फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   pregnant women should undergo routine check-ups

गर्भवती महिलाओं को करवानी चाहिए नियमित जांच : सपना

Wed, 04 Feb 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
कुष्ठ रोग से संबंधित भ्रांतियों को लेकर भी किए लोग जागरूक
विज्ञापन

सिविल अस्पताल अर्की में जागरूकता सत्र का किया आयोजन

संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। सिविल अस्पताल अर्की में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का उद्देश्य आम जनता को माता एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल और कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) की रोकथाम एवं जागरूकता के प्रति जागरूक करना रहा।इसका आयोजन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा उपस्थित लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दीं। कार्यक्रम में लगभग 45 लोगों ने भाग लिया।
प्रथम सत्र में सपना ठाकुर ने माता एवं शिशु देखभाल विषय पर जानकारी दी। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को उचित पोषण, नियमित जांच, टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव और प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु की देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए, आयरन, कैल्शियम एवं आवश्यक पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए व किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन


सपना ठाकुर ने नवजात शिशु के लिए स्तनपान के महत्व, टीकाकरण कार्यक्रम, स्वच्छता, संतुलित आहार व संक्रमण से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी। बताया कि शिशु के पहले 1000 दिन उसके संपूर्ण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इस अवधि में विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काउंसलर एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सेवाएं सिविल अस्पताल अर्की डॉ. विजय कुमार शांडिल ने कुष्ठ रोग जागरूकता विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग एक संक्रामक बीमारी है, जो बैक्टीरिया के कारण होती है, लेकिन समय पर उपचार से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। बताया कि कुष्ठ रोग के शुरुआती लक्षणों में त्वचा पर सफेद या सुन्न धब्बे, हाथ-पैरों में सुन्नता, घाव का देर से भरना आदि शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि ऐसे कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग छूने, साथ बैठने, खाना खाने या सामाजिक संपर्क से नहीं फैलता, इसलिए इससे पीड़ित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने अपने संबोधन में कहा कि माता एवं शिशु स्वास्थ्य तथा कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आम जनता को निशुल्क जांच, दवाइयां एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इन सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed