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Solan News: शहर में पेयजल किल्लत पर 20-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में हंगामा
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कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष बोले, लोगों को सप्ताह बाद भी नहीं मिल रहा पीने का पानी
जलशक्ति विभाग ने नगर निगम पर आपूर्ति में मनमर्जी करने के जड़े आरोप
अधिकारी बोले, छह दिन का पानी एक ही दिन सप्लाई कर रहा निगम
पंचायत प्रतिनिधि बोले, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त न हुई तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपायुक्त कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में जिला योजना, विकास एवं 20-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई। इसमें शहर में जलसंकट के मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव कुमार ने मुद्दा उठाया कि शहर में पेयजल संकट बरकरार है। इसका सभी सदस्यों नेसमर्थन किया और शहर में गंभीर पेयजल संकट पर सवाल उठाए। उन्होंने नगर निगम और जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से सवाल किया कि लोगों को सात से आठ दिन बाद भी पर्याप्त पानी की सप्लाई क्यों नहीं दी जा रही।
हंगामा बढ़ता देख जलशक्ति विभाग के अधिकारी ने नगर निगम पर पानी की सप्लाई पर ही सवाल खड़े कर दिए। विभाग के अधिकारी ने बताया कि रोजाना 70 से 80 लाख लीटर पानी की सप्लाई दे रहे हैं, लेकिन निगम एक ही दिन में करीब छह दिनों का पानी सप्लाई करदेता है। जहां एक दिन में एक घर को केवल 500 से 600 लीटर तक ही पानी मिलना चाहिए, वहीं निगम हजारों लीटर पानी बांट रहा है, इससे समस्या पेश आ रही है। यदि मुख्य लाइन में कभी दिक्कत आए तो इनके पास जल भंडारण नहीं रहता और पानी का शेड्यूल बिगड़ जाता है।
हालांकि इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। बैठक में मौजूद कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का मुद्दा उठाया। कहा कि घर-घर नल तो लगा दिए लेकिन पानी दे नहीं रहे। उन्होंने चेतावनी तक दे डाली कि यदि दो दिनों में पानी नहीं आया, तो धरना-प्रदर्शन ही एकमात्र उपाय रह जाएगा।
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इनसेट
सोलन-सुबाथू सड़क का काम एक सप्ताह में शुरू करने के निर्देश
कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सोलन-सुबाथू सड़क की खस्ता हालत को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के निर्देश के बाद भी अब तक सड़क का काम शुरू नहीं हुआ है। इस पर विभाग के अधिकारी ने कहा कि जल्द काम शुरू हो जाएगा। विधायक ने उन्हें साफ निर्देश दिए कि यदि टेंडर जारी हो गया है, तो एक सप्ताह के अंदर काम शुरू हो जाना चाहिए। वहीं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि शहर में सड़कों और नालियों की खस्ता हालत की ओर से भी विभाग को ध्यान देना चाहिए।
इनसेट
अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे, उपायुक्त ने लगाई फटकार
बैठक के दौरान हर विभाग की ओर से किए गए पिछले और इस साल के कार्यों की समीक्षा की गई। जब श्रम विभाग की बारी आई, तो जिला श्रम अधिकारी बैठक में मौजूद ही नहीं थे। इस पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने अधिकारी को फोन कर बैठक में बुलाने के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि बैठकों के लिए अधिकारियों को पहले से ही कहा जाता है। इसके बाद भी बैठकों में मौजूद न होना लापरवाही के समान है।
इनसेट
अस्पतामों में डेपुटेशन सिस्टम होगा बंद
समिति के सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के समक्ष मुद्दा उठाया कि डेपुटेशन पर डॉक्टरों को एक से दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इस कारण दो स्थानों की जनता बा-बार परेशान होती रहती है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने कहा कि अब सरकार अस्पतालों में डॉक्टरों की सीधे नियुक्ति करेगी। किसी भी डॉक्टर को अब डेपुटेशन पर नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पताल में स्टाफ, डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों की कमी पूरी करने के लिए प्रयास कर रही है।
इनसेट
गैस एजेंसियों से नहीं हो रहा संपर्क
सदस्यों ने कहा कि एजेंसी एजेंसियों की ओर से लोगों के फोन का कोई भी जवाब नहीं दिया जा रहा है। कई क्षेत्रों में अभी भी लोगों को गोदामों तक जाकर सिलिंडर लेने पड़ रहे हैं। इस कारण उनका खर्च भी बढ़ रहा है।उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी को कहा कि एजेंसियों को लोगों के फोन उठाने के निर्देश दिए जाएं।
लावारिस कुत्तों व बंदरों पर जताई चिंता
सदस्यों ने शहर व आसपास के क्षेत्रों में बंदरों और लावारिस कुत्तों के काटने के बढ़ रहे मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिमला में दो साल की बच्ची के साथ हुआ हादसा सोलन में भी हो सकता है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने वन विभाग और नगर निगम को इस ओर ध्यान देने के लिए कहा। बैठक में कर्नल संजय शांडिल, अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, एएसपी सोलन व बद्दी समेत कई अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।
