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अब प्रशासन से लेनी होगी भंडारे लगाने की अनुमित
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Fri, 13 May 2016 10:07 PM IST
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राज्य स्तरीय शूलिनी मेले में इस वर्ष भंडारा लगाने के इच्छुक श्रद्धालुओं को अब प्रशासन से मंजूरी लेनी होगी। मां के पर्व में भंडारा लगाने के लिए पहले उपमंडल अधिकारी सोलन के कार्यालय में आवेदन करना होगा। तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने पर प्रशासन भंडारा लगाने की अनुमति प्रदान करेगी। तीन दिवसीय मेले में भंडारा लगाने के इच्छुक व्यक्तियों को 4 जून तक उपमंडल अधिकारी सोलन के कार्यालय में आवेदन करने की शर्त है। इस तिथि के उपरांत भंडारे के लिए कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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एसडीएम एकता कापटा ने कहा कि उपायुक्त सोलन ने राज्य स्तरीय शूलिनी मेले के लिए आयोजित बैठक में इस संदर्भ में निर्देश दिए थे ताकि मेले के दौरान उचित व्यवस्था बनी रहे। राज्य स्तरीय शूलिनी मेला 24 जून से 26 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रशासन पारंपरिक विधि विधान के साथ इस मेले को संपन्न करने की तैयारियों में जुटें है। वर्ष 2015 में मां की पालकी को लेकर उठे विवाद के बाद प्रशासन अलर्ट है। लिहाजा इस बार ऐसा कोई विवाद उत्पन्न न हो और प्रशासन खास इसका ध्यान रखेगा।
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खाने पीने की चीजों में विविधता की कोशिश
सोलन की अधिष्ठात्री मां देवी शूलिनी के पर्व में श्रद्धालु असंख्य लोगों के लिए भंडारे लगाते हैं। मालरोड से लेकर सर्कुलर रोड, बाइपास, राजगढ़ मार्ग तक काफी संख्या में मां के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था होती है। खाने-पीने की चीजें लगभग एक जैसी होती हैं। लिहाजा इस बार प्रशासन की कोशिश है कि खाने की चीजें एक जैसी न हों, बल्कि विविध हों। तीन दिन तक खूब भंडारे लगाए जाते हैं। लेकिन इस दौरान गंदगी और साफ सफाई के अभाव में लोगों को भारी दिक्कतें होती हैं। बिना परमिशन के लगे भंडारों के कारण अव्यवस्था का माहौल रहता है।
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बेहतर कार्य पर होंगे पुरस्कृत
पुलिस और प्रशासन के अलावा मेले में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयं सेवियों की सहायता भी ली जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवियों को पुरस्कृत किए जाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। हाल ही में शूलिनी मेले के आयोजन को लेकर बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी है। मेले से पूर्व अग्निशमन, पुलिस, चिकित्सा सेवाएं और यातायात प्रबंधन के नियमित अभ्यास के निर्देश दिए।