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चायल, करोल और बाड़ीधार में बर्फबारी, मैदानों में बारिश जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में पर्यटन नगरी चायल, करोल पर्वत और बाड़ीधार में इस साल तीसरा हिमपात हुआ है। चायल में रविवार दोपहर बाद तक भी बर्फबारी जारी है। चायल और आसपास एक से दो फीट बर्फ जम गई है जबकि मैदानी क्षेत्रों में दो दिनों से बारिश जारी है।
इससे मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिला मुख्यालय में रात तक बर्फबारी का पूर्वानुमान है। बर्फबारी और बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। एक दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं।
चायल में विद्युत कट सहित पेयजल सप्लाई भी ठप है। निगम के नौ रूट भी प्रभावित हो गए हैं। वहीं कुनिहार, सुबाथू, कंडाघाट, धर्मपुर, परवाणू और अर्की में बारिश से ठंड बढ़ गई है। लोग अपने घरों में हीटर और चूल्हों के पास दुबक कर बैठे रहे।
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मौसम खुलने पर रूट बहाल
आरएम सोलन शुगल सिंह ने बताया कि बारिश और बर्फबारी से पथ परिवहन निगम के नौ रूट प्रभावित हुए हैं। इनमें चार रूट चंडीगढ़-शिमला, चंडीगढ़-थाणाधार, सोलन-विजमल, अर्की-शिमला, सोलन-रोहडू़, सोलन-पुलवाल बंद हो गए हैं। वीकेंड पर अन्य लोकल रूटों की बसें भी नहीं चली हैं। मौसम खुलने के बाद ही सभी रूट बहाल हो सकेंगे।
आधा दर्जन पेयजल योजनाएं प्रभावित
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता रविकांत शर्मा ने बताया कि जिला के चायल, करोल, बाड़ीधार, बडोग में बर्फबारी हुई है। जबकि अन्य मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश जारी है। बर्फबारी से चायल में आधा दर्जन पेयजल योजनाएं और जिला मुख्यालय की योजनाओं में बारिश से गाद आने के कारण पानी की लिफ्टिंग बंद हो गई है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
बंद मार्ग खोलने में जुटा लोक निर्माण विभाग
लोनिवि के एसई एसपी जगोता ने बताया कि पर्यटन नगरी चायल में बर्फबारी के कारण एक दर्जन मुख्य समेत संपर्क मार्ग बंद हो गए है। मुख्य मार्ग में कुफरी-चायल, गौड़ा-चायल, चायल, जुन्गा, शिमला मार्ग पूरी तरह से बंद पड़े हुए है। रविवार दोपहर बाद तक बर्फबारी जारी है। लोनिवि की टीमें मार्ग खोलने में लगी है। इसके अलावा कसौली, अर्की में भी बारिश के संपर्क मार्ग प्रभावित हो गए है।
बंद मार्गों को खोलने का कार्य किया जा रहा है। जिला से नुकसान की भी रिपोर्ट मांगी गई है।
अभी तक 50 लाख का नुकसान
विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता विकास गुप्ता ने बताया कि बर्फबारी से सबसे अधिक नुकसान चायल क्षेत्र में हुआ है। शनिवार देर रात से विद्युत कट से लोग परेशान है। कई क्षेत्रों में बर्फबारी से पेड़ गिरने के कारण विद्युत लाइन भी टूट गई है। विद्युत कर्मी फिल्ड में लाइन को दुरूस्त करने में लगे हुए है। अभी तक बोर्ड को 50 लाख का नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में विद्युत सप्लाई को बहाल कर दिया है।
चायल के होटलों में फंसे पर्यटक
वीकेंड पर कसौली में 80 फीसदी ओक्यूपेंसी रही है। क्षेत्र के सभी मार्गो पर वाहनों की आवाजाही आसानी हो रही है। चायल एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा ने बताया कि पर्यटन नगरी चायल में बर्फबारी के कारण 50 प्रतिशत ओक्यूपेंसी है। बर्फबारी से मार्ग बंद होने के कारण पर्यटक होटलों में ही फंसे हुए है। चायल के बाबा मोड तक ही वाहनों की आवाजाही हो रही है।
फसलों के लिए संजीवनी
बर्फबारी और बारिश किसान बागवानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। अभी तक कृषि और उद्यान विभाग को कोई नुकसान नहीं हुआ है। बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक बताई जा रही है। चायल, कंडाघाट, बाडीधार, करोल पर्वत समेत बड़ोग में बर्फबारी हुई है। कृषि उपनिदेशक उद्यान विभाग वीपी बैंस ने बताया कि फलदार पौधों के लिए बारिश लाभदायक होगी।
फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंद्र सिंह ने बताया कि दो दिनों से लगातार मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश से कालका-शिमला एनएच मार्ग रविवार दोपहर तक सुचारू रुप से चल रहा है। धर्मपुर और कुमारहट्टी के समीप संवेदनशील क्षेत्रों में फोरलेन कर्मी मशीनरी के साथ तैनात है।े
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सोलन। जिले में पर्यटन नगरी चायल, करोल पर्वत और बाड़ीधार में इस साल तीसरा हिमपात हुआ है। चायल में रविवार दोपहर बाद तक भी बर्फबारी जारी है। चायल और आसपास एक से दो फीट बर्फ जम गई है जबकि मैदानी क्षेत्रों में दो दिनों से बारिश जारी है।
इससे मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिला मुख्यालय में रात तक बर्फबारी का पूर्वानुमान है। बर्फबारी और बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। एक दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं।
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चायल में विद्युत कट सहित पेयजल सप्लाई भी ठप है। निगम के नौ रूट भी प्रभावित हो गए हैं। वहीं कुनिहार, सुबाथू, कंडाघाट, धर्मपुर, परवाणू और अर्की में बारिश से ठंड बढ़ गई है। लोग अपने घरों में हीटर और चूल्हों के पास दुबक कर बैठे रहे।
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मौसम खुलने पर रूट बहाल
आरएम सोलन शुगल सिंह ने बताया कि बारिश और बर्फबारी से पथ परिवहन निगम के नौ रूट प्रभावित हुए हैं। इनमें चार रूट चंडीगढ़-शिमला, चंडीगढ़-थाणाधार, सोलन-विजमल, अर्की-शिमला, सोलन-रोहडू़, सोलन-पुलवाल बंद हो गए हैं। वीकेंड पर अन्य लोकल रूटों की बसें भी नहीं चली हैं। मौसम खुलने के बाद ही सभी रूट बहाल हो सकेंगे।
आधा दर्जन पेयजल योजनाएं प्रभावित
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता रविकांत शर्मा ने बताया कि जिला के चायल, करोल, बाड़ीधार, बडोग में बर्फबारी हुई है। जबकि अन्य मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश जारी है। बर्फबारी से चायल में आधा दर्जन पेयजल योजनाएं और जिला मुख्यालय की योजनाओं में बारिश से गाद आने के कारण पानी की लिफ्टिंग बंद हो गई है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
बंद मार्ग खोलने में जुटा लोक निर्माण विभाग
लोनिवि के एसई एसपी जगोता ने बताया कि पर्यटन नगरी चायल में बर्फबारी के कारण एक दर्जन मुख्य समेत संपर्क मार्ग बंद हो गए है। मुख्य मार्ग में कुफरी-चायल, गौड़ा-चायल, चायल, जुन्गा, शिमला मार्ग पूरी तरह से बंद पड़े हुए है। रविवार दोपहर बाद तक बर्फबारी जारी है। लोनिवि की टीमें मार्ग खोलने में लगी है। इसके अलावा कसौली, अर्की में भी बारिश के संपर्क मार्ग प्रभावित हो गए है।
बंद मार्गों को खोलने का कार्य किया जा रहा है। जिला से नुकसान की भी रिपोर्ट मांगी गई है।
अभी तक 50 लाख का नुकसान
विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता विकास गुप्ता ने बताया कि बर्फबारी से सबसे अधिक नुकसान चायल क्षेत्र में हुआ है। शनिवार देर रात से विद्युत कट से लोग परेशान है। कई क्षेत्रों में बर्फबारी से पेड़ गिरने के कारण विद्युत लाइन भी टूट गई है। विद्युत कर्मी फिल्ड में लाइन को दुरूस्त करने में लगे हुए है। अभी तक बोर्ड को 50 लाख का नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में विद्युत सप्लाई को बहाल कर दिया है।
चायल के होटलों में फंसे पर्यटक
वीकेंड पर कसौली में 80 फीसदी ओक्यूपेंसी रही है। क्षेत्र के सभी मार्गो पर वाहनों की आवाजाही आसानी हो रही है। चायल एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा ने बताया कि पर्यटन नगरी चायल में बर्फबारी के कारण 50 प्रतिशत ओक्यूपेंसी है। बर्फबारी से मार्ग बंद होने के कारण पर्यटक होटलों में ही फंसे हुए है। चायल के बाबा मोड तक ही वाहनों की आवाजाही हो रही है।
फसलों के लिए संजीवनी
बर्फबारी और बारिश किसान बागवानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। अभी तक कृषि और उद्यान विभाग को कोई नुकसान नहीं हुआ है। बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक बताई जा रही है। चायल, कंडाघाट, बाडीधार, करोल पर्वत समेत बड़ोग में बर्फबारी हुई है। कृषि उपनिदेशक उद्यान विभाग वीपी बैंस ने बताया कि फलदार पौधों के लिए बारिश लाभदायक होगी।
फोरलेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंद्र सिंह ने बताया कि दो दिनों से लगातार मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश से कालका-शिमला एनएच मार्ग रविवार दोपहर तक सुचारू रुप से चल रहा है। धर्मपुर और कुमारहट्टी के समीप संवेदनशील क्षेत्रों में फोरलेन कर्मी मशीनरी के साथ तैनात है।े