{"_id":"58aae6664f1c1b0953b23295","slug":"now-childrn-study-in-science","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब कक्षा के बाहर विज्ञान पढ़ेंगे स्कूली बच्चे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब कक्षा के बाहर विज्ञान पढ़ेंगे स्कूली बच्चे
ब्यूरो, सोलन
Updated Mon, 20 Feb 2017 10:25 PM IST
विज्ञापन
विज्ञान और गणित जैसे जटिल विषयों में विद्यार्थियों की रुचि अब बंद क्लासरूम में नहीं बढ़ाई जाएगी।
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञान और गणित जैसे जटिल विषयों में विद्यार्थियों की रुचि अब बंद क्लासरूम में नहीं बढ़ाई जाएगी। स्टूडेंट्स को कक्षाओं से बाहर इन विषयों का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण के साइंस सिटी और संबंधित संस्थानों में ले जाकर विज्ञान की बारीकियों को समझाया जाएगा। साथ ही प्रदर्शनियों की मद्द से गणित के विभिन्न फार्मूलों को याद करवाने पर काम होगा।
विज्ञापन
सरकारी स्कूल के बच्चों में विज्ञान और गणित विषयों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत जिला के छह सरकारी स्कूलों का चयन होगा। इसमें कंडाघाट, रामशहर, कुठाड़ और धुंधन स्कूल को चयन हुआ है। अभी दो स्कूलों का चयन बाकी है। इसका खुलासा सर्व शिक्षा अभियान एवं आरएमएसए के तहत तहत डाइट सोलन में आयोजित बैठक में हुआ।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि इस अभियान के तहत जिला के बच्चों को मुश्किल लगने वाले विषय विज्ञान और गणित के प्रति उत्साह पैदा करना है। बच्चों को इन विषयों के प्रति आकर्षित करने के साथ उनके शोधों के बारे में जानकारी देना है। अभियान के तहत हजारों छात्रों को कक्षाओं से बाहर साइंस और मैथ को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही स्कूलों में विज्ञान प्रदर्शनी लगाई जाती है। इसमें छात्र खुद मॉडल तैयार करते हैं। साथ ही अन्य विद्यार्थियों को भी इन विषयों के प्रति जागरूक करते हैं।
विज्ञापन
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सौजन्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय आविष्कार अभियान को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने शुरू किया था। इसके तहत वर्ष 2015-16 में जिला में पहली बार गर्ल्स स्कूल सोलन, शमरोड़, ममलीग और दभोटा स्कूल का चयन किया गया। इसमें चयनित स्कूलों के छात्र-छात्राओं को साइंस सिटी कपूरथला और अन्य संस्थानों का भ्रमण भी करवाया गया। साथ ही विभिन्न प्रोजेक्टों के माध्यम से विज्ञान और गणित विषय को समझने में सहायता मिली। इसके बाद वर्ष 2016-17 में भी इसी तरह जिला के तीन स्कूल जिनमें धर्मपुर, अर्की (छात्र) और नालागढ़(कन्या) स्कूल शामिल रहे।
बच्चों में पैदा होगी विज्ञान के प्रति रुचि : नेगी
जिला परियोजना अधिकारी सोलन तरविंद्र कौर नेगी ने बताया कि इस वर्ष इस अभियान के तहत जिला के छह स्कूलों का चयन किया जाएगा। इसमें चार स्कूलों का चयन हो चुका है। लेकिन दो स्कूलों का चयन करना बाकी है। बताया कि ऐसे अभियानों द्वारा बच्चों में छोटी उम्र में ही विज्ञान और गणित जैसे विषयों के प्रति उत्साह पैदा किया जा सकता है। बैठक में ओपी कायस्थ, हेमराज कौशिक, नरेंद्र शर्मा, अनीता कौशल, डीएस पठानिया और सुनील चौहान समेत कई अन्य मौजूद रहे।