{"_id":"6a18960b8ac9b860700dab17","slug":"prayers-were-offered-for-peace-across-the-district-solan-news-c-176-1-ssml1044-170353-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: जिलेभर में नमाज अदा कर अमन की मांगी दुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: जिलेभर में नमाज अदा कर अमन की मांगी दुआ
विज्ञापन
मुस्लिम समुदाय के लोगों हर्षोल्लास से मनाया ईद-उल-जुहा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/बद्दी। जिलेभर में ईद-उल-जुहा (बकरीद) का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। सोलन के पुराने बस अड्डे के समीप जामा मस्जिद समेत नालागढ़-रोपड़ मार्ग पर स्थित ईदगाह व नालागढ़ रामशहर मार्ग पर तबलिगी मरकज सहित बीबीएन स्थित मस्जिदों में नमाज पढ़ी और समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज अदा करते हुए देश में अमन, शांति की दुआ मांगी। मौलाना शाहिद व मुफ्ती जावेद ने कहा कि प्रेम, दया, कुर्बानी और विश्वास का प्रतीक यह त्योहार कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर तमाम मुस्लिम भाईयों ने देश में अमन चैन, शांति व खुशहाली की दुआ मांगी जाती है।
मुस्लिम समुदाय में ईद उल जुहा का अपना एक महत्व है और यह त्योहार हजरत इब्राहिम और उनके बेटे हजरत इस्माइल को अल्लाह को खुश करने के लिए दी गई कुर्बानी के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। बकरीद के दिन हर वर्ष मुस्लिम समुदाय के लोग बकरों, भेड़ों आदि की कुर्बानी देते हैं, जो कि तीन दिनों तक चलती है। बद्दी के अनवारिया मस्जिद, आईशा मस्जिद, बरोटीवाला, हरायपुर, बिलांवाली स्थित मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई। देश में अमन शांति व खुशहाली की दुआ मांगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/बद्दी। जिलेभर में ईद-उल-जुहा (बकरीद) का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। सोलन के पुराने बस अड्डे के समीप जामा मस्जिद समेत नालागढ़-रोपड़ मार्ग पर स्थित ईदगाह व नालागढ़ रामशहर मार्ग पर तबलिगी मरकज सहित बीबीएन स्थित मस्जिदों में नमाज पढ़ी और समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज अदा करते हुए देश में अमन, शांति की दुआ मांगी। मौलाना शाहिद व मुफ्ती जावेद ने कहा कि प्रेम, दया, कुर्बानी और विश्वास का प्रतीक यह त्योहार कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर तमाम मुस्लिम भाईयों ने देश में अमन चैन, शांति व खुशहाली की दुआ मांगी जाती है।
मुस्लिम समुदाय में ईद उल जुहा का अपना एक महत्व है और यह त्योहार हजरत इब्राहिम और उनके बेटे हजरत इस्माइल को अल्लाह को खुश करने के लिए दी गई कुर्बानी के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। बकरीद के दिन हर वर्ष मुस्लिम समुदाय के लोग बकरों, भेड़ों आदि की कुर्बानी देते हैं, जो कि तीन दिनों तक चलती है। बद्दी के अनवारिया मस्जिद, आईशा मस्जिद, बरोटीवाला, हरायपुर, बिलांवाली स्थित मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई। देश में अमन शांति व खुशहाली की दुआ मांगी।
विज्ञापन