतों का त्वरित निवारण हो रहा है।
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