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विद्युत बोर्ड का स्किल डेवलपमेंट सेंटर जुलाई से शुरू
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आदित्य सोफत
सोलन। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को तकनीकी ज्ञान देने के लिए प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर सोलन में बनकर तैयार हो गया है। इसे बनाने के लिए विद्युत बोर्ड ने करीब 5.50 रुपये खर्च किए हैं।
बोर्ड का पहला सेंटर होगा जहां कर्मचारियों और अधिकारियों को आधुनिक ज्ञान मिलेगा। इससे पहले प्रदेश में बोर्ड का स्किल डेवलपमेंट सेंटर नहीं था। शहर के मिनी सचिवालय के साथ ही यह सेंटर बनाया गया है।
इस माध्यम से बोर्ड में भर्ती होने वाले तकनीकी कर्मचारी, लाइनमैन, टी-मेट, एएलएम समेत कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता आधुनिक ज्ञान ले सकेंगे। इसी के साथ पुराने कर्मचारियों और अधिकारियों को भी आधुनिकता से जोड़ने के लिए ट्रेनिंग करवाई जाएगी।
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स्किल डेवलपमेंट सेंटर को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया गया है। यहां पर बोर्ड में काम आने वाली मशीनरी और औजारों को भी रखा गया है। इससे पहले यह केंद्र सोलन में किराये के भवन में चल रहा था। केवल लाइनमैन और टी-मेट की ट्रेनिंग ही यहां हो पाती थी।
आधुनिक चीजें और लैब न होने से ट्रेनिंग के दौरान काफी चीजें छूट जाती थीं। आधुनिक ज्ञान और वर्तमान स्थिति के अनुसार शिक्षा देने के लिए इस केंद्र को बनाया गया है जिससे आधुनिकता के दौर में विद्युत बोर्ड भी तेजी से कार्य कर सकें।
कंप्यूटर ऑपरेटर भी लेंगे ट्रेनिंग
स्किल डेवलपमेंट सेंटर में कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए भवन में कंप्यूटर लैब अलग से स्थापित की गई है। बिलों के भुगतान से लेकर कार्यालय में होने वाले कंप्यूटर के कार्यों को भी यहां पर लेक्चर से बताया जाएगा।
रहने की भी व्यवस्था
ट्रेनिंग के लिए आने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को इस केंद्र में रहने की सुविधा भी रहेगी। इसके लिए भवन में हॉस्टल भी बनाया गया है। हॉस्टल में 17 कमरे हैं। इसी के साथ चार वीआईपी कमरे भी बनाए गए हैं। खाने की व्यवस्था के लिए किचन और डाइनिंग हॉल भी भवन में हैं।
ये रहेंगी आधुनिक व्यवस्थाएं
स्किल डेवलपमेंट सेंटर में ट्रेनिंग देने के लिए आधुनिक लैब और मशीनरी स्थापित है। इसी के साथ वर्कशॉप भी यहां पर है। इसमें ट्रेनिंग के दौरान प्रैक्टिकल वर्क करवाया जाएगा। इसी के साथ लेक्चर और स्टडी रूम भी बनाया गया है।
जुलाई के अंत में शुरू होगा सेंटर
प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर जुलाई माह के अंत शुरू होगा। सबसे पहले यहां पर जेई और टी-मेट की ट्रेनिंग होगी। इसके बाद अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सेंटर में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसे शुरू करने के लिए इन दिनों लैब के कार्यों को पूरा किया जा रहा है।
केंद्र में चलेंगी स्मार्ट कक्षाएं
इस केंद्र में स्मार्ट कक्षाएं होंगी। इसके लिए ऑडिटॉरियम, कान्फ्रेंस रूम और कक्षा में प्रोजेक्टर से पढ़ाई करवाई जाएगी। ऑडिटोरियम में 45 कर्मी एक साथ ट्रेनिंग कर सकेंगे। इसी के साथ कान्फ्रेंस रूम में 30 कर्मियों के बैठने की क्षमता होगी। इसके अलावा ऑफिस भी बनाया गया है।
