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जीएसटी में अनियमितता पर नामी कंपनी से वसूले 56.77 लाख
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी/परवाणू (सोलन)। दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू की टीम ने जीएसटी की अनियमितताएं बरतने पर परवाणू की एक नामी कंपनी से 56 लाख 77 हजार 60 रुपये जुर्माना मौके पर वसूला। अभी तक यह खुलासा प्रारंभिक जांच में हुआ है। अब नए और पुराने दोनों की जीएसटी नंबर का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू की टीम ने परवाणू स्थित एक नामी कंपनी थोक गोदाम में बुधवार को निरीक्षण किया। टीम की अगुवाई राज्य कर एवं आबकारी विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर जीडी ठाकुर ने की। इस दौरान टीम ने पाया कि कंपनी ने अपना पुराना कारोबार पिछले वर्ष मार्च में बंद कर दिया था और नए नाम से काम शुरू कर दिया।
प्रदेश में कंपनी की सात शाखाएं हैं। कंपनी के खातों और दस्तावेजों के प्रारंभिक निरीक्षण में पाया कि इसने 56 लाख 77 हजार रुपये का कर नियमानुसार सरकारी खाते में जमा नहीं करवाया। कंपनी संचालकों ने अपनी गलती को स्वीकार कर पूरी राशि तुरंत सरकारी खाते में जमा करवा दी। कंपनी की अन्य ब्रांच में भी जल्द ही विभाग की टीम निरीक्षण करेगी।
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मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि कंपनी ने टैक्स डिपोजिट व आईटीसी क्लेम में भारी अनियमितताएं बरती हैं। जीएसटी के कॉमन पोर्टल पर कंपनी से संबंधित टैक्स प्रोफाइल इन्फार्मेशन का अध्ययन किया गया। इसमें यह जानकारी सामने आई कि कंपनी सैनेटरी नेपकिन सहित प्रोक्टर एंड गैंबल के मुख्य वितरक के रूप में हिमाचल में काम करती है। ऊना, कांगड़ा, मंडी, शिमला, हमीरपुर में सात शाखाएं हैं।
टैक्स फ्री बिक्री के अनुपात में टैक्स वापस करना पड़ता है। कारोबारी ने 56 लाख 77 हजार रुपये का आईटीसी क्लेम कर जीएसटी नंबर पर कारोबार बंद कर दिया और नए वित्त वर्ष में नया जीएसटी नंबर कंपनी नए नाम से ले लिया। पुरानी कंपनी का आईटीसी नई फर्म में ट्रांसफर कर लिया।
संयुक्त आयुक्त ने सभी शाखाओं का स्टॉक और अन्य व्यापारिक दस्तावेज मुहैया करवाने के लिए कहा है। सभी ब्रांचों से पूरी जानकारी आने और मामले की जांच के बाद जीएसटी की अनियमितता का सही मूल्यांकन किया जाएगा। निरीक्षण टीम में सहायक आयुक्त अश्वनी शर्मा, राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी गुरबचन सिंह, सहायक अधिकारी शशिकांत शर्मा, रुपिंद्र सिंह, मनोज सचदेवा शामिल रहे।
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बद्दी/परवाणू (सोलन)। दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू की टीम ने जीएसटी की अनियमितताएं बरतने पर परवाणू की एक नामी कंपनी से 56 लाख 77 हजार 60 रुपये जुर्माना मौके पर वसूला। अभी तक यह खुलासा प्रारंभिक जांच में हुआ है। अब नए और पुराने दोनों की जीएसटी नंबर का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू की टीम ने परवाणू स्थित एक नामी कंपनी थोक गोदाम में बुधवार को निरीक्षण किया। टीम की अगुवाई राज्य कर एवं आबकारी विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर जीडी ठाकुर ने की। इस दौरान टीम ने पाया कि कंपनी ने अपना पुराना कारोबार पिछले वर्ष मार्च में बंद कर दिया था और नए नाम से काम शुरू कर दिया।
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प्रदेश में कंपनी की सात शाखाएं हैं। कंपनी के खातों और दस्तावेजों के प्रारंभिक निरीक्षण में पाया कि इसने 56 लाख 77 हजार रुपये का कर नियमानुसार सरकारी खाते में जमा नहीं करवाया। कंपनी संचालकों ने अपनी गलती को स्वीकार कर पूरी राशि तुरंत सरकारी खाते में जमा करवा दी। कंपनी की अन्य ब्रांच में भी जल्द ही विभाग की टीम निरीक्षण करेगी।
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मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि कंपनी ने टैक्स डिपोजिट व आईटीसी क्लेम में भारी अनियमितताएं बरती हैं। जीएसटी के कॉमन पोर्टल पर कंपनी से संबंधित टैक्स प्रोफाइल इन्फार्मेशन का अध्ययन किया गया। इसमें यह जानकारी सामने आई कि कंपनी सैनेटरी नेपकिन सहित प्रोक्टर एंड गैंबल के मुख्य वितरक के रूप में हिमाचल में काम करती है। ऊना, कांगड़ा, मंडी, शिमला, हमीरपुर में सात शाखाएं हैं।
टैक्स फ्री बिक्री के अनुपात में टैक्स वापस करना पड़ता है। कारोबारी ने 56 लाख 77 हजार रुपये का आईटीसी क्लेम कर जीएसटी नंबर पर कारोबार बंद कर दिया और नए वित्त वर्ष में नया जीएसटी नंबर कंपनी नए नाम से ले लिया। पुरानी कंपनी का आईटीसी नई फर्म में ट्रांसफर कर लिया।
संयुक्त आयुक्त ने सभी शाखाओं का स्टॉक और अन्य व्यापारिक दस्तावेज मुहैया करवाने के लिए कहा है। सभी ब्रांचों से पूरी जानकारी आने और मामले की जांच के बाद जीएसटी की अनियमितता का सही मूल्यांकन किया जाएगा। निरीक्षण टीम में सहायक आयुक्त अश्वनी शर्मा, राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी गुरबचन सिंह, सहायक अधिकारी शशिकांत शर्मा, रुपिंद्र सिंह, मनोज सचदेवा शामिल रहे।