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गंभीर घायलों के स्पाइन टेस्ट के लिए निजी क्लीनिकों में भटकते रहे परिजन

Thu, 28 Nov 2019 10:48 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 10:48 PM IST
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Solan bus accident
सोलन अस्पताल में स्पाइन टेस्ट न होने की वजह से निजी कलीनिकों में इलाज के लिए जाते बस हादसे में घाय? - फोटो : SOLAN
सोलन। राजगढ़-सोलन मार्ग पर हुए बस हादसे के घायलों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर उन्हें प्राथमिक उपचार देने के लिए पहले से ही टीमें मौजूद थीं। इसके बावजूद घायलों को अस्पताल में बड़े एक्सरे और स्पाइन टेस्ट की सुविधा नहीं मिल सकी।
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ये टेस्ट करवाने के लिए उन्हें निजी क्लीनिक के लिए भेजा जा रहा था। इस कारण परिजन घायलों को स्ट्रेचर और व्हील चेयर से सड़कों पर ढोते दिखाई दिए। इससे उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, उक्त टेस्ट को अस्पताल प्रशासन ने निशुल्क करवाया जा रहा था। लेकिन निजी क्लीनिक के दूर होने से गंभीर घायलों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल में सिर्फ घायलों को सीटी स्कैन की सुविधा ही दी गई है। शहर के इतने बड़े अस्पताल में एक्सरे सुविधा नहीं मिलने से अस्पताल प्रशासन की बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा देने की पोल भी खुल गई है।
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घायलों को ढांढस बांधते दिखे रिश्तेदार
बस हादसे की सूचना मिलते ही घायलों के परिजन भी क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए। इस बीच वे अपने रिश्तेदारों के लिए रोते-बिलखते दिखे तो कुछ रिश्तेदार घायलों को ढांढस बंधाते दिखाई दिए। इस मौके पर अस्पताल स्टाफ सहित सुरक्षा गार्डों ने बेहतरीन कार्य किया। घायलों को समय पर स्ट्रेचर और व्हील चेयर पर बिठाकर उपचार के लिए आपातकाल कक्ष पहुंचाया।
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निशुल्क करवाए स्पाइन टेस्ट
एमएस सोलन महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में सीटी स्केन करवाए गए हैं जबकि स्पाइन टेस्ट के लिए निजी क्लीनिकों में भेजा गया है। यहां पर घायलों के निशुल्क टेस्ट करवाए गए हैं। एक्सरे की 500 एमए मशीन काफी समय से खराब है। इसके चलते बड़े एक्सरे और स्पाइन टेस्ट नहीं हो पा रहे है। इसके तहत निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ा। घायलों को प्राथमिक सहित अन्य उपचार देने के लिए पहले से ही टीमें आपातकाल वार्ड तैनात कर दी गई थीं।
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