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सरकार के आदेशों को नहीं मानते अफसर
ब्यूरो, अरकी सोलन
Updated Wed, 16 Nov 2016 08:55 AM IST
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हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कल्याण मंच अर्की की बैठक में पेंशन की पूरी व्यवस्था महालेखाकार को सौंपने की अपील की है।
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कल्याण मंच अर्की की बैठक में पेंशन की पूरी व्यवस्था महालेखाकार को सौंपने की अपील की है। प्रदेश सरकार पर निगम से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
बैठक में सवाल उठाए कि सरकार यह स्पष्ट करें कि प्रदेश मंत्रिमंडल का फैसला बड़ा है या निगम निदेशक मंडल का। एक ओर जहां मंत्रिमंडल में परिवहन मंत्री फैसले से सहमत होते हैं तो दूसरी तरफ निदेशक मंडल के अध्यक्ष होने के नाते कर्मचारियों के देय वित्तीय लाभों को लंबे समय के लिए लटका दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि निगम के निदेशक मंडल की बैठक तक नहीं होती है। इससे निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया लंबित रहता है। ऐसे में आखिर क्यों मंत्रिमंडल की बैठकों में लंबित लाभों पर सहमती जताई जाती है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को 125 प्रतिशत महंगाई भत्ते और 5 प्रतिशत अंतरिम राहत भुगतान के आदेश पारित कर दिए हैं। निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इसका लाभ आज तक नहीं मिला है। इसका मंच विरोध करता है। बैठक मंच अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में कुनिहार में हुई।
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बैठक में मौजूद सदस्यों ने हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कल्याण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि निगम से सेवानिवृत्त हजारों कर्मचारियों के हित में पेंशन का भुगतान राजकोष से किया जाए। पेंशन की पूरी व्यवस्था के लिए महालेखाकार हिमाचल प्रदेश को सौंपने की अपील की।
बैठक में भूपचंद अत्री, रघुनाथ शर्मा, बलवीर सिंह चौधरी, राजेंद्र राणा, परमानंद शर्मा, प्रेम चौधरी, टेकचंद, शीशराम, रामलाल, छांगू राम, बुधराम, रमेश चंद, संतराम, हेम राम, किशन चंद, हेतराम, भगतराम, परस राम, रघुवीर दास, रतिराम, श्यामलाल मेहता, अमर सिंह, संतराम, मोहनलाल, रामचंद शर्मा और शंकरलाल मौजूद रहे।