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Solan News: बीबीएन में मक्की की फसल में सूंडी रोग का प्रकोप

Wed, 15 Jul 2026 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Wed, 15 Jul 2026 11:42 PM IST
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Outbreak of caterpillar infestation in maize crops in BBN.
नालागढ़ में मक्की की  फसल में लगा सूंडी रोग- संवाद।
बारिश की कमी के चलते फसल में लग रहा है रोग
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बीबीएन में चार हजार हेक्टेयर जमीन पर लगी है फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बीबीएन क्षेत्र में मक्की की फसल पर सुंडी रोग का हमला हुआ है। इससे क्षेत्र के हजारों किसानों की 4000 हेक्टेयर से अधिक मक्की की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। पिछले एक सप्ताह से बारिश न होने को इस रोग के फैलने का मुख्य कारण माना जा रहा है। किसानों ने करीब 20 दिन पहले ही मक्की की बुवाई की थी। सुंडी रोग मक्की के पौधे के बीच के हिस्से में अंडे देता है। इन अंडों से हजारों की संख्या में कीटनाशक तैयार होते हैं। ये कीट दूसरे पौधों पर फैलकर उन्हें भी संक्रमित करते हैं। यह कीट पत्तों और तनों का रस चूसकर उन्हें सूखा देता है, जिससे फसल नष्ट हो जाती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश होने पर पौधे के गोब में पानी भरने से ये परजीवी स्वयं समाप्त हो जाते हैं। हालांकि, बीबीएन में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। खेड़ा के किसान अवतार सिंह, लोधी माजरा से सौढ़ी राम, मनोहर सिंह और अमर चंद ने बताया कि उनके खेतों में भी सुंडी रोग लग गया है। मझोली के सुच्चा सिंह और दभोटा के सुरमुख सिंह ने भी यही बात कही।
किसानों का कहना है कि इस रोग से उनकी पूरी फसल बर्बाद हो रही है। प्रगतिशील किसान राहुल चौहान ने एक प्राकृतिक उपाय सुझाया है। उन्होंने बताया कि किसान अपने खेतों के बीच में बांस की लकड़ी की टी बनाकर गाड़ दें। इससे पक्षियों को बैठने की जगह मिलेगी। पक्षी इन कीटों को देखकर खा जाएंगे, जिससे काफी हद तक रोग से छुटकारा मिल सकता है।
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उधर, कृषि विभाग के विषय वाद विशेषज्ञ डॉ. संदीप गौतम ने किसानों को रासायनिक उपचार की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि किसान कोराजीन नामक दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक लीटर पानी में डेढ़ एमएल दवा मिलाकर छिड़काव करने से यह कीट मर जाता है। डॉ. गौतम ने यह भी दोहराया कि बारिश होने पर मक्की के पौधे में पानी भरने से सुंडी रोग अपने आप खत्म हो जाता है।
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4000 हेक्टेयर में मक्की की खेती
बीबीएन क्षेत्र में लगभग 4000 हेक्टेयर भूमि पर किसान मक्की की खेती करते हैं। यह फसल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान प्रकोप से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। यदि जल्द ही बारिश नहीं होती या प्रभावी उपाय नहीं किए जाते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसान अब बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और साथ ही कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर अमल कर रहे हैं।
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