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Solan News: बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर की लंबी उम्र की कामना
Wed, 15 Nov 2023 11:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Wed, 15 Nov 2023 11:40 PM IST
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बद्दी में भैयादूज पर अपने भाई को तीलक लगाती बहन। संवाद
जिलेभर में धूमधाम से मनाया भैया दूज पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/बद्दी। जिलेभर में भैया दूज का पर्व धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भाई बहन के स्नेह और प्रेम का प्रतीक भैया दूज पर्व पर बहनों ने अपने भाई के माथे पर तिलक लगा कर उनकी लंबी आयु की कामना की। मान्यता है कि बताया जाता है कि इस दिन यमुना माता ने अपने भाई यम को अपने घर पर आमंत्रित किया था। और उनके स्वागत के साथ साथ उन्हें तिलक भी लगाया था। तभी से यह त्योहार मनाया जाता है।
दूसरी कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण राक्षस नरकासुर को हराने के बाद अपनी बहन सुभद्रा से मिलने गए थे, तभी से इस दिन को भाई दूज के रूप में मनाया जाता है, मान्यता है कि सुभद्रा की तरह भाई के माथे पर तिलक लगाकर सत्कार करने से भाई बहन के बीच प्रेम बढ़ता है। इस दिन भाई बहन को साथ में यमुना में स्नान करने की भी मान्यता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक अपने पापों की माफी मांगने पर यमराज आपको क्षमा कर देते हैं।
कहा जाता है कि यह पर्व भाईयों व बहनों के बीच के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन बहनों ने अपने भाई के माथे पर हल्दी और रोली का तिलक लगाती हैं। इस दिन प्रदेश के परिवहन विभाग ने महिलाओं को अपने भाई के घर जाने के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी हुई है। कुछ लोगों ने मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे के बाद ही मनाना शुरू कर दिया था। वहीं कुछ लोगों ने बुधवार को भी इस पर्व को मनाया।
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सोलन/बद्दी। जिलेभर में भैया दूज का पर्व धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भाई बहन के स्नेह और प्रेम का प्रतीक भैया दूज पर्व पर बहनों ने अपने भाई के माथे पर तिलक लगा कर उनकी लंबी आयु की कामना की। मान्यता है कि बताया जाता है कि इस दिन यमुना माता ने अपने भाई यम को अपने घर पर आमंत्रित किया था। और उनके स्वागत के साथ साथ उन्हें तिलक भी लगाया था। तभी से यह त्योहार मनाया जाता है।
दूसरी कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण राक्षस नरकासुर को हराने के बाद अपनी बहन सुभद्रा से मिलने गए थे, तभी से इस दिन को भाई दूज के रूप में मनाया जाता है, मान्यता है कि सुभद्रा की तरह भाई के माथे पर तिलक लगाकर सत्कार करने से भाई बहन के बीच प्रेम बढ़ता है। इस दिन भाई बहन को साथ में यमुना में स्नान करने की भी मान्यता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक अपने पापों की माफी मांगने पर यमराज आपको क्षमा कर देते हैं।
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कहा जाता है कि यह पर्व भाईयों व बहनों के बीच के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन बहनों ने अपने भाई के माथे पर हल्दी और रोली का तिलक लगाती हैं। इस दिन प्रदेश के परिवहन विभाग ने महिलाओं को अपने भाई के घर जाने के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी हुई है। कुछ लोगों ने मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे के बाद ही मनाना शुरू कर दिया था। वहीं कुछ लोगों ने बुधवार को भी इस पर्व को मनाया।

बद्दी में भैयादूज पर अपने भाई को तीलक लगाती बहन। संवाद
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