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Solan News: मां शूलिनी मेले के बाद शपथ करवाने पर सोलन में सियासी जंग तेज
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भाजपा का आरोप, मेले में पार्टी के प्रतिनिधियों को दूर रखने की साजिश
जिलाध्यक्ष बोले कांग्रेस हार से बौखलाकर अपना रही घटिया है हथकंडे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश के नगर निगमों में शपथ ग्रहण समारोह में देरी पर सियासी पारा चढ़ने लगा है। शहरी विकास विभाग ने 29 जून को शपथ करवाने की तिथि जारी कर दी है। उसी दिन महापौर और उपमहापौर का चुनाव होगा। मगर उससे पहले अब सोलन की राजनीति गर्मा गई है। शपथ की तिथि को अब शूलिनी मेले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सोलन में राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले का आयोजन 26 से 28 जून तक आयोजित होगा। मेले के पूरे आयोजन का जिम्मा जिला प्रशासन के साथ नगर निगम पर भी रहता है। नगर निगम की ओर से ही यहां पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहां तक कि मेले में सांस्कृतिक संध्याएं भी नगर निगम के पदाधिकारियों व अधिकारियों की देखरेख में होती हैं। नगर निगम के महापौर व उपमहापौर का भी इस मेले में अपना अलग स्थान रहता है। मेले में आने वाले मुख्यातिथि के साथ उन्हें भी सम्मानित किया जाता है। ऐसे में कहीं न कहीं अब शपथ में देरी को लेकर भी मां शूलिनी मेले से जोड़ा जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि सरकार यह नहीं चाहती है कि शूलिनी मेले में भाजपा के महापौर, उपमहापौर को तवज्जो मिले। ऐसे में वह जानबूझकर अब शपथ में देरी कर रही है।
इनसेट
31 मई को निकल गया था रिजल्ट
नगर निगम सोलन में 31 मई को मतगणना का कार्य पूरा हो गया था। नियमों के तहत 15 दिनों में चुने हुए प्रतिनिधियों की शपथ करवाना जरूरी होता है। वहीं शपथ के एक सप्ताह के भीतर ही नगर निगम में महापौर व उपमहापौर चयन को लेकर बैठक बुलाना भी जरूरी होता है। हालांकि अभी तक नगर निगम में जनप्रतिनिधियों की कोई शपथ नहीं हुई है, जिसे लेकर अब शहरी विकास विभाग ने स्थिति साफ कर दी है। 29 को शपथ के साथ ही महापौर व उपमहापौर के चुनाव होंगे।
भाजपा के पास है पूर्ण बहुमत
नगर निगम सोलन में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। यहां पर कुल 17 वार्डों में से भाजपा के 10, कांग्रेस के छह और एक पार्षद निर्दलीय है। ऐसे में भाजपा का यहां पर महापौर व उपमहापौर बनना तय है। इसके लिए भाजपा ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी कर दी है, जो भाजपा पार्षदों की राय पर महापौर व उपमहापौर का चयन करेंगे लेकिन उससे पहले अब तिथि 29 जून तय होने के बाद भाजपा ने सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है।
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कोट
प्रदेश सरकार हार के बाद बौखला गई है और हर हथकंडे अपना रही है। राष्ट्रीय स्तरीय मां शूलिनी मेले में भाजपा के महापौर व उपमहापौर को दूर रखने के लिए यह सारा प्रोपोगेंडा सरकार ने अपनाया है। इससे कांग्रेस को खरीद फरोख्त के लिए भी समय मिल जाएगा। सरकार अब तंत्र का प्रयोग कर रही है। जो लोग चुनकर आए हैं किसी की जमीनें नपवा रही है, किसी के भाइयों व पत्नियों की ट्रांसफर करवा रही। सरकार पहले ही चुनाव नहीं करवाना चाहती थी। इसलिए नवंबर में जो चुनाव हो जाने चाहिए थे, वह कोर्ट के आदेशों के बाद मई में करवाए।
