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Solan News: जिला शिमला के 70 बड़े डिफाल्टरों की 21 को राजस्व अदालत में पेशी
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एससीएसटी कॉर्पोरेशन ने शिमला के 150 डिफाल्टरों को दिए नोटिस
करीब 15 सालों से पांच करोड़ से ज्यादा राशि दबाए बैठे हैं डिफाल्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाती एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससीएसटी कॉर्पोरेशन) की ओर से शिमला के 70 सबसे बड़े डिफाल्टरों की 21 अगस्त को राजस्व अदालत में पेशी लगाई जाएगी। वहीं 80 और डिफॉल्टरों की पेशी की तैयारियां भी की जा रही हैं। जिला शिमला के इन 150 डिफाल्टरों के पास निगम का सबसे अधिक पैसा सालों से अटका पड़ा है। निगम ने अपने इन सबसे बड़े डिफाल्टरों की लिस्ट खंगाल उन्हें राजस्व अदालत में पेश होने के नोटिस जारी करने कर दिए हैं। इन डिफाल्टरों ने 15 सालों से 5.84 करोड़ रुपये की राशि दबाए रखी है।
निगम की ओर से पहली बार एक इन 150 डिफाल्टरों की पेशी अदालत में लगाई जाएगी। निगम की ओर से अभी 70 डिफाल्टरों को 21 अगस्त को राजस्व अदालत शिमला में पेश होने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इनमें से प्रत्येक डिफाल्टर के पास निगम के लगभग 4 लाख रुपये अटके हुए हैं। निगम की ओर से इन सभी डिफाल्टरों को 4 से 5 बार लोन चुकाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन पैसा न मिलने पर अब निगम को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है। अदालत के बाद भी रकम न चुकाने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ निगम गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर सकता है। साथ ही डिफाल्टरों की संपत्ति को भी कब्जे में लेकर उसकी नीलामी कर सकता है।
कोट
निगम की ओर से पिछले दो सालों में रिकवरी को तेज किया गया है। इसी को आगे बढ़ाते हुए निगम लगातार डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार कर अदालत में पेश होने के नोटिस जारी कर रहा है। निगम हर डिफाल्टरों को पैसे चुकाने के कई मौके दे रहा है। वे पैसे नहीं चुका रहे हैं इसलिए निगम को सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है।
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- राहुल जैन, प्रबंध निदेशक, एससीएसटी कॉर्पोरेशन
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करीब 15 सालों से पांच करोड़ से ज्यादा राशि दबाए बैठे हैं डिफाल्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाती एवं अनुसूचित जनजाति निगम (एससीएसटी कॉर्पोरेशन) की ओर से शिमला के 70 सबसे बड़े डिफाल्टरों की 21 अगस्त को राजस्व अदालत में पेशी लगाई जाएगी। वहीं 80 और डिफॉल्टरों की पेशी की तैयारियां भी की जा रही हैं। जिला शिमला के इन 150 डिफाल्टरों के पास निगम का सबसे अधिक पैसा सालों से अटका पड़ा है। निगम ने अपने इन सबसे बड़े डिफाल्टरों की लिस्ट खंगाल उन्हें राजस्व अदालत में पेश होने के नोटिस जारी करने कर दिए हैं। इन डिफाल्टरों ने 15 सालों से 5.84 करोड़ रुपये की राशि दबाए रखी है।
निगम की ओर से पहली बार एक इन 150 डिफाल्टरों की पेशी अदालत में लगाई जाएगी। निगम की ओर से अभी 70 डिफाल्टरों को 21 अगस्त को राजस्व अदालत शिमला में पेश होने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इनमें से प्रत्येक डिफाल्टर के पास निगम के लगभग 4 लाख रुपये अटके हुए हैं। निगम की ओर से इन सभी डिफाल्टरों को 4 से 5 बार लोन चुकाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन पैसा न मिलने पर अब निगम को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है। अदालत के बाद भी रकम न चुकाने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ निगम गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर सकता है। साथ ही डिफाल्टरों की संपत्ति को भी कब्जे में लेकर उसकी नीलामी कर सकता है।
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कोट
निगम की ओर से पिछले दो सालों में रिकवरी को तेज किया गया है। इसी को आगे बढ़ाते हुए निगम लगातार डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार कर अदालत में पेश होने के नोटिस जारी कर रहा है। निगम हर डिफाल्टरों को पैसे चुकाने के कई मौके दे रहा है। वे पैसे नहीं चुका रहे हैं इसलिए निगम को सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है।
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- राहुल जैन, प्रबंध निदेशक, एससीएसटी कॉर्पोरेशन