2019 में शुरू हुआ था काम
सेंटर को बनाने का कार्य 2019 में शुरू किया गया था। कोरोना काल के चलते काफी समय कार्य न होने के चलते देरी हुई। अब यह सेंटर बनकर तैयार है। लैब का कार्य पूरा होने के बाद इसका उद्घाटन होगा।
एक वर्ष में निकलेंगे 525 जूनियर टी-मेट
स्किल डेवलपमेंट सेंटर से एक साल में 525 जूनियर टी-मेट निकलेंगे। किराये के भवन में चल रहे केंद्र से तीन बैच निकल चुके हैं। अब इस सेंटर में अन्य अधिकारियों की ट्रेंनिंग भी शुरू होगी।
पार्किंग की भी नहीं होगी दिक्कत
शहर में पार्किंग की समस्या को देखते हुए भवन के वाहनों को खड़े करने की सुविधा भी रहेगी। धरातल में 20 वाहनों की पार्किंग बनाई गई है। इससे वाहनों को पार्क करने की समस्या भी कर्मचारियों और अधिकारियों को नहीं होगी।
कर्मचारियों को देना है आधुनिक ज्ञान
सेंटर बनाने का मुख्य उद्देश्य बोर्ड के कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ना है। काम की बारीकियों को सेंटर में बताया जाएगा। बोर्ड को अपनी अपेक्षा के अनुसार कर्मी मिल सकेंगे। प्रदेश के कर्मचारी यहां से आधुनिक ज्ञान और पढ़ाई कर सकेंगे।
-ई. राजेंद्र कुमार शर्मा
सहायक अभियंता, सोलन
आधुनिक सुविधाओं से है लैस
बिजली बोर्ड का प्रदेश में यह पहला सेंटर है। भवन बनाने के लिए करीब 5.50 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है। पार्किंग समेत चार मंजिला भवन बनाया गया है। जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। जुलाई के अंत में यहां ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।
-ई. मोहन सिंह गुलेरिया
अधीक्षण अभियंता, सोलन
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सोलन। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को तकनीकी ज्ञान देने के लिए प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर सोलन में बनकर तैयार हो गया है। इसे बनाने के लिए विद्युत बोर्ड ने करीब 5.50 रुपये खर्च किए हैं।
बोर्ड का पहला सेंटर होगा जहां कर्मचारियों और अधिकारियों को आधुनिक ज्ञान मिलेगा। इससे पहले प्रदेश में बोर्ड का स्किल डेवलपमेंट सेंटर नहीं था। शहर के मिनी सचिवालय के साथ ही यह सेंटर बनाया गया है।
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इस माध्यम से बोर्ड में भर्ती होने वाले तकनीकी कर्मचारी, लाइनमैन, टी-मेट, एएलएम समेत कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता आधुनिक ज्ञान ले सकेंगे। इसी के साथ पुराने कर्मचारियों और अधिकारियों को भी आधुनिकता से जोड़ने के लिए ट्रेनिंग करवाई जाएगी।
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स्किल डेवलपमेंट सेंटर को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया गया है। यहां पर बोर्ड में काम आने वाली मशीनरी और औजारों को भी रखा गया है। इससे पहले यह केंद्र सोलन में किराये के भवन में चल रहा था। केवल लाइनमैन और टी-मेट की ट्रेनिंग ही यहां हो पाती थी।
आधुनिक चीजें और लैब न होने से ट्रेनिंग के दौरान काफी चीजें छूट जाती थीं। आधुनिक ज्ञान और वर्तमान स्थिति के अनुसार शिक्षा देने के लिए इस केंद्र को बनाया गया है जिससे आधुनिकता के दौर में विद्युत बोर्ड भी तेजी से कार्य कर सकें।
कंप्यूटर ऑपरेटर भी लेंगे ट्रेनिंग