रतन सिंह पाल, जिलाध्यक्ष,भाजपा
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जिलाध्यक्ष बोले कांग्रेस हार से बौखलाकर अपना रही घटिया है हथकंडे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश के नगर निगमों में शपथ ग्रहण समारोह में देरी पर सियासी पारा चढ़ने लगा है। शहरी विकास विभाग ने 29 जून को शपथ करवाने की तिथि जारी कर दी है। उसी दिन महापौर और उपमहापौर का चुनाव होगा। मगर उससे पहले अब सोलन की राजनीति गर्मा गई है। शपथ की तिथि को अब शूलिनी मेले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सोलन में राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले का आयोजन 26 से 28 जून तक आयोजित होगा। मेले के पूरे आयोजन का जिम्मा जिला प्रशासन के साथ नगर निगम पर भी रहता है। नगर निगम की ओर से ही यहां पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहां तक कि मेले में सांस्कृतिक संध्याएं भी नगर निगम के पदाधिकारियों व अधिकारियों की देखरेख में होती हैं। नगर निगम के महापौर व उपमहापौर का भी इस मेले में अपना अलग स्थान रहता है। मेले में आने वाले मुख्यातिथि के साथ उन्हें भी सम्मानित किया जाता है। ऐसे में कहीं न कहीं अब शपथ में देरी को लेकर भी मां शूलिनी मेले से जोड़ा जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि सरकार यह नहीं चाहती है कि शूलिनी मेले में भाजपा के महापौर, उपमहापौर को तवज्जो मिले। ऐसे में वह जानबूझकर अब शपथ में देरी कर रही है।
इनसेट
31 मई को निकल गया था रिजल्ट
नगर निगम सोलन में 31 मई को मतगणना का कार्य पूरा हो गया था। नियमों के तहत 15 दिनों में चुने हुए प्रतिनिधियों की शपथ करवाना जरूरी होता है। वहीं शपथ के एक सप्ताह के भीतर ही नगर निगम में महापौर व उपमहापौर चयन को लेकर बैठक बुलाना भी जरूरी होता है। हालांकि अभी तक नगर निगम में जनप्रतिनिधियों की कोई शपथ नहीं हुई है, जिसे लेकर अब शहरी विकास विभाग ने स्थिति साफ कर दी है। 29 को शपथ के साथ ही महापौर व उपमहापौर के चुनाव होंगे।
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भाजपा के पास है पूर्ण बहुमत
नगर निगम सोलन में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। यहां पर कुल 17 वार्डों में से भाजपा के 10, कांग्रेस के छह और एक पार्षद निर्दलीय है। ऐसे में भाजपा का यहां पर महापौर व उपमहापौर बनना तय है। इसके लिए भाजपा ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी कर दी है, जो भाजपा पार्षदों की राय पर महापौर व उपमहापौर का चयन करेंगे लेकिन उससे पहले अब तिथि 29 जून तय होने के बाद भाजपा ने सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है।
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कोट
प्रदेश सरकार हार के बाद बौखला गई है और हर हथकंडे अपना रही है। राष्ट्रीय स्तरीय मां शूलिनी मेले में भाजपा के महापौर व उपमहापौर को दूर रखने के लिए यह सारा प्रोपोगेंडा सरकार ने अपनाया है। इससे कांग्रेस को खरीद फरोख्त के लिए भी समय मिल जाएगा। सरकार अब तंत्र का प्रयोग कर रही है। जो लोग चुनकर आए हैं किसी की जमीनें नपवा रही है, किसी के भाइयों व पत्नियों की ट्रांसफर करवा रही। सरकार पहले ही चुनाव नहीं करवाना चाहती थी। इसलिए नवंबर में जो चुनाव हो जाने चाहिए थे, वह कोर्ट के आदेशों के बाद मई में करवाए।
रतन सिंह पाल, जिलाध्यक्ष,भाजपा