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Solan News: जंगलों में लगी आग से निकल रहे धुएं ने बढ़ाया सांस के रोगियों का मर्ज
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में पर्ची काउंटर पर खड़े मरीज। संवाद
- फोटो : भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में मेधावियों के साथ सांसद।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में जांच को रोजाना इलाज के लिए पहुंच रहे 80 से 90 मरीज
निमोलाइजर व ऑक्सीजन लेने के बाद भी नहीं मिल रही राहत
डॉक्टरों की मरीजों को सलाह, धुएं वाले क्षेत्रों से दूर रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के जंगलों में लग रही आग के कारण सांस के मरीजों को बाहर शुद्ध हवा नहीं मिल पा रही है। इस कारण अब अस्पतालों में भी सांस के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं कई मरीजों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर का उपयोग करना पड़ रहा है। शहर के क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी अब रोजाना ओपीडी में 80 से 90 मरीज सांस लेने में परेशानी होने की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
सोलन अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को धुएं वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। वहीं कई मरीजों को निमोलाइजर व ऑक्सीजन सिलिंडर का उपयोग करने के बाद भी कुछ समय तक ही राहत मिल रही है। उसके बाद दोबारा से मरीजों को सांस लेने में परेशानी का होने का सामना करना पड़ रहा है। आग के धुएं के कारण बुजुर्गों के अलावा युवाओं में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। अस्पताल में ओपीडी के बाहर सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अब दूसरे मरीजों को भी उपचार से लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जंगलों में आग लगने के मामले सामने आने के बाद सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों को सलाह दी जा रही है कि धुएं वाले क्षेत्रों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और हमेशा पर्दों को गीला करके रखना चाहिए, ताकि हवा घरों में फिल्टर होकर जा सके।
परेशानी होने पर तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
जंगलों में लग रही आग के कारण निकलने वाला धुआं सांस के रोगियों के लिए परेशानी बनती जा रही हैं। सांस लेने में परेशानी होने पर मरीज तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर डॉक्टरों की सलाह लें। आग के समय धुएं वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। धुआं फैलने पर खिड़कियां बंद करें और पर्दों को गीला करके रखें, ताकि हवा थोड़ी साफ होकर ही अंदर आए। डॉक्टरों के बताए बिना किसी भी दवा का सेवन न करें।
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- डॉ. अमित रंजन तलवाड़
- कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
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निमोलाइजर व ऑक्सीजन लेने के बाद भी नहीं मिल रही राहत
डॉक्टरों की मरीजों को सलाह, धुएं वाले क्षेत्रों से दूर रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के जंगलों में लग रही आग के कारण सांस के मरीजों को बाहर शुद्ध हवा नहीं मिल पा रही है। इस कारण अब अस्पतालों में भी सांस के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं कई मरीजों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर का उपयोग करना पड़ रहा है। शहर के क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी अब रोजाना ओपीडी में 80 से 90 मरीज सांस लेने में परेशानी होने की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
सोलन अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को धुएं वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। वहीं कई मरीजों को निमोलाइजर व ऑक्सीजन सिलिंडर का उपयोग करने के बाद भी कुछ समय तक ही राहत मिल रही है। उसके बाद दोबारा से मरीजों को सांस लेने में परेशानी का होने का सामना करना पड़ रहा है। आग के धुएं के कारण बुजुर्गों के अलावा युवाओं में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। अस्पताल में ओपीडी के बाहर सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अब दूसरे मरीजों को भी उपचार से लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जंगलों में आग लगने के मामले सामने आने के बाद सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों को सलाह दी जा रही है कि धुएं वाले क्षेत्रों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और हमेशा पर्दों को गीला करके रखना चाहिए, ताकि हवा घरों में फिल्टर होकर जा सके।
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परेशानी होने पर तुरंत लें डॉक्टर की सलाह
जंगलों में लग रही आग के कारण निकलने वाला धुआं सांस के रोगियों के लिए परेशानी बनती जा रही हैं। सांस लेने में परेशानी होने पर मरीज तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर डॉक्टरों की सलाह लें। आग के समय धुएं वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। धुआं फैलने पर खिड़कियां बंद करें और पर्दों को गीला करके रखें, ताकि हवा थोड़ी साफ होकर ही अंदर आए। डॉक्टरों के बताए बिना किसी भी दवा का सेवन न करें।
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- डॉ. अमित रंजन तलवाड़
- कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन