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अलग पंचायत की मांग नहीं हुई पूरी, अब चुनाव का होगा बहिष्कार
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अर्की (सोलन)। विधानसभा क्षेत्र अर्की में अलग पंचायत की मांग पूरी न होने के चलते ग्राम पंचायत शहरोल के वार्ड धैना और ग्राम पंचायत बलेरा के वार्ड झुंडला के ग्रामीणों ने मतदान का पूर्ण बहिष्कार करने मन बना लिया है। ग्राम सुधार समिति धैना के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा और ग्रामवासियों ने नायब तहसीलदार रामलाल के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री हिमाचल को दिया।
कुलदीप शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत बलेरा के वार्ड झुंडला और पंचायत शहरोल के वार्ड धैना के सैकड़ों ग्रामीण 2009 से लगातार पंजपिपलू के वार्ड धैना को लगातार अलग पंचायत बनाने की मांग सरकार व प्रशाषन करते आ रहे हैं लेकिन सरकार व प्रशासन केवल आज तक कोरे आश्वासन देता रहा है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया। गौर रहे कि इन दो वार्डों के लोगों को भौगोलिक दृष्टि से किसी भी पंचायत संबंधित कार्य के लिए लगभग 12 से 15 किलोमीटर जंगली रास्ते से पैदल पंचायत मुख्यालय पर पहुंचना पड़ता है।
इस कारण अलग पंचायत की मांग की जा रही है लेकिन सरकार और प्रशासन की ग्रामीणों की अलग पंचायत की मांग को दरकिनार कर सौतेला व्यवहार करने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। इन दो वार्डों के ग्रामीणों ने इस बार मतदान का पूर्ण बहिष्कार का मन बना लिया है। दोनों वार्डों के कोई भी निवासी पंचायत चुनाव में मतदान नहीं करेगा।
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कुलदीप शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत बलेरा के वार्ड झुंडला और पंचायत शहरोल के वार्ड धैना के सैकड़ों ग्रामीण 2009 से लगातार पंजपिपलू के वार्ड धैना को लगातार अलग पंचायत बनाने की मांग सरकार व प्रशाषन करते आ रहे हैं लेकिन सरकार व प्रशासन केवल आज तक कोरे आश्वासन देता रहा है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया। गौर रहे कि इन दो वार्डों के लोगों को भौगोलिक दृष्टि से किसी भी पंचायत संबंधित कार्य के लिए लगभग 12 से 15 किलोमीटर जंगली रास्ते से पैदल पंचायत मुख्यालय पर पहुंचना पड़ता है।
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इस कारण अलग पंचायत की मांग की जा रही है लेकिन सरकार और प्रशासन की ग्रामीणों की अलग पंचायत की मांग को दरकिनार कर सौतेला व्यवहार करने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। इन दो वार्डों के ग्रामीणों ने इस बार मतदान का पूर्ण बहिष्कार का मन बना लिया है। दोनों वार्डों के कोई भी निवासी पंचायत चुनाव में मतदान नहीं करेगा।
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