स्किल डेवलपमेंट सेंटर में कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए भवन में कंप्यूटर लैब अलग से स्थापित की गई है। बिलों के भुगतान से लेकर कार्यालय में होने वाले कंप्यूटर के कार्यों को भी यहां पर लेक्चर से बताया जाएगा।
रहने की भी व्यवस्था
ट्रेनिंग के लिए आने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को इस केंद्र में रहने की सुविधा भी रहेगी। इसके लिए भवन में हॉस्टल भी बनाया गया है। हॉस्टल में 17 कमरे हैं। इसी के साथ चार वीआईपी कमरे भी बनाए गए हैं। खाने की व्यवस्था के लिए किचन और डाइनिंग हॉल भी भवन में हैं।
ये रहेंगी आधुनिक व्यवस्थाएं
स्किल डेवलपमेंट सेंटर में ट्रेनिंग देने के लिए आधुनिक लैब और मशीनरी स्थापित है। इसी के साथ वर्कशॉप भी यहां पर है। इसमें ट्रेनिंग के दौरान प्रैक्टिकल वर्क करवाया जाएगा। इसी के साथ लेक्चर और स्टडी रूम भी बनाया गया है।
जुलाई के अंत में शुरू होगा सेंटर
प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर जुलाई माह के अंत शुरू होगा। सबसे पहले यहां पर जेई और टी-मेट की ट्रेनिंग होगी। इसके बाद अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सेंटर में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसे शुरू करने के लिए इन दिनों लैब के कार्यों को पूरा किया जा रहा है।
केंद्र में चलेंगी स्मार्ट कक्षाएं
इस केंद्र में स्मार्ट कक्षाएं होंगी। इसके लिए ऑडिटॉरियम, कान्फ्रेंस रूम और कक्षा में प्रोजेक्टर से पढ़ाई करवाई जाएगी। ऑडिटोरियम में 45 कर्मी एक साथ ट्रेनिंग कर सकेंगे। इसी के साथ कान्फ्रेंस रूम में 30 कर्मियों के बैठने की क्षमता होगी। इसके अलावा ऑफिस भी बनाया गया है।
2019 में शुरू हुआ था काम
सेंटर को बनाने का कार्य 2019 में शुरू किया गया था। कोरोना काल के चलते काफी समय कार्य न होने के चलते देरी हुई। अब यह सेंटर बनकर तैयार है। लैब का कार्य पूरा होने के बाद इसका उद्घाटन होगा।
एक वर्ष में निकलेंगे 525 जूनियर टी-मेट
स्किल डेवलपमेंट सेंटर से एक साल में 525 जूनियर टी-मेट निकलेंगे। किराये के भवन में चल रहे केंद्र से तीन बैच निकल चुके हैं। अब इस सेंटर में अन्य अधिकारियों की ट्रेंनिंग भी शुरू होगी।
पार्किंग की भी नहीं होगी दिक्कत
शहर में पार्किंग की समस्या को देखते हुए भवन के वाहनों को खड़े करने की सुविधा भी रहेगी। धरातल में 20 वाहनों की पार्किंग बनाई गई है। इससे वाहनों को पार्क करने की समस्या भी कर्मचारियों और अधिकारियों को नहीं होगी।
कर्मचारियों को देना है आधुनिक ज्ञान
सेंटर बनाने का मुख्य उद्देश्य बोर्ड के कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ना है। काम की बारीकियों को सेंटर में बताया जाएगा। बोर्ड को अपनी अपेक्षा के अनुसार कर्मी मिल सकेंगे। प्रदेश के कर्मचारी यहां से आधुनिक ज्ञान और पढ़ाई कर सकेंगे।
-ई. राजेंद्र कुमार शर्मा
सहायक अभियंता, सोलन
आधुनिक सुविधाओं से है लैस
बिजली बोर्ड का प्रदेश में यह पहला सेंटर है। भवन बनाने के लिए करीब 5.50 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है। पार्किंग समेत चार मंजिला भवन बनाया गया है। जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। जुलाई के अंत में यहां ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।
-ई. मोहन सिंह गुलेरिया
अधीक्षण अभियंता, सोलन