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जलशक्ति विभाग ने नगर निगम पर आपूर्ति में मनमर्जी करने के जड़े आरोप
अधिकारी बोले, छह दिन का पानी एक ही दिन सप्लाई कर रहा निगम
पंचायत प्रतिनिधि बोले, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त न हुई तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपायुक्त कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में जिला योजना, विकास एवं 20-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई। इसमें शहर में जलसंकट के मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव कुमार ने मुद्दा उठाया कि शहर में पेयजल संकट बरकरार है। इसका सभी सदस्यों नेसमर्थन किया और शहर में गंभीर पेयजल संकट पर सवाल उठाए। उन्होंने नगर निगम और जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से सवाल किया कि लोगों को सात से आठ दिन बाद भी पर्याप्त पानी की सप्लाई क्यों नहीं दी जा रही।
हंगामा बढ़ता देख जलशक्ति विभाग के अधिकारी ने नगर निगम पर पानी की सप्लाई पर ही सवाल खड़े कर दिए। विभाग के अधिकारी ने बताया कि रोजाना 70 से 80 लाख लीटर पानी की सप्लाई दे रहे हैं, लेकिन निगम एक ही दिन में करीब छह दिनों का पानी सप्लाई करदेता है। जहां एक दिन में एक घर को केवल 500 से 600 लीटर तक ही पानी मिलना चाहिए, वहीं निगम हजारों लीटर पानी बांट रहा है, इससे समस्या पेश आ रही है। यदि मुख्य लाइन में कभी दिक्कत आए तो इनके पास जल भंडारण नहीं रहता और पानी का शेड्यूल बिगड़ जाता है।
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हालांकि इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। बैठक में मौजूद कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का मुद्दा उठाया। कहा कि घर-घर नल तो लगा दिए लेकिन पानी दे नहीं रहे। उन्होंने चेतावनी तक दे डाली कि यदि दो दिनों में पानी नहीं आया, तो धरना-प्रदर्शन ही एकमात्र उपाय रह जाएगा।
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सोलन-सुबाथू सड़क का काम एक सप्ताह में शुरू करने के निर्देश
कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सोलन-सुबाथू सड़क की खस्ता हालत को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के निर्देश के बाद भी अब तक सड़क का काम शुरू नहीं हुआ है। इस पर विभाग के अधिकारी ने कहा कि जल्द काम शुरू हो जाएगा। विधायक ने उन्हें साफ निर्देश दिए कि यदि टेंडर जारी हो गया है, तो एक सप्ताह के अंदर काम शुरू हो जाना चाहिए। वहीं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि शहर में सड़कों और नालियों की खस्ता हालत की ओर से भी विभाग को ध्यान देना चाहिए।
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अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे, उपायुक्त ने लगाई फटकार
बैठक के दौरान हर विभाग की ओर से किए गए पिछले और इस साल के कार्यों की समीक्षा की गई। जब श्रम विभाग की बारी आई, तो जिला श्रम अधिकारी बैठक में मौजूद ही नहीं थे। इस पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने अधिकारी को फोन कर बैठक में बुलाने के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि बैठकों के लिए अधिकारियों को पहले से ही कहा जाता है। इसके बाद भी बैठकों में मौजूद न होना लापरवाही के समान है।
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अस्पतामों में डेपुटेशन सिस्टम होगा बंद
समिति के सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के समक्ष मुद्दा उठाया कि डेपुटेशन पर डॉक्टरों को एक से दूसरे अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इस कारण दो स्थानों की जनता बा-बार परेशान होती रहती है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने कहा कि अब सरकार अस्पतालों में डॉक्टरों की सीधे नियुक्ति करेगी। किसी भी डॉक्टर को अब डेपुटेशन पर नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पताल में स्टाफ, डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों की कमी पूरी करने के लिए प्रयास कर रही है।
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गैस एजेंसियों से नहीं हो रहा संपर्क
सदस्यों ने कहा कि एजेंसी एजेंसियों की ओर से लोगों के फोन का कोई भी जवाब नहीं दिया जा रहा है। कई क्षेत्रों में अभी भी लोगों को गोदामों तक जाकर सिलिंडर लेने पड़ रहे हैं। इस कारण उनका खर्च भी बढ़ रहा है।उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी को कहा कि एजेंसियों को लोगों के फोन उठाने के निर्देश दिए जाएं।
लावारिस कुत्तों व बंदरों पर जताई चिंता
सदस्यों ने शहर व आसपास के क्षेत्रों में बंदरों और लावारिस कुत्तों के काटने के बढ़ रहे मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिमला में दो साल की बच्ची के साथ हुआ हादसा सोलन में भी हो सकता है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने वन विभाग और नगर निगम को इस ओर ध्यान देने के लिए कहा। बैठक में कर्नल संजय शांडिल, अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, एएसपी सोलन व बद्दी समेत कई अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।